आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) दुमका ने आयुक्त महोदय, संथाल परगना प्रमंडल, दुमका को विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। नगर सह मंत्री आदित्य जोशी ने कहा कि दुमका जिले में अवैध पेड़ कटाई, अवैध बालू उठाव, अवैध खनन और अन्य जनसमस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद लगातार आवाज उठाती रही है, क्योंकि प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिषद ने छात्रहित के साथ-साथ समाजहित के मुद्दों पर भी सक्रिय रूप से काम करने का दावा किया है। ज्ञापन में विशेष रूप से दुमका जिले में बड़े पैमाने पर जारी पेड़ों की अवैध कटाई का मुद्दा उठाया गया, जबकि सरकार और समाज पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की बात करते हैं। परिषद ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही, मसानजोर क्षेत्र में बने कॉटेज और अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच तथा टू-टाना क्षेत्र में बने पार्क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की गई, ताकि अनियमितताएं सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई हो सके। सरैयाहाट और जरमुंडी क्षेत्र में अवैध लकड़ी मिलों के संचालन पर भी ध्यान आकर्षित किया गया, जिनके बारे में प्रशासन को पता होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू उठाव लगातार किया जा रहा है। वीडियो और फोटो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। विशेष रूप से सरैयाहाट, जामा और दुमका क्षेत्र स्थित रामेश्वर नदी से बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकाला जा रहा है। रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से बालू का परिवहन किया जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बाजार क्षेत्रों में भी बिना लाइसेंस और बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर खुलेआम चल रहे हैं, जिसके कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आम लोगों व छात्रों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण और खनन नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच, खनन से संबंधित राजस्व और आय की विस्तृत रिपोर्ट तथा खनन की निर्धारित सीमा और गहराई की जांच की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, खदानों से निकाले जा रहे पत्थर एवं अन्य खनिजों की मात्रा, क्षेत्रफल और मानकों की जांच, खनन से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण, सड़कों की स्थिति, जलस्रोतों और स्थानीय जनजीवन पर पड़े प्रभावों की समीक्षा करने की भी मांग की गई। गोपीकांदर प्रखंड में संचालित क्रशर और पत्थर खदानों की संख्या, उनकी मान्यता सूची, तथा संबंधित खदानों और क्रशरों के लिए जारी लीज व अनुमतियों की प्रतिलिपि सहित जांच कराने की मांग रखी गई, जिसमें खनन पट्टा/लीज की वैध प्रतिलिपियों और पर्यावरण स्वीकृति (NOC / Environmental Clearance) की जांच भी शामिल है। अंत में, परिषद ने आयुक्त महोदय से सभी विषयों पर शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक अभिषेक गुप्ता, नगर सह मंत्री आदित्य जोशी, आकाश, सुमित और पंकज उपस्थित थे।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) दुमका ने आयुक्त महोदय, संथाल परगना प्रमंडल, दुमका को विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। नगर सह मंत्री आदित्य जोशी ने कहा कि दुमका जिले में अवैध पेड़ कटाई, अवैध बालू उठाव, अवैध खनन और अन्य जनसमस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद लगातार आवाज उठाती रही है, क्योंकि प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिषद ने छात्रहित के साथ-साथ समाजहित के मुद्दों पर भी सक्रिय रूप से काम करने का दावा किया है। ज्ञापन में विशेष रूप से दुमका जिले में बड़े पैमाने पर जारी पेड़ों की अवैध कटाई का मुद्दा उठाया गया, जबकि सरकार और समाज पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की बात करते हैं। परिषद ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही, मसानजोर क्षेत्र में बने कॉटेज और अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच तथा टू-टाना क्षेत्र में बने पार्क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की गई, ताकि अनियमितताएं सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
सरैयाहाट और जरमुंडी क्षेत्र में अवैध लकड़ी मिलों के संचालन पर भी ध्यान आकर्षित किया गया, जिनके बारे में प्रशासन को पता होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू उठाव लगातार किया जा रहा है। वीडियो और फोटो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। विशेष रूप से सरैयाहाट, जामा और दुमका क्षेत्र स्थित रामेश्वर नदी से बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकाला जा रहा है। रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से बालू का परिवहन किया जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बाजार क्षेत्रों में भी बिना लाइसेंस और बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर खुलेआम चल रहे हैं, जिसके कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आम लोगों व छात्रों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण और खनन नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच, खनन से संबंधित राजस्व और
आय की विस्तृत रिपोर्ट तथा खनन की निर्धारित सीमा और गहराई की जांच की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, खदानों से निकाले जा रहे पत्थर एवं अन्य खनिजों की मात्रा, क्षेत्रफल और मानकों की जांच, खनन से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण, सड़कों की स्थिति, जलस्रोतों और स्थानीय जनजीवन पर पड़े प्रभावों की समीक्षा करने की भी मांग की गई। गोपीकांदर प्रखंड में संचालित क्रशर और पत्थर खदानों की संख्या, उनकी मान्यता सूची, तथा संबंधित खदानों और क्रशरों के लिए जारी लीज व अनुमतियों की प्रतिलिपि सहित जांच कराने की मांग रखी गई, जिसमें खनन पट्टा/लीज की वैध प्रतिलिपियों और पर्यावरण स्वीकृति (NOC / Environmental Clearance) की जांच भी शामिल है। अंत में, परिषद ने आयुक्त महोदय से सभी विषयों पर शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक अभिषेक गुप्ता, नगर सह मंत्री आदित्य जोशी, आकाश, सुमित और पंकज उपस्थित थे।
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में केंदुवाटिकर ग्राम/वार्ड के निवासी मंगल कोल ने सार्वजनिक कुएं की मरम्मत हेतु स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक आवेदन पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि मोहल्ले का सार्वजनिक कुआं काफी समय से जर्जर स्थिति में है, जिससे उसकी जगत (दीवार) टूट गई है और कुएं का पानी दूषित हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने जनहित का हवाला देते हुए अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस कुएं की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जाए ताकि जल संकट का समाधान हो सके।4
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित लाकड़ाघाटी गाँव में कब्रिस्तान तक जाने वाले पीसीसी पथ का कार्य नियमों की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। इस पीसीसी पथ के निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितताओं के चलते सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है।1
- एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। इस घटना में गाड़ी में सवार तीन लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती कार से कूदकर खुद को सुरक्षित कर लिया।1
- मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के बलबड्डा स्थित राम सुन्दर राम विद्यालय परिसर में कुर्मी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मेहरमा, महगामा और ठाकुरगंगटी प्रखंडों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बैठक के दौरान समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती और उसके विस्तार पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की प्रगति के लिए एकजुटता आवश्यक है, और संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सभी सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उपस्थित लोगों ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कुर्मी समाज को मजबूत करना, सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और संगठन के विस्तार के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना था। साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि समाज को संगठित करने और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य में नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएंगी।1
- एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसमें 'यादव जी' और 'साहू जी' के बीच संबंध स्थापित हुआ है। इस कहानी के अनुसार, एक भाभी को अपने देवर से प्रेम हो गया। जब यह प्रेम प्रसंग सामने आया, तो ग्रामीणों ने पहल करते हुए उन दोनों की शादी करवा दी। यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।1
- एक तेज आंधी के कारण एक परिवार का आशियाना पूरी तरह उजाड़ दिया गया है। आंधी इतनी तीव्र थी कि कुछ ही पलों में कड़ी मेहनत से बनाया गया उनका घर बिखर गया। इस मुश्किल घड़ी में, अब इंसानियत के साथ मदद के हाथ बढ़ाने की आवश्यकता है।1
- बांका जिले के बाराहाट प्रखंड की सनडीहा दक्षिणी पंचायत में महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) के तहत बनाया गया एक सरकारी भवन अपने निर्माण के समय से ही बंद पड़ा है। यह भवन मुखिया कुमारी दीपमाला के कार्यकाल में बनाया गया था, लेकिन उसके बाद से इस पर कभी ताला नहीं खुला। इस प्रकार, यह सरकारी भवन लगातार अनुपयोगी पड़ा है और इसका सीधा दुरुपयोग हो रहा है।4
- झारखंड के दुमका जिले अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड की चुरखेड़ा पंचायत के केंदुआतिकर गांव में अत्यंत ही घटिया व्यवस्था होने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर इस खराब व्यवस्था का ज़िम्मेदार कौन है। यह प्रश्न किया गया है कि क्या इसके लिए पंचायत अधिकारी जवाबदेह हैं या प्रखंड अधिकारी।1