मुंडावर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: कोर्ट के आदेश पर दर्ज FIR को पुलिस ने बताया 'फर्जी', पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर सोडावास. न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दर्ज किए गए संगीन आपराधिक मामलों में मुंडावर पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और जांच के तरीकों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला मुंडावर थाने का है, जहाँ पीड़ित द्वारा कोर्ट के जरिए (धारा 156(3) के तहत) दर्ज कराई गई एफआईआर को पुलिस द्वारा 'फर्जी' करार देकर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है। ......क्या है पूरा मामला.... जानकारी के अनुसार, पीड़ित संदीप कुमार निवासी बल्लूवास ने मुंडावर थाने में न्याय न मिलने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें एडवोकेट नीरज यादव द्वारा कोर्ट से इस्तगासा कर आरोपी गौरव पुत्र रामबाबू नवीन पुत्र जीतू प्रदीप पुत्र सुरेश उर्फ पप्पू बल्लूवास , सूरज 112 का ड्राइवर मैनपुर, जितेन्द्र पुत्र राजेश फौजी व साहिल सियाखोह, अनूप खैरथल सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं 189(2), 115(2), 126(2), 308(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, मामला लूटपाट, बंधक बनाने, जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने और जान से मारने की धमकी देने से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित की गाड़ी और नकदी छीन ली और पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पुलिस का रुख और पीड़ित की पीड़ा हैरानी की बात यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस इस पूरे मामले को 'फर्जी' बता रही है और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। .....पीड़ित संदीप का कहना है:.... जब पुलिस ने मेरी सुनवाई नहीं की, तब मैं कोर्ट गया। अब कोर्ट के आदेश पर एफआईआर तो दर्ज हो गई है, लेकिन पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।" .....उठते सवाल:.... अगर न्यायालय को प्रथम दृष्टया मामला सही लगा और एफआईआर के आदेश दिए, तो पुलिस इसे बिना निष्पक्ष जांच के 'फर्जी' कैसे मान रही है। संगीन धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है । क्या स्थानीय रसूख के दबाव में आकर पुलिस इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। जिसमें अभियुक्तगण पुलिस कर्मी के रिश्तेदार थे और 112 का ड्राइवर उसमें सम्मिलित था।
मुंडावर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: कोर्ट के आदेश पर दर्ज FIR को पुलिस ने बताया 'फर्जी', पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर सोडावास. न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दर्ज किए गए संगीन आपराधिक मामलों में मुंडावर पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और जांच के तरीकों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला मुंडावर थाने का है, जहाँ पीड़ित द्वारा कोर्ट के जरिए (धारा 156(3) के तहत) दर्ज कराई गई एफआईआर को पुलिस द्वारा 'फर्जी' करार देकर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है। ......क्या है पूरा मामला.... जानकारी के अनुसार, पीड़ित संदीप कुमार निवासी बल्लूवास ने मुंडावर थाने में न्याय न मिलने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें एडवोकेट नीरज यादव द्वारा कोर्ट से इस्तगासा कर आरोपी गौरव पुत्र रामबाबू नवीन पुत्र जीतू प्रदीप पुत्र सुरेश उर्फ पप्पू बल्लूवास , सूरज 112 का ड्राइवर मैनपुर, जितेन्द्र पुत्र राजेश फौजी व साहिल सियाखोह, अनूप खैरथल सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं 189(2), 115(2), 126(2), 308(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, मामला लूटपाट, बंधक बनाने, जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने और जान से मारने की धमकी देने से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित की गाड़ी और नकदी छीन ली और पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पुलिस का रुख और पीड़ित की पीड़ा हैरानी की बात यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस इस पूरे मामले को 'फर्जी' बता रही है और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। .....पीड़ित संदीप का कहना है:.... जब पुलिस ने मेरी सुनवाई नहीं की, तब मैं कोर्ट गया। अब कोर्ट के आदेश पर एफआईआर तो दर्ज हो गई है, लेकिन पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।" .....उठते सवाल:.... अगर न्यायालय को प्रथम दृष्टया मामला सही लगा और एफआईआर के आदेश दिए, तो पुलिस इसे बिना निष्पक्ष जांच के 'फर्जी' कैसे मान रही है। संगीन धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है । क्या स्थानीय रसूख के दबाव में आकर पुलिस इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। जिसमें अभियुक्तगण पुलिस कर्मी के रिश्तेदार थे और 112 का ड्राइवर उसमें सम्मिलित था।
- नीना कुंडू ने गोल्ड मेडल एमए अंग्रेजी में प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया1
- खुशखेड़ा में भगवती प्रोडक्ट्स कंपनी के बाहर भीषण गर्मी में वेतन बढ़ोतरी को लेकर धरना दे श्रमिकों में से 2 महिला श्रमिक बेहोश, अस्पताल में कराया भर्ती1
- खैरथल-तिजारा, 19 अप्रैल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नरवास क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान मात्र दो दिन में कर दिया। 16 अप्रैल को ग्राम पंचायत बीलाहेड़ी में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान नरवास क्षेत्र के निवासियों ने जिला कलेक्टर खैरथल-तिजारा अतुल प्रकाश के समक्ष पेयजल आपूर्ति में व्यवधान की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए। जिस पर विभाग ने प्रकरण को सहायक अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, उपखण्ड कोटकासिम को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा। अधिशासी अभियंता जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग धर्मेंद्र यादव ने बताया कि नरवास जल योजना के अंतर्गत 18 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान मौके पर नवीन 15 एच.पी. पंपसेट सहित आवश्यक सामग्री स्थापित कर जलापूर्ति व्यवस्था को पुनः सुचारु किया गया। उन्होंने बताया कि तेजी से की गई इस कार्रवाई के चलते केवल दो दिनों में ही समस्या का समाधान सुनिश्चित किया गया। वर्तमान में नरवास क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति बहाल हो चुकी है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि आमजन को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है।1
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों को 10 से ₹12000 मासिक वेतन मिलना एक आर्थिक शोषण का संकेत देता है जिले के अधिकारियों को इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए 🙏🙏1
- अटेली से पहले ओल्ड राव होटल के समीप बड़ा हादसा टला,..... अनियंत्रित होकर पलटी कार.... (नारनौल क्षेत्र): बाछोड़ गांव के नजदीक ओल्ड राव होटल के पास एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत रही कि बड़ा नुकसान होने से टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी और अचानक चालक का नियंत्रण खो गया, जिससे वाहन सड़क किनारे पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कार में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूत्रों के मुताबिक हादसे में मामूली चोटें आई हैं, जबकि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मौके पर पुलिस भी पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिससे यहां सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है। प्रशासन से मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल के लिए उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।1
- Post by Kotputli-Behror Breaking Live4
- Post by Sachin kumar1
- मुंडावर: पूर्व विधायक धर्मपाल चौधरी की 8वीं पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि; कार्यकर्ताओं ने याद किया विकास पुरुष का योगदान जाट बहरोड़ (अलवर/मुंडावर)। नीमराना उपखंड के समीपवर्ती मुंडावर क्षेत्र के गांव जाट बहरोड़ में रविवार को मुंडावर के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव स्वर्गीय धर्मपाल चौधरी की 8वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के कोने-कोने से आए समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनकी समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। शोक के चलते हवन कार्यक्रम स्थगित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उनके पुत्र व पूर्व विधायक मनजीत चौधरी ने बताया कि पुण्यतिथि के अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन गांव में व्याप्त शोक की स्थिति को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया। इसके बाद एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने स्व. धर्मपाल चौधरी की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाकर उनके द्वारा क्षेत्र में कराए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों को याद किया। क्षेत्र के विकास में रहा अतुलनीय योगदान श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्व. धर्मपाल चौधरी मुंडावर से तीन बार विधायक रहे और उन्होंने राजनीति में सेवा की एक नई मिसाल पेश की थी। क्षेत्र के लोग आज भी उन्हें एक 'जननायक' के रूप में याद करते हैं। इनकी रही विशेष उपस्थिति श्रद्धांजलि सभा में स्व. धर्मपाल चौधरी की धर्मपत्नी विमला देवी, पूर्व विधायक मनजीत चौधरी, अमित चौधरी (भाजपा उपाध्यक्ष मंडल जाट बहरोड़), भीमराज यादव, श्रवण सिंह शेखावत (अध्यक्ष, सरस दूध डेयरी), नितिन सागवान (प्रधान, मुंडावर पंचायत समिति), महेश गुप्ता, भूप सिंह अध्यापक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1