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एक सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी, योगी, पुलिस प्रशासन और मीडिया न्यूज़ चैनल की भूमिका की सराहना की गई है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन सभी के बिना अत्याचार और भ्रष्टाचार को रोकना संभव नहीं होगा। इसी कारण, पोस्ट में जोर दिया गया है कि हमें इन सभी का धन्यवाद करना चाहिए।
सावित्री चोधरी
एक सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी, योगी, पुलिस प्रशासन और मीडिया न्यूज़ चैनल की भूमिका की सराहना की गई है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन सभी के बिना अत्याचार और भ्रष्टाचार को रोकना संभव नहीं होगा। इसी कारण, पोस्ट में जोर दिया गया है कि हमें इन सभी का धन्यवाद करना चाहिए।
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- सीएम योगी ने ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले कर्मियों को लेकर एक सख्त संदेश दिया है।1
- मेरठ के गणेश बिहार स्थित नीलकंठ माता वाली गली, भोलारोड, तहसील सदर मेरठ, नगर निगम मेरठ के वार्ड 15 (पिन कोड 250002) में चल रहे सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सड़क निर्माण का काम बेहद धीमा है और इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया है कि आरसीसी (RCC) की मोटाई केवल दो, ढाई या तीन इंच है, और इसका ढलान भी सही नहीं बनाया गया है, जिसके चलते पानी का बहाव उल्टा हो रहा है। निर्माण के दौरान ही सड़क कई जगह से टूट गई है, बैठ गई है और धंस गई है, जो इसकी खराब गुणवत्ता का प्रमाण है। इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत लाभ या निजी स्वार्थ के लिए कुछ नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि समस्या का समाधान जनता के हित में हो। इस संदर्भ में, उन्होंने मोदी और योगी सरकार तथा पुलिस प्रशासन के राज में भ्रष्टाचार की गुंजाइश न होने की बात पर जोर देते हुए मौजूदा स्थिति पर निराशा व्यक्त की। अपनी मांग और भावनाओं को "जय हिंद, जय भारत" के नारों के साथ व्यक्त किया गया।3
- मेरठ में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में जिले में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 366 से बढ़कर 471 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इस बेरोकटोक विस्तार से न केवल शहरी नियोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार अभियान चलाने के बावजूद अवैध कॉलोनियों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों को दरकिनार कर कई स्थानों पर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही है। ऐसे में, संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। मेरठ में अवैध कॉलोनियों की यह बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और आने वाले दिनों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन बाबा ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस उद्देश्य से, संगठन ने शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज 1008 को एक ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन बाबा ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।1
- मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले को समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। मेला प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि कल के बाद मेले में कोई भी झूला नहीं चलेगा।1
- मेरठ के जानी रोहटा स्थित एनिमल केयर फाउंडेशन के प्रदेश सदस्य संदीप ठाकुर और उनकी पूरी टीम, सनातन आस्था से प्रेरित होकर, जीवों के प्रति असीम दया भाव और गहन आस्था प्रदर्शित कर रही है। उनके इस निस्वार्थ सेवा कार्य को देखकर हर कोई दंग रह जाता है। यह टीम 'भक्ति ना जानू भाव ना जानू, शिव मेरे मैं शिव को मानू' के पवित्र सिद्धांत का पालन करते हुए, सभी जीवित प्राणियों के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण दिखा रही है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। यह कार्यक्रम मोदी सरकार के 12 साल 'विश्वास के विकास के जनकल्याण के' उपलक्ष्य में एक निजी फार्म हाउस में आयोजित किया गया था। इस दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया भी मौजूद थे, जिनके सामने कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह हंगामा भाजपा कार्यकर्ताओं के विभिन्न गुटों के बीच पदों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे घमासान का नतीजा बताया जा रहा है। हाल ही में, महिला नेत्री गीता कौशिक ने बीजेपी के पूर्व उप जिलाध्यक्ष नितिन मित्तल पर सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्रता करने का आरोप लगाया था। गीता कौशिक के समर्थकों ने उप जिलाध्यक्ष नितिन मित्तल पर संगठन द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण विरोध प्रदर्शन किया और कार्यक्रम में हंगामा किया।1
- मेरठ में ज़मीन और संपत्तियों की कीमतों में अचानक हुई तेज़ी ने ख़रीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के कई इलाक़ों में ज़मीन के दाम बढ़ने की ख़बरों के बाद लोगों के बीच इस पर ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, विकास परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश के कारण कई क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ी है। इसी का सीधा असर ज़मीन की क़ीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस बढ़ोतरी से जो लोग लंबे समय से घर या प्लॉट ख़रीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब पहले से अधिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़े का सौदा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाज़ार में और भी तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, यदि कोई मेरठ में घर या प्लॉट ख़रीदने का सपना देख रहा है, तो उन्हें बाज़ार की वर्तमान स्थिति और क़ीमतों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला करना चाहिए।1