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- सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।4
- जमीनी विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल रीवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बड़ी पुल स्थित कब्रगाह के पास दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को राजस्व अमले द्वारा जमीन की नपाई की जा रही थी, इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट होने लगी। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जो अब तेजी से फैल रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।3
- अंधविश्वास ही भगवान है1
- मधुमक्खियों का हमला! मऊगंज में किसान बाल्मीकि गोस्वामी पर छत्ते से टूट पड़ा झुंड, जान बचाने के लिए नदी में कूदे — अस्पताल में गंभीर हालत, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी! दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.89650741301
- Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya6
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के पीए पुष्पेंद्र गौतम की एक और कथित रिकॉर्डिंग सामने आई है। ऑडियो में दावा — पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आज अनशन पर बैठेंगे… जब तक काम नहीं होंगे, तब तक मैं बैठूंगा। ये प्रदीप पटेल की बात नहीं… मामला ऐसा है कि "सीएम तक हिल जाएगा!" सीएम के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग सिविल सेवा आचरण नियम के किस पैराग्राफ में लिखा हुआ है... अब इस कथित ऑडियो ने सियासी हलकों में हलचल और तेज कर दी है। सुनिए… ये कथित रिकॉर्डिंग… Vindhya Pradesh TV न्यूज चैनल इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- Jai Shri Ram jai hanuman ji Maharaj दोरज पहाड़ी हनुमान जी का दर्शन करे अपने जीवन को धन्य बनावे जय श्री राम जय हनुमान जी हनुमान जी सभी की मनोकामना पूर्ण करे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम3
- सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा अचानक समीक्षा बैठक करने पहुँच गए। बैठक में बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जनता की समस्याओं में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (वॉइस ओवर): सिहावल की सरज़मीं पर कलेक्टर विकास मिश्रा के कड़े तेवर देखने को मिले। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जब बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली, तो कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि अवाम को राहत पहुँचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दुरुस्त दिखनी चाहिए। प्राईड इंडिया न्यूज़ के तीखे सवालों का जवाब देते हुए कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि अब सभी विभागों में तालमेल बिठाकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इसी बीच, सिहावल में दमकल गाड़ी की पुरानी मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत ठोस पहल करने का आश्वासन दिया है। (क्लोजिंग): कलेक्टर की इस सख्ती के बाद अब सिहावल की सोई हुई व्यवस्थाओं में हलचल शुरू हो गई है। इलाके की जनता को उम्मीद है कि अब नलों में पानी, अस्पतालों में बेहतर इलाज और बिजली की सुचारू सप्लाई का सपना सच होगा। विंध्य बलराम न्यूज़ के लिए सीधी से रुद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट।1