logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

रोपवे पर ‘रेस्क्यू रिहर्सल’: आस्था की उड़ान, सुरक्षा का इम्तिहान, मनसा देवी–चंडी देवी रोपवे पर आपदा से पहले तैयारी का दमदार प्रदर्शन रोपवे पर ‘रेस्क्यू रिहर्सल’: आस्था की उड़ान, सुरक्षा का इम्तिहान मनसा देवी–चंडी देवी रोपवे पर आपदा से पहले तैयारी का दमदार प्रदर्शन स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ | हरिद्वार तीर्थ नगरी हरिद्वार की धड़कनों में बसने वाले और रोपवे पर आज सुरक्षा का एक सशक्त संदेश गूंजा। श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही वाले इन दोनों रोपवे मार्गों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, आर्मी और अन्य राहत दलों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का व्यापक अभ्यास किया। यह सिर्फ एक औपचारिक अभ्यास नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि आस्था के आकाश में उड़ान भरते समय सुरक्षा की ज़मीन कितनी मजबूत है। “अगर रोपवे थमे तो क्या होगा?”—हर संभावित संकट पर परखा गया तंत्र रोपवे में तकनीकी, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की स्थिति में किस प्रकार त्वरित राहत और बचाव कार्य किया जाए—इसका सजीव प्रदर्शन किया गया। कल्पना की गई कि रोपवे के केबिन हवा में रुक गए हैं, श्रद्धालु अंदर फंसे हैं, नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ है—ऐसे में किस प्रकार टीम भावना, तकनीकी दक्षता और संयम के साथ कार्य करना है, इसका चरणबद्ध अभ्यास हुआ। ऊंचाई पर रस्सियों के सहारे रेस्क्यू केबिन तक सुरक्षित पहुंच बनाना घबराए यात्रियों को प्राथमिक उपचार भीड़ नियंत्रण और वैकल्पिक मार्ग प्रबंधन कंट्रोल रूम से समन्वय और संचार व्यवस्था हर पहलू को वास्तविक परिस्थिति की तरह निभाया गया। टीम वर्क की मिसाल: एसडीआरएफ की फुर्ती, एनडीआरएफ की रणनीति अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ की चुस्ती और तकनीकी दक्षता विशेष रूप से उभरकर सामने आई। ऊंचाई पर फंसे यात्रियों तक पहुंचने में उनकी फुर्ती और संतुलन ने दर्शाया कि आपदा के समय सेकंडों की कीमत समझी जाती है। एनडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने सामूहिक रणनीति के तहत ज़मीन से लेकर हवा तक समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया। आर्मी के जवानों ने रस्सी तकनीक और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया। उच्च अधिकारियों ने विशेष रूप से एसडीआरएफ के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसी तैयारी ही किसी बड़ी दुर्घटना को त्रासदी बनने से रोक सकती है।” आस्था के साथ सुरक्षा का संतुलन क्यों ज़रूरी? हरिद्वार में पर्व, स्नान और विशेष अवसरों पर रोपवे में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। लाखों श्रद्धालु इन पर्वत शिखरों तक पहुंचने के लिए रोपवे का सहारा लेते हैं। ऐसे में एक छोटी सी तकनीकी चूक भी बड़ी चुनौती बन सकती है। इसलिए यह मॉक ड्रिल केवल अभ्यास नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन की गंभीर तैयारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि— “आपदा कभी सूचना देकर नहीं आती, लेकिन तैयारी उसे पराजित कर सकती है।” सामंजस्य ही सुरक्षा की असली कुंजी मॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था—टीमों के बीच सामंजस्य। रेस्क्यू ऑपरेशन केवल तकनीक का खेल नहीं, बल्कि तालमेल, संवाद और नेतृत्व का भी परीक्षण है। जब एक टीम ऊपर कार्य कर रही होती है, दूसरी नीचे सुरक्षा घेरे में रहती है, तीसरी मेडिकल सहायता के लिए तैयार रहती है—तभी संपूर्ण बचाव चक्र पूर्ण होता है। आज का अभ्यास यह साबित करता है कि तीर्थ नगरी में सुरक्षा तंत्र सतर्क है और आपदा की किसी भी आशंका से निपटने को तैयार है। संदेश साफ है: ‘भय नहीं, भरोसा’ मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे पर हुआ यह संयुक्त मॉक अभ्यास श्रद्धालुओं के लिए भरोसे का संदेश है। आस्था के मार्ग पर यदि सुरक्षा का कवच मजबूत हो, तो श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकते हैं। हरिद्वार की फिजा में आज यह स्पष्ट संकेत था— “आपदा से पहले अभ्यास, ही सुरक्षा की असली साधना है।” (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से)

23 hrs ago
user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
23 hrs ago

रोपवे पर ‘रेस्क्यू रिहर्सल’: आस्था की उड़ान, सुरक्षा का इम्तिहान, मनसा देवी–चंडी देवी रोपवे पर आपदा से पहले तैयारी का दमदार प्रदर्शन रोपवे पर ‘रेस्क्यू रिहर्सल’: आस्था की उड़ान, सुरक्षा का इम्तिहान मनसा देवी–चंडी देवी रोपवे पर आपदा से पहले तैयारी का दमदार प्रदर्शन स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ | हरिद्वार तीर्थ नगरी हरिद्वार की धड़कनों में बसने वाले और रोपवे पर आज सुरक्षा का एक सशक्त संदेश गूंजा। श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही वाले इन दोनों रोपवे मार्गों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, आर्मी और अन्य राहत दलों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का व्यापक अभ्यास किया। यह सिर्फ एक औपचारिक अभ्यास नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि आस्था के आकाश में उड़ान भरते समय सुरक्षा की ज़मीन कितनी मजबूत है। “अगर रोपवे थमे तो क्या होगा?”—हर संभावित संकट पर परखा गया तंत्र रोपवे में तकनीकी, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की स्थिति में किस प्रकार

dfaa6dc2-9182-416d-bc81-0a1a4254f283

त्वरित राहत और बचाव कार्य किया जाए—इसका सजीव प्रदर्शन किया गया। कल्पना की गई कि रोपवे के केबिन हवा में रुक गए हैं, श्रद्धालु अंदर फंसे हैं, नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ है—ऐसे में किस प्रकार टीम भावना, तकनीकी दक्षता और संयम के साथ कार्य करना है, इसका चरणबद्ध अभ्यास हुआ। ऊंचाई पर रस्सियों के सहारे रेस्क्यू केबिन तक सुरक्षित पहुंच बनाना घबराए यात्रियों को प्राथमिक उपचार भीड़ नियंत्रण और वैकल्पिक मार्ग प्रबंधन कंट्रोल रूम से समन्वय और संचार व्यवस्था हर पहलू को वास्तविक परिस्थिति की तरह निभाया गया। टीम वर्क की मिसाल: एसडीआरएफ की फुर्ती, एनडीआरएफ की रणनीति अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ की चुस्ती और तकनीकी दक्षता विशेष रूप से उभरकर सामने आई। ऊंचाई पर फंसे यात्रियों तक पहुंचने में उनकी फुर्ती और संतुलन ने दर्शाया कि आपदा के समय सेकंडों की कीमत समझी जाती है। एनडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने सामूहिक रणनीति के तहत ज़मीन

4d81add5-c8a5-4645-802b-f97752a34200

से लेकर हवा तक समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया। आर्मी के जवानों ने रस्सी तकनीक और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया। उच्च अधिकारियों ने विशेष रूप से एसडीआरएफ के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसी तैयारी ही किसी बड़ी दुर्घटना को त्रासदी बनने से रोक सकती है।” आस्था के साथ सुरक्षा का संतुलन क्यों ज़रूरी? हरिद्वार में पर्व, स्नान और विशेष अवसरों पर रोपवे में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। लाखों श्रद्धालु इन पर्वत शिखरों तक पहुंचने के लिए रोपवे का सहारा लेते हैं। ऐसे में एक छोटी सी तकनीकी चूक भी बड़ी चुनौती बन सकती है। इसलिए यह मॉक ड्रिल केवल अभ्यास नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन की गंभीर तैयारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि— “आपदा कभी सूचना देकर नहीं आती, लेकिन तैयारी उसे पराजित कर सकती है।” सामंजस्य ही सुरक्षा की असली कुंजी मॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू

00df88d4-7bdc-4320-9bad-27388c6baaee

था—टीमों के बीच सामंजस्य। रेस्क्यू ऑपरेशन केवल तकनीक का खेल नहीं, बल्कि तालमेल, संवाद और नेतृत्व का भी परीक्षण है। जब एक टीम ऊपर कार्य कर रही होती है, दूसरी नीचे सुरक्षा घेरे में रहती है, तीसरी मेडिकल सहायता के लिए तैयार रहती है—तभी संपूर्ण बचाव चक्र पूर्ण होता है। आज का अभ्यास यह साबित करता है कि तीर्थ नगरी में सुरक्षा तंत्र सतर्क है और आपदा की किसी भी आशंका से निपटने को तैयार है। संदेश साफ है: ‘भय नहीं, भरोसा’ मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे पर हुआ यह संयुक्त मॉक अभ्यास श्रद्धालुओं के लिए भरोसे का संदेश है। आस्था के मार्ग पर यदि सुरक्षा का कवच मजबूत हो, तो श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकते हैं। हरिद्वार की फिजा में आज यह स्पष्ट संकेत था— “आपदा से पहले अभ्यास, ही सुरक्षा की असली साधना है।” (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से)

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • हरिद्वार के कनखल थाने के समीप टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई। गोदाम में आग की लपटों को देखकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। गुरुवार देर रात अचानक कनखल स्थित गीता टेंट हाउस के गोदाम से धुंआ निकलते देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग को देखकर आसपास के लोग मौके एकत्रित हुए और आग को बुझाने का प्रयास किया। लोगों के प्रयास से आग नहीं बुझ पाई। इसी बीच फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन मायापुर की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। मौके पर तीन गाड़ियां और बुलानी पड़ी। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इस अग्निकांड में टेंट हाउस का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सीएफओ वंश बहादुर यादव ने बताया कि गुरुवार देर रात कनखल थाना क्षेत्र के निकट स्थित गीता टेंट हाउस में आग लगने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही मायापुर फायर स्टेशन से दमकल की एक यूनिट तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि दुकान के अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी और चारों ओर घना धुआं भर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मायापुर फायर स्टेशन से दो अतिरिक्त फायर यूनिट मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के साथ आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया। आग इतनी भीषण थी कि टेंट, कपड़े, सजावटी सामग्री और अन्य उपकरण पूरी तरह जल गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
    1
    हरिद्वार के कनखल थाने के समीप टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई। गोदाम में आग की लपटों को देखकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है।
गुरुवार देर रात अचानक कनखल स्थित गीता टेंट हाउस के गोदाम से धुंआ निकलते देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग को देखकर आसपास के लोग मौके एकत्रित हुए और आग को बुझाने का प्रयास किया। लोगों के प्रयास से आग नहीं बुझ पाई। इसी बीच फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन मायापुर की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया।
मौके पर तीन गाड़ियां और बुलानी पड़ी। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इस अग्निकांड में टेंट हाउस का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सीएफओ वंश बहादुर यादव ने बताया कि गुरुवार देर रात कनखल थाना क्षेत्र के निकट स्थित गीता टेंट हाउस में आग लगने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही मायापुर फायर स्टेशन से दमकल की एक यूनिट तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि दुकान के अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी और चारों ओर घना धुआं भर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मायापुर फायर स्टेशन से दो अतिरिक्त फायर यूनिट मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के साथ आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया। आग इतनी भीषण थी कि टेंट, कपड़े, सजावटी सामग्री और अन्य उपकरण पूरी तरह जल गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी! MAKKI TV - हरिद्वार, उत्तराखंड : कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
    2
    शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी!
MAKKI TV    - हरिद्वार, उत्तराखंड : 
कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll
उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Laldhang, Haridwar•
    5 hrs ago
  • The Aman Times बसौली (ताकुला) में दर्दनाक सड़क हादसा। 3 की मौत – SDRF का त्वरित रेस्क्यू। अल्मोड़ा से बड़ी खबर हैं _ अल्मोड़ा के ताकुला क्षेत्र में गुरुवार को बागेश्वर रोड पर बसौली के पास एक ब्रेज़ा कार (DL9CBH8402) गहरी खाई में गिर गई। वाहन में 8 लोग सवार थे, जो बारात से लौट रहे थे। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम सरियापानी पोस्ट से उप निरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और पुलिस व स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। सभी घायलों को खाई से निकालकर 108 एम्बुलेंस से ताकुला अस्पताल भेजा गया। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
    1
    The Aman Times 
बसौली (ताकुला) में दर्दनाक सड़क हादसा।
3 की मौत – SDRF का त्वरित रेस्क्यू।
अल्मोड़ा से बड़ी खबर हैं _
अल्मोड़ा के ताकुला क्षेत्र में गुरुवार को बागेश्वर रोड पर बसौली के पास एक ब्रेज़ा कार (DL9CBH8402) गहरी खाई में गिर गई। वाहन में 8 लोग सवार थे, जो बारात से लौट रहे थे।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम सरियापानी पोस्ट से उप निरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और पुलिस व स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। सभी घायलों को खाई से निकालकर 108 एम्बुलेंस से ताकुला अस्पताल भेजा गया।
हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • Post by Deepak Kumar
    1
    Post by Deepak Kumar
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • महेंद्र भट्ट चैंपियन के घर क्यों गए एक बहुत बड़ा खेल चल रहा है
    1
    महेंद्र भट्ट चैंपियन के घर क्यों गए एक बहुत बड़ा खेल चल रहा है
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    Narsan, Haridwar•
    6 hrs ago
  • सुपरहिट गढ़वाली फीचर फिल्म बौल्या काका अब उत्तराखंड के विकास नगर में 13 मार्च 2026 से न्यू उपासना सिनेमा घर में रोजाना 2शो दोपहर 2:00 बजे और शाम 5:00 बजे से
    1
    सुपरहिट गढ़वाली फीचर फिल्म बौल्या काका अब उत्तराखंड के विकास नगर में 13 मार्च 2026 से 
न्यू उपासना सिनेमा घर में 
रोजाना 2शो 
दोपहर 2:00 बजे और शाम 5:00 बजे से
    user_G B music
    G B music
    Dehradun, Uttarakhand•
    8 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी! हरिद्वार, उत्तराखंड : कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
    2
    शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी!
हरिद्वार, उत्तराखंड : 
कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll
उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Laksar, Haridwar•
    5 hrs ago
  • सियासत होली मिलन कार्यक्रम नेता लोग कैसे एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं जनता बेवकूफ
    1
    सियासत होली मिलन कार्यक्रम नेता लोग कैसे एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं जनता बेवकूफ
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    Narsan, Haridwar•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.