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ई-स्टाम्प और निबंधन मित्र व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाले जाने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का एक गंभीर मुद्दा बन गया है। हरदोई के शाहाबाद तहसील परिसर से शुरू हुआ यह विरोध जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए निबंधन कार्यालय तक पहुंचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अर्थी पुलिस को सौंप दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल और क्षेत्राधिकारी पद पर तैनात आईपीएस एएसपी आलोक राज नारायण मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, उन्होंने जुलूस को रोकने या आपत्तिजनक प्रतीकों तथा नारेबाजी पर किसी भी तरह का प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया, जिसके बाद पुलिस की भूमिका को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ मिश्रा 'नीरज' ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा की है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से असहमति और विरोध का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन विरोध की आड़ में दलगत एजेंडा साधने के लिए मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकालना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि इस जुलूस में भाजपा से संबंध रखने वाले लोग भी शामिल थे। सौरभ मिश्रा ने शाहाबाद के क्षेत्राधिकारी आलोक राज नारायण की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीओ का पूरा जोर गरीबों पर लाठी चलाने में रहता है, जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री की शव यात्रा को खड़े-खड़े निकलने दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मुख्यमंत्री केवल राजनीतिक व्यक्ति नहीं होते, बल्कि एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति, एक धार्मिक पीठ के महंत और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भी होते हैं। ऐसे में इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी अपील की कि वे अधिवक्ताओं के हितों और पेशेवर गरिमा के बीच किसी भी दलगत एजेंडे को स्थान न दें। मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा और पुतला प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट दिखने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि ऐसा ही प्रदर्शन किसी अन्य संगठन या आम नागरिक द्वारा किया जाता, तो क्या पुलिस का रवैया इतना ही उदार रहता। नगर में अब मुख्य चर्चा यही है कि मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा जैसे संवेदनशील विरोध कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने सक्रिय हस्तक्षेप क्यों नहीं किया और इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की भूमिका क्या रही। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सीओ "सपाई मानसिकता" के व्यक्ति हों, जबकि भाजपा के लोगों ने सीओ की कार्यशैली को "भाजपा विरोधी" बताया है।

13 hrs ago
user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
OmdevDixit (Pappu Dixit)
Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

ई-स्टाम्प और निबंधन मित्र व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाले जाने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का एक गंभीर मुद्दा बन गया है। हरदोई के शाहाबाद तहसील परिसर से शुरू हुआ यह विरोध जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए निबंधन कार्यालय तक पहुंचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अर्थी पुलिस को सौंप दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल और क्षेत्राधिकारी पद पर तैनात आईपीएस एएसपी आलोक राज नारायण मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, उन्होंने जुलूस को रोकने या आपत्तिजनक प्रतीकों तथा नारेबाजी पर किसी भी तरह का प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया, जिसके बाद पुलिस की भूमिका

को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ मिश्रा 'नीरज' ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा की है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से असहमति और विरोध का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन विरोध की आड़ में दलगत एजेंडा साधने के लिए मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकालना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि इस जुलूस में भाजपा से संबंध रखने वाले लोग भी शामिल थे। सौरभ मिश्रा ने शाहाबाद के क्षेत्राधिकारी आलोक राज नारायण की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीओ का

पूरा जोर गरीबों पर लाठी चलाने में रहता है, जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री की शव यात्रा को खड़े-खड़े निकलने दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मुख्यमंत्री केवल राजनीतिक व्यक्ति नहीं होते, बल्कि एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति, एक धार्मिक पीठ के महंत और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भी होते हैं। ऐसे में इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से भी अपील की कि वे अधिवक्ताओं के हितों और पेशेवर गरिमा के बीच किसी भी दलगत एजेंडे को स्थान न दें। मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा और पुतला प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में

पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट दिखने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि ऐसा ही प्रदर्शन किसी अन्य संगठन या आम नागरिक द्वारा किया जाता, तो क्या पुलिस का रवैया इतना ही उदार रहता। नगर में अब मुख्य चर्चा यही है कि मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा जैसे संवेदनशील विरोध कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने सक्रिय हस्तक्षेप क्यों नहीं किया और इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की भूमिका क्या रही। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सीओ "सपाई मानसिकता" के व्यक्ति हों, जबकि भाजपा के लोगों ने सीओ की कार्यशैली को "भाजपा विरोधी" बताया है।

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  • बिलग्राम पुलिस ने जुआ खेलते हुए 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान, पुलिस ने मौके से आठ गाड़ियां, दो मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी, 43,220 रुपये नकद और ताश के पत्ते बरामद किए हैं। इस पूरी कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में क्षेत्राधिकारी बिलग्राम, श्री रवि प्रकाश सिंह ने एक बयान जारी किया है।
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    बिलग्राम पुलिस ने जुआ खेलते हुए 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान, पुलिस ने मौके से आठ गाड़ियां, दो मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी, 43,220 रुपये नकद और ताश के पत्ते बरामद किए हैं। इस पूरी कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में क्षेत्राधिकारी बिलग्राम, श्री रवि प्रकाश सिंह ने एक बयान जारी किया है।
    user_रिपोर्टर गौरव कश्यप सहानुभूति
    रिपोर्टर गौरव कश्यप सहानुभूति
    Animal control and welfare service हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    37 min ago
  • स्थानीय ग्रामीणों ने अपने गांव की सड़क की दयनीय हालत पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गांव की सड़कें बेहद खराब और खतरनाक स्थिति में हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, कोई भी प्रधान सड़क की मरम्मत कराने या इसे ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
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    स्थानीय ग्रामीणों ने अपने गांव की सड़क की दयनीय हालत पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि गांव की सड़कें बेहद खराब और खतरनाक स्थिति में हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, कोई भी प्रधान सड़क की मरम्मत कराने या इसे ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
    user_Zuber
    Zuber
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हरदोई जिले के गुलरीपुरवा गांव में लगा 26 साल पुराना एक हैंडपंप पूरी तरह से खराब हो चुका है, जिससे मोहल्ले के निवासियों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि हैंडपंप की बोरिंग भी खराब हो गई है और इससे निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है, बल्कि एकदम गंदा निकलता है। एक स्थानीय निवासी के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नल के खराब होने की वजह से मोहल्ले के सभी सदस्यों को पीने का पानी लाने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
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    हरदोई जिले के गुलरीपुरवा गांव में लगा 26 साल पुराना एक हैंडपंप पूरी तरह से खराब हो चुका है, जिससे मोहल्ले के निवासियों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि हैंडपंप की बोरिंग भी खराब हो गई है और इससे निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है, बल्कि एकदम गंदा निकलता है।

एक स्थानीय निवासी के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नल के खराब होने की वजह से मोहल्ले के सभी सदस्यों को पीने का पानी लाने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
    user_Sandeep Kumar
    Sandeep Kumar
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • एक नागरिक ने टेबनापुर गाँव की मुख्य सड़क की अत्यंत खराब स्थिति पर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया है कि सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, नागरिक ने अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस विषय पर तत्काल ध्यान दें और टेबनापुर की इस मुख्य सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाएं।
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    एक नागरिक ने टेबनापुर गाँव की मुख्य सड़क की अत्यंत खराब स्थिति पर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया है कि सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, नागरिक ने अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस विषय पर तत्काल ध्यान दें और टेबनापुर की इस मुख्य सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाएं।
    user_Ashu Bhai
    Ashu Bhai
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। किसानों ने इस दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे।
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    नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। किसानों ने इस दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे।
    user_Sonu Kanaujiya
    Sonu Kanaujiya
    Newsagent Hardoi, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • गुरुकुल से अगवा किया गया एक बच्चा अपने गाँव बाबरपुर में बेहोशी की हालत में पाया गया है।
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    गुरुकुल से अगवा किया गया एक बच्चा अपने गाँव बाबरपुर में बेहोशी की हालत में पाया गया है।
    user_Atul Kumar Shukla
    Atul Kumar Shukla
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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