लखनऊ में मंगलवार को ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन अभ्यर्थियों ने बारिश के मौसम के बीच मानव श्रृंखला बनाकर डिप्टी सीएम के आवास का घंटों घेराव किया। इन अभ्यर्थियों में UPSSSC की भर्ती परीक्षा के परिणाम में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर भारी नाराजगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि साल 2023 में भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन अब तक इसके परिणाम का कुछ पता नहीं है। समय से परीक्षा परिणाम जारी न होने के लिए अभ्यर्थियों ने सीधे तौर पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को जिम्मेदार ठहराया है। अभ्यर्थियों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी कई परीक्षाएं हो रखी हैं जिनका रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है, वहीं कई प्रतियोगी परीक्षाओं के तो केवल फॉर्म ही भरे गए हैं लेकिन अब तक परीक्षा का आयोजन ही नहीं कराया गया है।
लखनऊ में मंगलवार को ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन अभ्यर्थियों ने बारिश के मौसम के बीच मानव श्रृंखला बनाकर डिप्टी सीएम के आवास का घंटों घेराव किया। इन अभ्यर्थियों में UPSSSC की भर्ती परीक्षा के परिणाम में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर भारी नाराजगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि साल 2023 में भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन अब तक इसके परिणाम का कुछ पता नहीं है। समय से परीक्षा परिणाम जारी न होने के लिए अभ्यर्थियों ने सीधे तौर पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को जिम्मेदार ठहराया है। अभ्यर्थियों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी कई परीक्षाएं हो रखी हैं जिनका रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है, वहीं कई प्रतियोगी परीक्षाओं के तो केवल फॉर्म ही भरे गए हैं लेकिन अब तक परीक्षा का आयोजन ही नहीं कराया गया है।
- संसद परिसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुरक्षाकर्मियों (मार्शलों व बॉडीगार्ड्स) के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। लोकसभा में प्रवेश और आवाजाही के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर सांसद संजय सिंह बेहद नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर ही अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह घटना उस समय हुई जब संजय सिंह संसद परिसर के भीतर जा रहे थे और सुरक्षाकर्मियों ने प्रक्रिया या जांच के नाम पर उन्हें रोक दिया। इस बात पर आप सांसद का पारा चढ़ गया और उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी देर तक तीखी बहस हुई। संजय सिंह ने इसे गलत परंपरा बताते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद के भीतर जाने और अपनी बात रखने से इस तरह रोकना अनुचित है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा रवैया समझ से परे है और संसद में उनकी आवाजाही को बेवजह नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्षी खेमे में भी सुरक्षा के नाम पर सांसदों को रोके जाने को लेकर गहरा असंतोष देखा गया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों और सांसदों के बीच समन्वय के मुद्दे को गरमा दिया है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन भवन का घेराव किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद जन भवन के बाहर प्रदर्शन काफी बढ़ गया। इस प्रदर्शन के मद्देनजर जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।1
- दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ में जन भवन पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए जन भवन के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी थोड़ी ही देर में वहां पहुंचने की सूचना है।1
- NEET आंदोलन को लेकर पहली आधिकारिक बातचीत के तहत जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।1
- जंतर-मंतर पर अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर पहुँची एक माँ बिलख-बिलखकर रो पड़ी और अपना आक्रोश व्यक्त किया। महिला ने रोते हुए कहा, "मेरे दोनों बच्चे लाई हूँ, इनको भी मार दो। कल कितने सारे बच्चों के सर फोड़े हैं आपने।" जंतर-मंतर पर माँ का यह दर्द और उसका गुस्सा साफ़ नज़र आया, जहाँ उसने बच्चों पर हुए अत्याचार को लेकर यह तीखा बयान दिया।1
- संसद के बाहर जारी विरोध प्रदर्शन और “संसद चलो” मार्च के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार एक्शन मोड में नजर आए हैं। उन्होंने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय से पूरे हालात की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान, गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की गईं। सरकार की पूरी प्राथमिकता संसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने पर केंद्रित रही।1
- दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वायरल वीडियो के साथ महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग किए जाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो और उनमें किए जा रहे दावों की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामले में आधिकारिक पक्ष का अभी इंतजार किया जा रहा है।1