ब्यावर में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में सोमवार, 09 जून 2026 को जिला स्तरीय परामर्श एवं समीक्षा समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की संशोधित वार्षिक साख योजना के तहत ₹4705.90 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च 2026) की समीक्षा भी की गई। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर श्री मीना ने जिले के सभी बैंकर्स को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित ऋण और अन्य आवेदनों का सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने पर बल दिया, और विभिन्न सरकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों व बैंकर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर, भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर के सहायक महाप्रबंधक श्री मनीष मांडल ने बैंक खातों में री-केवाईसी (Re-KYC) की प्रगति बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) श्री आशीष जैन ने नाबार्ड द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि अवसंरचना के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक सुझाव एवं निर्देश दिए। बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक श्री राजेश कुमार परमार ने किया, जिन्होंने जिले के बैंकिंग नेटवर्क, बैंक शाखाओं के साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक साख योजना की उपलब्धियों तथा एनपीए खातों की स्थिति और प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अंत में, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रमुख श्री टी.एस. शेखावत ने उपस्थित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
ब्यावर में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में सोमवार, 09 जून 2026 को जिला स्तरीय परामर्श एवं समीक्षा समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की संशोधित वार्षिक साख योजना के तहत ₹4705.90 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च 2026) की समीक्षा भी की गई। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर श्री मीना ने जिले के सभी बैंकर्स को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित ऋण और अन्य आवेदनों का सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने पर बल दिया, और विभिन्न सरकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों व बैंकर्स के बीच बेहतर समन्वय
स्थापित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर, भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर के सहायक महाप्रबंधक श्री मनीष मांडल ने बैंक खातों में री-केवाईसी (Re-KYC) की प्रगति बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) श्री आशीष जैन ने नाबार्ड द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि अवसंरचना के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक सुझाव एवं निर्देश दिए। बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक श्री राजेश कुमार परमार ने किया, जिन्होंने जिले के बैंकिंग नेटवर्क, बैंक शाखाओं के साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक साख योजना की उपलब्धियों तथा एनपीए खातों की स्थिति और प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अंत में, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रमुख श्री टी.एस. शेखावत ने उपस्थित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में एक चादर पेश की गई। यह चादर अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी के निर्देश पर पेश की गई, जिसमें प्रधानमंत्री की लंबी उम्र और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। इस अवसर पर, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती, आबिद अली चौधरी (राष्ट्रीय सूफी संवाद), प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह और जावेद खान, प्रदेश महामंत्री जंग बहादुर पठान, प्रदेश प्रवक्ता शफीक खान, अयूब खान, मोईन खान, अजमत खान, सैयद सादिक अली, और रेहान खान सहित कई सदस्य मौजूद रहे। दरगाह के गद्दी नशीन खादिम सैयद आसान चिश्ती की वकालत में यह चादर पेश की गई।1
- चैनल International News पर अब दर्शकों को दुनिया भर की प्रमुख गतिविधियों के साथ-साथ, भारत के हर कोने और शहर की छोटी-बड़ी सभी खबरें देखने को मिलेंगी। यह चैनल देश और दुनिया से जुड़ी हर सच्ची और सटीक खबर से दर्शकों को लगातार अपडेट रखने का वादा करता है, जिसके लिए लोगों से चैनल को अभी सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- बीडीएन को डिग्गी चुनपचान के निवासियों द्वारा उपलब्ध कराए गए एक वीडियो के अनुसार, डिग्गी चुनपचान मोहल्ले में जलदाय विभाग ने रात्रि 11:49 बजे से 11:50 बजे के बीच पानी की आपूर्ति शुरू की। स्थानीय लोगों ने इसे विभाग का 'कारनामा' बताया है, क्योंकि इतनी देर रात पानी आने से अधिकांश घरों में लोग सो रहे थे और पानी नालियों में बहता रहा।1
- अजमेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की है। इस समीक्षा के उपरांत, उन्होंने यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।2
- पीसांगन कस्बे में पुराने पुलिस थाने के समीप स्थित श्री राम मंदिर परिसर में उपखंड सहित पूरे देश और प्रदेश में खुशहाली, जनकल्याण एवं लोकमंगल की कामना के लिए एक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में शासन और प्रशासन के प्रतिनिधियों ने पंडित घनश्याम जोशी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा की। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर, तहसीलदार भागीरथ चौधरी, नगर पालिका ईओ हेमंतसिंह, विकास अधिकारी महेंद्र कुमार मालाकार, हरि प्रजापत, राजेश प्रजापत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- लाइट नहीं आ रही है, और बताया गया है कि लाइट को लेकर एक गंभीर समस्या बनी हुई है।1
- अजमेर में कचहरी रोड के बीच में बनाए जा रहे डिवाइडर के कारण व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस निर्माण कार्य से व्यापार पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के चलते, व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर इस डिवाइडर निर्माण के खिलाफ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- अजमेर की चौपाटी लिंक रोड पर आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यह दुर्घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार वाहन ने कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के कई हिस्से टूटकर सड़क पर बिखर गए। राहत की बात यह रही कि कार में सवार लोगों ने सीट बेल्ट पहन रखी थी, जिसकी वजह से बड़े हादसे के बावजूद उनकी जान बच गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई। चौपाटी लिंक रोड पर लगातार हो रहे इन सड़क हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा मानकों और तेज रफ्तार वाहनों के चलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1