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कृषि मंत्रालय रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों, भूमि की घटती उर्वरता और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए 01 जून से 30 जून 2026 तक देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' चलाएगा। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृषक संगोष्ठियां प्रमुख होंगी, जहाँ कृषि वैज्ञानिक रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों, प्राकृतिक खेती के लाभों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और खेती की लागत कम करने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दीवार लेखन कराया जाएगा और नागरिकों तथा किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी। पंचायत स्तर पर आयोजित कृषि चौपालों में किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। अभियान के दौरान मानव स्वास्थ्य आधारित गतिविधियों के माध्यम से खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कृषि वैज्ञानिक मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी और फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग तथा उपयुक्त फसल चयन संबंधी सलाह भी प्रदान करेंगे। उर्वरकों के विवेकपूर्ण और संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए हरी खाद एवं नील हरित काई का उपयोग प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूरिया एवं डीएपी की कालाबाजारी, जमाखोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पंचायत स्तर पर गठित खेत बचाओ समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा विशेष रूप से जिले के अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक नियंत्रण एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि विभाग किसानों को यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, जैव उर्वरक, नैनो उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गौरतलब है कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग के कारण मिट्टी का कटाव, पोषक तत्वों एवं मृदा कार्बन में कमी, जल प्रदूषण तथा भूमि की प्राकृतिक उत्पादकता में लगातार गिरावट जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु भारत सरकार द्वारा नवंबर 2024 से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) संचालित किया जा रहा है, जो पारंपरिक ज्ञान पर आधारित टिकाऊ एवं कम लागत वाली कृषि पद्धति को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही देश को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन भी संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, खेती की लागत में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाकर 'खेत बचाओ अभियान' को जनआंदोलन बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

1 hr ago
user_Puran Dewangan
Puran Dewangan
Rajpur, Balrampur•
1 hr ago

कृषि मंत्रालय रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों, भूमि की घटती उर्वरता और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए 01 जून से 30 जून 2026 तक देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' चलाएगा। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृषक संगोष्ठियां प्रमुख होंगी, जहाँ कृषि वैज्ञानिक रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों, प्राकृतिक खेती के लाभों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और खेती की लागत कम करने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दीवार लेखन कराया जाएगा और नागरिकों तथा किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी। पंचायत स्तर पर आयोजित कृषि चौपालों में किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। अभियान के दौरान मानव स्वास्थ्य आधारित गतिविधियों के माध्यम से खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कृषि वैज्ञानिक मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को प्रोत्साहित करते हुए मिट्टी और फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग तथा उपयुक्त फसल चयन संबंधी सलाह भी प्रदान करेंगे। उर्वरकों के विवेकपूर्ण और संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए हरी खाद एवं नील हरित काई का उपयोग प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूरिया एवं डीएपी की कालाबाजारी, जमाखोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पंचायत स्तर पर गठित खेत बचाओ समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा विशेष रूप से जिले के अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक नियंत्रण एवं निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि विभाग किसानों को यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, जैव उर्वरक, नैनो उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गौरतलब है कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग के कारण मिट्टी का कटाव, पोषक तत्वों एवं मृदा कार्बन में कमी, जल प्रदूषण तथा भूमि की प्राकृतिक उत्पादकता में लगातार गिरावट जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों के समाधान हेतु भारत सरकार द्वारा नवंबर 2024 से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) संचालित किया जा रहा है, जो पारंपरिक ज्ञान पर आधारित टिकाऊ एवं कम लागत वाली कृषि पद्धति को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही देश को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन भी संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, खेती की लागत में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाकर 'खेत बचाओ अभियान' को जनआंदोलन बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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  • एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।
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    एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।
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    कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।
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    छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की।

पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया।

हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।
    user_Mukesh Awasthi
    Mukesh Awasthi
    Raipur, Chhattisgarh•
    4 hrs ago
  • पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।
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    पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।

शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।
    user_सत्य के अंजोर न्यूज
    सत्य के अंजोर न्यूज
    TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।
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    राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • पखांजूर पुलिस ने 'ऑपरेशन उजियारा' नामक अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
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    पखांजूर पुलिस ने 'ऑपरेशन उजियारा' नामक अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • गरियाबंद के न्यू सर्किट हाउस में रविवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। इस भीषण आग में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग स्टोर रूम से शुरू हुई और शॉर्ट सर्किट के कारण किचन तक फैल गई। आग की चपेट में आने से फ्रिज, अलमारी, सीलिंग फैन सहित बड़ी मात्रा में रखा सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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    गरियाबंद के न्यू सर्किट हाउस में रविवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। इस भीषण आग में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग स्टोर रूम से शुरू हुई और शॉर्ट सर्किट के कारण किचन तक फैल गई। आग की चपेट में आने से फ्रिज, अलमारी, सीलिंग फैन सहित बड़ी मात्रा में रखा सामान जलकर राख हो गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
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