बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 6 में एक महिला ने अपने जीजा पर यौन शोषण और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला हिना खान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उभांव पुलिस ने उमरगंज निवासी जीजा सोनू फरसाटारी, उसकी बहन और बहन के लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके जीजा ने शादी का झांसा देकर लगभग 17 वर्षों तक उसका यौन शोषण किया और उसके साथ मारपीट भी की। इसी शिकायती पत्र के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 69, 115(2), 352, और 351(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। गौरतलब है कि इस मामले में दो सप्ताह पहले भी प्रशासन द्वारा धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसी विभिन्न धाराओं के तहत ‘मिनी गुंडा एक्ट’ की कार्रवाई की जा चुकी है।
बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 6 में एक महिला ने अपने जीजा पर यौन शोषण और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला हिना खान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उभांव पुलिस ने उमरगंज निवासी जीजा सोनू फरसाटारी, उसकी बहन और बहन के लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके जीजा ने शादी का झांसा देकर लगभग 17 वर्षों तक उसका यौन शोषण किया और उसके साथ मारपीट भी की। इसी शिकायती पत्र के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 69, 115(2), 352, और 351(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। गौरतलब है कि इस मामले में दो सप्ताह पहले भी प्रशासन द्वारा धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसी विभिन्न धाराओं के तहत ‘मिनी गुंडा एक्ट’ की कार्रवाई की जा चुकी है।
- मऊ के घोसी कोतवाली अंतर्गत दादनपुर क्षेत्र के पिढवल स्थित शारदा सहायक खंड 32 की नहर के पुल से पानी में गिरकर एक आइसक्रीम विक्रेता की दुखद मौत हो गई। राहगीरों ने पानी में शव देखकर डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान मझवारा क्षेत्र के ग्राम सभा पवनी निवासी 50 वर्षीय सतीश कन्नौजिया, पुत्र रामप्रीत कनौजिया के रूप में हुई है, जो मेहनत-मजदूरी कर और गर्मी के मौसम में आइसक्रीम बेचकर अपनी आजीविका चलाते थे। ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी के सीजन में वे गाँव में कम रहते थे और रात को आइसक्रीम एजेंसी में ही ठहरते थे। मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे वे अपनी एजेंसी से आइसक्रीम लेकर बेचने निकले थे। दादनपुर क्षेत्र के पिढवल स्थित शारदा सहायक नहर खंड 32 के पुल पर उन्होंने अपना आइसक्रीम रिक्शा रोककर पुल की रेलिंग पर बैठकर आराम करना शुरू किया, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नहर में जा गिरे, जिससे डूबने से उनकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय, फोरेंसिक टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पंचायतनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक चार भाइयों में सबसे बड़े थे और गाँव में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे घटनास्थल पर पहुँच गए। घोसी के क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।2
- देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज सुबह 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तरकुलवा का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और एक कंसर्न अधिकारी अस्पताल में उपस्थित पाए गए, जबकि कुछ अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। अनियमितता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता को तत्काल निर्देशित किया कि वे अनुपस्थित कर्मचारियों को सचेत करें और अस्पताल में सभी कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने इस निरीक्षण के माध्यम से तरकुलवा में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को परखा।1
- लखनऊ में सोमवार को मानकों के विपरीत बनी एक अवैध व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 युवकों की दर्दनाक मौत के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में असुरक्षित भवनों के खिलाफ मंगलवार से एक मुहिम शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ऐसे कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और होटलों पर केंद्रित है जो बिना मानकों के बने हैं और जहाँ व्यावसायिक गतिविधियाँ चल रही हैं। इस मुहिम के तहत, 9 ऐसे व्यावसायिक भवन जिनमें कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और होटल शामिल हैं, सील कर दिए गए हैं। साथ ही, 45 अन्य ऐसे भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन इमारतों की जांच विशेष टीमें बनाकर की जा रही है, और यह कार्रवाई जारी है।2
- देवरिया से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने वीरांगना महारानी दुर्गावती बलिदान दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय से भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले और लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सांसद विद्यार्थी ने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में एक बड़ा घोटाला हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि चढ़ावे को लेकर सवाल उठने के बावजूद बिना एफआईआर दर्ज किए ही एसआईटी का गठन कर दिया गया, जबकि उनके अनुसार एसआईटी जांच की प्रक्रिया एफआईआर के बाद ही शुरू होनी चाहिए। उन्होंने इसे हिंदुओं की आस्था पर चोट बताते हुए आरोप लगाया कि चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं दान करने वाले लोग भी अपने चढ़ावे पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद ने इस पूरी घटना को हिंदू धर्म के खिलाफ एक बड़ा अधर्म करार दिया। लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे पर बोलते हुए रमाशंकर विद्यार्थी ने कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भवन में यह हादसा हुआ, वह उप मुख्यमंत्री के किसी करीबी व्यक्ति का बताया जा रहा है। सांसद के अनुसार, सत्ता संरक्षण के कारण नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह घटना हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोग प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेते, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। सपा सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का ध्यान स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे प्रमुख मुद्दों पर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की जनता सरकार की कार्यशैली को भली-भांति समझ रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी, क्योंकि सरकार फर्जी जांच करा रही है।1
- गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चन्नप्पा ने आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार, 23 जून 2026 को देवरिया के थाना रुद्रपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान डीआईजी ने विभिन्न कस्बों, बाजारों और प्रमुख मार्गों का दौरा करते हुए मोहर्रम जुलूस के लिए चिन्हित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील स्थलों, जुलूस मार्गों, बैरिकेडिंग व्यवस्था, पुलिस पिकेट और सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य सुरक्षा इंतजामों का गहन निरीक्षण किया। फ्लैग मार्च के दौरान, डीआईजी ने अधिकारियों को मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने और जुलूसों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश भी दिए गए। इस निरीक्षण के समय जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर, थाना प्रभारी रुद्रपुर और अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। फ्लैग मार्च के अंत में डीआईजी ने जनपदवासियों से मोहर्रम पर्व को शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि जनता और प्रशासन के समन्वय से यह पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगा।4
- मंगलवार को मऊ स्थित पुलिस लाईन परेड ग्राउंड में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने मंगलवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत, उन्होंने शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस सुनिश्चित करने हेतु परेड में दौड़ भी लगवाई। इस दौरान, अपर पुलिस अधीक्षक ने यू0पी0-112 और विभिन्न थानों से आए वाहनों की गहनता से जाँच की। उन्होंने पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण एवं सुरक्षा उपकरणों के संबंध में जानकारी ली और उनकी भी जाँच की। तत्पश्चात, उन्होंने क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक और पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान प्रतिसार निरीक्षक अरूण कुमार सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिन्होंने रिजर्व पुलिस लाईन मऊ में मंगलवार परेड में प्रतिभाग किया और दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों को ग्रहण किया।4
- देवरिया जिले में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी (डीएम) मधुसूदन हुल्गी ने आज सुबह लगभग 8:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), तरकुलवा का औचक निरीक्षण किया। जनपद में पदभार संभालने के बाद से ही डीएम लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परख रहे हैं और लापरवाही के खिलाफ सख्त दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं, चाहे वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हों या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। निरीक्षण के दौरान, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित पाए गए, लेकिन कुछ अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर, डीएम मधुसूदन हुल्गी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता को अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अस्पताल में उनकी समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, डीएम ने मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।2
- देवरिया शहर में मंगलवार रात करीब 9 बजे भारत भूषण तिवारी की हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सुभाष चौक तक पहुँचा। सुभाष चौक पर पहुंचकर लोगों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच कराने की मांग उठाई। प्रतिभागियों ने जोर देकर कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा करने की अपील की।1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार, 24 जून को सुबह 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तरकुलवा का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित पाए गए, लेकिन कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता को निर्देश दिया कि उन्हें चेतावनी दी जाए और समय पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान, एक गर्भवती महिला के मातृ-शिशु कार्ड की जांच की गई और उनके शुगर तथा ब्लड टेस्ट भी कराए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित आशा कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी जांच संबंधी आंकड़े मातृ-शिशु कार्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम (जिन्हें 'थ्री-ए' के रूप में संदर्भित किया गया) को ग्राम स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समिति के सत्रों में सक्रिय रखा जाए तथा नियमित क्षेत्र भ्रमण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सीएचओ, एचईओ और एआरओ को भी क्षेत्र भ्रमण और स्वास्थ्य सत्रों में नियमित भागीदारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने ड्यू लिस्ट के सत्यापन और गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा बच्चों का निर्धारित रोस्टर के अनुसार समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, साथ ही मातृ-शिशु कार्ड को शत-प्रतिशत अद्यतन रखने के लिए कहा। निरीक्षण के क्रम में, जिलाधिकारी ने ओपीडी, प्रसव केंद्र, पंजीकरण कक्ष, दवा वितरण केंद्र समेत पूरे अस्पताल परिसर का मुआयना किया और उपस्थिति पंजिका की भी जांच की। उन्होंने सभी कर्मचारियों को समय पर अस्पताल पहुंचने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1