जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ओकबा गांव में बीती रात एक बेहद दुखद और बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ एक घर में अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, ओकबा निवासी मारवाड़ी साहू के घर में यह आग लगी। शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रात का समय होने के कारण जब तक घर में सो रहे लोग और आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अगलगी में मारवाड़ी साहू को भारी आर्थिक क्षति हुई है, क्योंकि घर के अंदर रखा उनका टेंट हाउस का भारी मात्रा में सामान और किराना दुकान की तमाम सामग्रियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये का व्यावसायिक और कीमती घरेलू सामान नष्ट हो गया है, जिससे उनका व्यवसाय और आशियाना दोनों पूरी तरह उजड़ गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बसिया पुलिस प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार तुरंत अपने दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके बाद थाना प्रभारी, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ काफी कोशिशों के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग को पूरी तरह बुझाया जाता, तब तक काफी देर हो चुकी थी और पूरा मकान जलकर मलबे में तब्दील हो चुका था। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।
जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ओकबा गांव में बीती रात एक बेहद दुखद और बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ एक घर में अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, ओकबा निवासी मारवाड़ी साहू के घर में यह आग लगी। शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रात का समय होने के कारण जब तक घर में सो रहे लोग और आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अगलगी में मारवाड़ी साहू को भारी आर्थिक क्षति हुई है, क्योंकि घर के अंदर रखा उनका टेंट हाउस का भारी मात्रा में सामान और किराना दुकान की तमाम सामग्रियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये का व्यावसायिक और कीमती घरेलू सामान नष्ट हो गया है, जिससे उनका व्यवसाय और आशियाना दोनों पूरी तरह उजड़ गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बसिया पुलिस प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार तुरंत अपने दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके बाद थाना प्रभारी, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ काफी कोशिशों के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग को पूरी तरह बुझाया जाता, तब तक काफी देर हो चुकी थी और पूरा मकान जलकर मलबे में तब्दील हो चुका था। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति अग्रवाल द्वारा अवैध बालू उठाव के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से बालू उठाव कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की नदियों से होने वाला अवैध बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। चैनपुर में अवैध बालू उठाव पर पुलिस की इस सख्ती का असर अब आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है।1
- चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर के समीप परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। शुक्रवार शाम सात बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए, जिससे क्षेत्र में नियम तोड़ने वाले चालकों के बीच हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की गहन जांच की गई। इस जांच में कुल सोलह मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन का चालान काटा गया। कार्रवाई की प्रक्रिया समाचार लिखे जाने तक भी जारी थी। मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने और हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं, जिससे दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार ने युवाओं और बाइक चालकों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए कहा कि नई सड़कों के कारण वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, और ऐसे में दुर्घटना होने पर सिर को सबसे अधिक खतरा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर सिर की चोट का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव न होने के कारण मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है, इसलिए हेलमेट पहनकर स्वयं की सुरक्षा करना बेहद आवश्यक है। प्रभाष कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि शराब का सेवन करना एक अलग बात है, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है। इस अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और वाहन जांच कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राज्य में ठनका गिरने से चार लोगों की जान चली गई है। इसी के साथ, राजधानी रांची में तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 31 तारीख तक के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।3
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- झारखंड के बसिया प्रखंड स्थित ओकबा गांव में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक घर में संचालित टेंट हाउस और किराना दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस घटना में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। ओकबा निवासी हीरालाल साहू अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे, जब देर रात उनकी नजर दुकान की ओर गई जहां आग की लपटें उठ रही थीं। जब तक परिवार और आसपास के लोग स्थिति को समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई, परंतु दमकल वाहन के पहुंचने से पहले ही टेंट हाउस का सामान, किराना सामग्री सहित अधिकांश जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो चुकी थीं। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1