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मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की
User9708 - कपिल मिश्रा क्राइम पत्रकार
मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की
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- सुभाष गंज में नाले का गंदा पानी सड़क पर, हजारों लोग परेशान; डॉ संदीप ने उठाई स्थायी समाधान की मांग झांसी। शहर के प्रमुख बाजार मानिक चौक में बरसात के दिनों में नाले के ओवरफ्लो होने से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो रही है। रानी महल से गंज की ओर जाने वाले मार्ग पर नाले का गंदा पानी सड़क पर भर जाने के कारण लोगों को उसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। यह मार्ग झांसी के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, खरीददार, छात्र-छात्राएं और मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालु आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान नाले के ओवरफ्लो होने की समस्या लगातार बनी रहती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इस जनसमस्या को लेकर डॉ. संदीप सरावगी ने भी चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभाव से समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस विषय परडॉ. संदीप सरावगी ने कहा “यह झांसी के प्रमुख बाजार और हजारों लोगों से जुड़ी जनसमस्या है। बरसात के दिनों में लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर नाले की सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।” स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मानिक चौक पहुंचकर नाले की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करे और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराए। लोगों का कहना है कि समस्या का केवल अस्थायी समाधान करने के बजाय नाले की क्षमता, सफाई और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है।4
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- शराब के खिलाफ नारीशक्ति का रौद्र रूप नरवर के थरखेड़ा गांव में महिलाओं का फूटा गुस्सा, शराब की पेटियां दुकान से निकालकर सड़क पर फेंकीं शिवपुरी/नरवर। शिवपुरी जिले की नरवर तहसील क्षेत्र के ग्राम थरखेड़ा में शराब के विरोध में महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। शराब कारोबार को लेकर नाराज महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शराब की दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि मेहनत-मजदूरी से कमाई गई रकम शराब में खर्च होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब कारोबार पर रोक लगाने और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से वे शराब के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई दी। इसके बावजूद महिलाओं का आक्रोश कम नहीं हुआ। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव में शराब के कारोबार को लेकर वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग जारी रखेंगी। घटना के बाद गांव में काफी देर तक हलचल और तनाव का माहौल बना रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं के इस विरोध के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग शराब कारोबार को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं? P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा “सच के साथ हर कदम” शराब के खिलाफ नारीशक्ति का रौद्र रूप नरवर के थरखेड़ा गांव में महिलाओं का फूटा गुस्सा, शराब की पेटियां दुकान से निकालकर सड़क पर फेंकीं शिवपुरी/नरवर। शिवपुरी जिले की नरवर तहसील क्षेत्र के ग्राम थरखेड़ा में शराब के विरोध में महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। शराब कारोबार को लेकर नाराज महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शराब की दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि मेहनत-मजदूरी से कमाई गई रकम शराब में खर्च होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब कारोबार पर रोक लगाने और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से वे शराब के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई दी। इसके बावजूद महिलाओं का आक्रोश कम नहीं हुआ। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव में शराब के कारोबार को लेकर वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग जारी रखेंगी। घटना के बाद गांव में काफी देर तक हलचल और तनाव का माहौल बना रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं के इस विरोध के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग शराब कारोबार को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं? P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा “सच के साथ हर कदम”1
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