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बंगोमुंडा में 15 जून को जिला आदिवासी कल्याण संघ ने कंटाबांजी के विधायक लक्ष्मण बाग के खिलाफ बंगोमुंडा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत विधायक द्वारा आदिवासियों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक और कटु शब्दों का प्रयोग करने के मामले में की गई है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मनरंजन भोई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विधायक लक्ष्मण बाग ने 'OTV' पर आदिवासियों को 'दूषित', 'कलुषित', 'कुत्सित' और 'घृणित' जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आदिवासियों को 'आदिवासी दूषित' कहकर जातिगत टिप्पणी की, जिसे पूरे ओडिशा में देखा गया। संघ का आरोप है कि श्री बाग ने विधायक के पद पर रहते हुए आदिवासियों को अपमानित करने के उद्देश्य से यह जातिगत टिप्पणी की है, जिससे पूरे आदिवासी समाज, समुदाय की इज्जत, मान-सम्मान और मर्यादा को गंभीर ठेस पहुंची है। संघ ने उनके इस बयान को आदिवासियों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा और बदनाम करने वाला एक असंवैधानिक और निम्न टिप्पणी बताया है। शिकायत में श्री भोई ने यह भी उल्लेख किया है कि श्री बाग विधायक बनने से पहले भी आदिवासी समाज के लोगों को गाली-गलौज करते थे, उनके साथ मारपीट करते थे और जातिगत टिप्पणी करते थे। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर आदिवासी जाति को अत्यधिक निंदा, बदनामी और अपमानित करने के इरादे से असभ्य भाषा का प्रयोग किया है, जिससे आदिवासी समाज को विशेष सामाजिक और सांस्कृतिक क्षति हुई है। जिला आदिवासी कल्याण संघ ने मांग की है कि कंटाबांजी के विधायक श्री बाग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015, 2018) और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाए।

2 hrs ago
user_Santosh Nayak PRESS
Santosh Nayak PRESS
Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
2 hrs ago

बंगोमुंडा में 15 जून को जिला आदिवासी कल्याण संघ ने कंटाबांजी के विधायक लक्ष्मण बाग के खिलाफ बंगोमुंडा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत विधायक द्वारा आदिवासियों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक और कटु शब्दों का प्रयोग करने के मामले में की गई है। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मनरंजन भोई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विधायक लक्ष्मण बाग ने 'OTV' पर आदिवासियों को 'दूषित', 'कलुषित', 'कुत्सित' और 'घृणित' जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आदिवासियों को 'आदिवासी दूषित' कहकर जातिगत टिप्पणी की, जिसे पूरे ओडिशा में देखा गया। संघ का आरोप है कि श्री बाग ने विधायक के पद पर रहते हुए आदिवासियों को अपमानित करने के उद्देश्य से यह जातिगत टिप्पणी की है, जिससे पूरे आदिवासी समाज, समुदाय की इज्जत, मान-सम्मान और मर्यादा को गंभीर ठेस पहुंची है। संघ ने उनके इस बयान को आदिवासियों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा और बदनाम करने वाला एक असंवैधानिक और निम्न टिप्पणी बताया है। शिकायत में श्री भोई ने यह भी उल्लेख किया है कि श्री बाग विधायक बनने से पहले भी आदिवासी समाज के लोगों को गाली-गलौज करते थे, उनके साथ मारपीट करते थे और जातिगत टिप्पणी करते थे। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर आदिवासी जाति को अत्यधिक निंदा, बदनामी और अपमानित करने के इरादे से असभ्य भाषा का प्रयोग किया है, जिससे आदिवासी समाज को विशेष सामाजिक और सांस्कृतिक क्षति हुई है। जिला आदिवासी कल्याण संघ ने मांग की है कि कंटाबांजी के विधायक श्री बाग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015, 2018) और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाए।

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  • दिल्ली के दयालपुर इलाके के नेहरू विहार स्थित डी-2 में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ 42 वर्षीय राशिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने 42 साल के राशिद को गोलियों से भून डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए हैं।
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    दिल्ली के दयालपुर इलाके के नेहरू विहार स्थित डी-2 में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ 42 वर्षीय राशिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने 42 साल के राशिद को गोलियों से भून डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए हैं।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    25 min ago
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना दयालपुर क्षेत्र के मुस्तफाबाद नेहरू विहार में अंधाधुंध गोलीबारी की एक घटना सामने आई है। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
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    उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना दयालपुर क्षेत्र के मुस्तफाबाद नेहरू विहार में अंधाधुंध गोलीबारी की एक घटना सामने आई है। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
    user_भारत हिंदी खबर
    भारत हिंदी खबर
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    44 min ago
  • सांसद भोला सिंह ने अनूपशहर में प्रबुद्ध वर्ग के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की। इस अवसर पर सामाजिक नेताओं ने सांसद भोला सिंह का भव्य स्वागत किया।
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    सांसद भोला सिंह ने अनूपशहर में प्रबुद्ध वर्ग के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की। इस अवसर पर सामाजिक नेताओं ने सांसद भोला सिंह का भव्य स्वागत किया।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • पुरी में श्रीमंदिर में प्रवेश और दर्शन के अधिकार को पूर्ववत बहाल करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता पदयात्रा को आज (15 जून को) 76 दिन पूरे हो गए हैं। यह अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि भक्तों के दिलों की अनकही पीड़ा, आत्मा की पुकार और भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया है। गत 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर बलगांडी चौक स्थित भक्त सालबेग पीठ से शुरू हुई यह पदयात्रा प्रतिदिन सिंहद्वार के पास पहुंचकर एक मौन प्रश्न पूछती है कि "जो संपूर्ण विश्व के नाथ हैं, उन जगन्नाथ के दर्शन में क्या भक्तों के बीच कोई भेदभाव रह सकता है?" प्रत्येक कदम में भक्ति का अर्पण है और हर ध्वनि में आत्मा की व्याकुल पुकार। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजते मार्ग पर अनेक भक्तों के आँसू, कई परिवारों की वेदना और अपने प्रभु तक आसानी से पहुँचने की आकांक्षा मिल जाती है। यह पदयात्रा आज पुरीवासियों के हृदय की धड़कन, आस्था का उच्चारण और अधिकारों के लिए एक आध्यात्मिक संग्राम बन गई है। भगवान जगन्नाथ की संस्कृति समानता, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिकता की संस्कृति है। जैसे उनके महाप्रसाद में उच्च-नीच का कोई भेदभाव नहीं, वैसे ही उनके दर्शन में भी कोई विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए। भगवान के द्वार पर वीआईपी और सामान्य का भेद करना जगन्नाथ संस्कृति के मूल आदर्श के खिलाफ है। इसलिए यह पदयात्रा केवल प्रवेश अधिकार की मांग नहीं, बल्कि "जगन्नाथ संस्कृति की समानता और मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के लिए एक आध्यात्मिक विरोध" है। नारी-पुरुष, युवा-वृद्ध सभी की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। प्रत्येक चेहरे पर भक्ति की चमक है, प्रत्येक हृदय में एक मौन प्रार्थना है— "प्रभु, हमें हमारा अधिकार वापस दिलाओ; अपने द्वार पर सभी को समान स्थान दो।" 76 दिनों के बाद भी इस पदयात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हर दिन के साथ यह और अधिक गहरा, अधिक शक्तिशाली और अधिक आध्यात्मिक होता जा रहा है। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ आँसू प्रार्थना हैं, वेदना शक्ति है और भक्ति अहिंसक विरोध का माध्यम है। आज की पदयात्रा में सर्वश्री हरिशंकर मिश्र, अधिवक्ता विजय कुमार मिश्र, चक्रधर महापात्र, सुकांत पांडा, शिवसुंदर मिश्र, मनोरंजन रणसिंह, ममता स्वाईं, अरुणा पटनायक, राजा मोहंती, जादबा नंद राय, प्रफुल्ल कुमार साहू, जगन्नाथ मोहंती, अमूल्य दास, किशोर चंद्र दास, नृसिंह नाथ नायक, प्रदीप्त कुमार मोहंती, प्रकाश चंद्र नायक प्रमुख रूप से शामिल हुए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पदयात्रा के संयोजक श्री स्वाधीन कुमार पांडा ने कहा कि यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक पुरी शहर और सदर के निवासियों के पूर्ववत दर्शन के अधिकार बहाल नहीं हो जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ संघर्ष नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और आस्था के सम्मान के लिए एक शांत, अहिंसक और आध्यात्मिक अभियान है। जैसा कि दोहराया गया है: "जगन्नाथ का द्वार सबके लिए है। भक्ति का कोई वीआईपी नहीं, आस्था का कोई प्रोटोकॉल नहीं। प्रभु के सम्मुख सभी समान हैं।"
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    पुरी में श्रीमंदिर में प्रवेश और दर्शन के अधिकार को पूर्ववत बहाल करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता पदयात्रा को आज (15 जून को) 76 दिन पूरे हो गए हैं। यह अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि भक्तों के दिलों की अनकही पीड़ा, आत्मा की पुकार और भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया है। गत 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर बलगांडी चौक स्थित भक्त सालबेग पीठ से शुरू हुई यह पदयात्रा प्रतिदिन सिंहद्वार के पास पहुंचकर एक मौन प्रश्न पूछती है कि "जो संपूर्ण विश्व के नाथ हैं, उन जगन्नाथ के दर्शन में क्या भक्तों के बीच कोई भेदभाव रह सकता है?"

प्रत्येक कदम में भक्ति का अर्पण है और हर ध्वनि में आत्मा की व्याकुल पुकार। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजते मार्ग पर अनेक भक्तों के आँसू, कई परिवारों की वेदना और अपने प्रभु तक आसानी से पहुँचने की आकांक्षा मिल जाती है। यह पदयात्रा आज पुरीवासियों के हृदय की धड़कन, आस्था का उच्चारण और अधिकारों के लिए एक आध्यात्मिक संग्राम बन गई है। भगवान जगन्नाथ की संस्कृति समानता, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिकता की संस्कृति है। जैसे उनके महाप्रसाद में उच्च-नीच का कोई भेदभाव नहीं, वैसे ही उनके दर्शन में भी कोई विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए। भगवान के द्वार पर वीआईपी और सामान्य का भेद करना जगन्नाथ संस्कृति के मूल आदर्श के खिलाफ है। इसलिए यह पदयात्रा केवल प्रवेश अधिकार की मांग नहीं, बल्कि "जगन्नाथ संस्कृति की समानता और मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के लिए एक आध्यात्मिक विरोध" है।

नारी-पुरुष, युवा-वृद्ध सभी की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। प्रत्येक चेहरे पर भक्ति की चमक है, प्रत्येक हृदय में एक मौन प्रार्थना है— "प्रभु, हमें हमारा अधिकार वापस दिलाओ; अपने द्वार पर सभी को समान स्थान दो।" 76 दिनों के बाद भी इस पदयात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हर दिन के साथ यह और अधिक गहरा, अधिक शक्तिशाली और अधिक आध्यात्मिक होता जा रहा है। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ आँसू प्रार्थना हैं, वेदना शक्ति है और भक्ति अहिंसक विरोध का माध्यम है। आज की पदयात्रा में सर्वश्री हरिशंकर मिश्र, अधिवक्ता विजय कुमार मिश्र, चक्रधर महापात्र, सुकांत पांडा, शिवसुंदर मिश्र, मनोरंजन रणसिंह, ममता स्वाईं, अरुणा पटनायक, राजा मोहंती, जादबा नंद राय, प्रफुल्ल कुमार साहू, जगन्नाथ मोहंती, अमूल्य दास, किशोर चंद्र दास, नृसिंह नाथ नायक, प्रदीप्त कुमार मोहंती, प्रकाश चंद्र नायक प्रमुख रूप से शामिल हुए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पदयात्रा के संयोजक श्री स्वाधीन कुमार पांडा ने कहा कि यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक पुरी शहर और सदर के निवासियों के पूर्ववत दर्शन के अधिकार बहाल नहीं हो जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ संघर्ष नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और आस्था के सम्मान के लिए एक शांत, अहिंसक और आध्यात्मिक अभियान है। जैसा कि दोहराया गया है: "जगन्नाथ का द्वार सबके लिए है। भक्ति का कोई वीआईपी नहीं, आस्था का कोई प्रोटोकॉल नहीं। प्रभु के सम्मुख सभी समान हैं।"
    user_Santosh Nayak PRESS
    Santosh Nayak PRESS
    Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के सफल कार्यकाल की बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की कठिन राजनीतिक परिस्थिति में लगातार 12 साल तक देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
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    स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के सफल कार्यकाल की बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की कठिन राजनीतिक परिस्थिति में लगातार 12 साल तक देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Court reporter शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अवैध नशे के खिलाफ अभियान के तहत, थाना सरसावा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मुखबिर की सूचना पर सरसावा अंबाला रोड पर टोल प्लाजा के पास से चेकिंग के दौरान एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान मोहन लाल पुत्र गणेश राम, निवासी बाड़मेर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक ट्रक कैंटर बरामद किया, जिसमें चंडीगढ़ राज्य में बिक्री के लिए मान्य अलग-अलग ब्रांड की 1400 पेटी अंग्रेजी शराब अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। पूछताछ के दौरान, अभियुक्त मोहन लाल ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर शराब खरीदता था और पुलिस से बचते हुए उसे अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचता था, जिससे होने वाली मोटी कमाई को वे आपस में बांट लेते थे। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में आबकारी निरीक्षक शिखर श्रीवास्तव, बलराम सिंह, अरुण कुमार और सरसावा थाने के उपनिरीक्षक देवेंद्रपाल तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ थाना सरसावा पर आबकारी अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
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    सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अवैध नशे के खिलाफ अभियान के तहत, थाना सरसावा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मुखबिर की सूचना पर सरसावा अंबाला रोड पर टोल प्लाजा के पास से चेकिंग के दौरान एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान मोहन लाल पुत्र गणेश राम, निवासी बाड़मेर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक ट्रक कैंटर बरामद किया, जिसमें चंडीगढ़ राज्य में बिक्री के लिए मान्य अलग-अलग ब्रांड की 1400 पेटी अंग्रेजी शराब अवैध रूप से ले जाई जा रही थी।

पूछताछ के दौरान, अभियुक्त मोहन लाल ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर शराब खरीदता था और पुलिस से बचते हुए उसे अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचता था, जिससे होने वाली मोटी कमाई को वे आपस में बांट लेते थे। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में आबकारी निरीक्षक शिखर श्रीवास्तव, बलराम सिंह, अरुण कुमार और सरसावा थाने के उपनिरीक्षक देवेंद्रपाल तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ थाना सरसावा पर आबकारी अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    1 hr ago
  • जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारे गए हैं। इस घटना के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने दो युवकों की पिटाई भी की। इसके अतिरिक्त, पार्टी के समर्थक आपस में ही भिड़ गए, और कई फोन चोरी होने की भी खबरें सामने आई हैं।
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    जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारे गए हैं। इस घटना के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने दो युवकों की पिटाई भी की। इसके अतिरिक्त, पार्टी के समर्थक आपस में ही भिड़ गए, और कई फोन चोरी होने की भी खबरें सामने आई हैं।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    1 hr ago
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