मैहर, मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोगों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सोमदत्त साकेत ने प्रभात द्विवेदी पर लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है। साकेत ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अनुसूचित जाति समाज ने वर्षों तक अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, यदि समाज के लोगों के साथ भेदभाव, अपमान या अन्याय की कोई घटना सामने आती है, तो कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ और समाज के सम्मान पर लगातार आघात होता रहा, तो दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोग एकजुट होकर एक व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साकेत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया, साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता के बाद मैहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
मैहर, मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोगों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सोमदत्त साकेत ने प्रभात द्विवेदी पर लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है। साकेत ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अनुसूचित जाति समाज ने वर्षों तक अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, यदि समाज के लोगों के साथ भेदभाव, अपमान या अन्याय की कोई घटना सामने आती है, तो कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ और समाज के सम्मान पर लगातार आघात होता रहा, तो दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोग एकजुट होकर एक व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साकेत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया, साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता के बाद मैहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
- मैहर के वार्ड क्रमांक 4 पटेहरा में स्थित नव निर्मित शिव मंदिर में भगवान शिव और दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमाओं की विधि-विधानपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर पर एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें वार्डवासियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया और धर्म लाभ प्राप्त किया। प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच भगवान शिव और दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा, जिन्होंने भगवान के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की। अनुष्ठान के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंदिर परिसर लगातार जयकारों से गूँजता रहा। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थापना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्थल अब धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण यह परिसर अब और भी आकर्षक एवं मनोरम दिखाई दे रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा। क्षेत्रवासियों ने इस सफल धार्मिक आयोजन के लिए सभी सहयोगियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई।1
- सतना जिला मुख्यालय में वाहन चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने एक नाबालिग चालक को बाइक पर अवैध हूटर लगाकर सायरन बजाते हुए तथा नंबर प्लेट छुपाकर वाहन चलाते हुए पकड़ा। इस मामले में पुलिस ने चालक और उसके परिजनों को थाने बुलाकर चालानी कार्रवाई की और उनसे ₹2500 का समन शुल्क वसूला। यातायात पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल नियम उल्लंघन पर जुर्माना ही नहीं, बल्कि युवाओं में बढ़ रही खतरनाक प्रवृत्ति के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी है। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि रफ्तार, स्टाइल, स्टंट और सोशल मीडिया रील्स बनाने की होड़ में युवा वर्ग न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहा है। ऐसे मामलों में युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाने और सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया है।1
- सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन सतना जिले के अस्पताल की जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। यहाँ मरीजों को इलाज के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जिला अस्पताल में जरूरी दवाएं और मरहम-पट्टी का सामान, जैसे कि घाव भरने वाली ट्यूब, तक उपलब्ध नहीं है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मरीज को चोट लगने के बाद घाव भरने वाली ट्यूब की जरूरत पड़ी। अस्पताल के कर्मचारियों ने सीधे तौर पर दवा की अनुपलब्धता बताई और मरीज को यह दवा बाहर से खरीदने की सलाह दी, जिससे मरीजों की जेब पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर मरीजों और उनके साथ आए लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर सरकारी अस्पताल में ही बुनियादी दवाएं नहीं मिलेंगी, तो गरीब जनता आखिर कहाँ जाएगी। यह घटना अस्पताल प्रबंधन की लचर व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जिससे इलाज के लिए आने वाले लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ये दवाएं अस्पताल तक क्यों नहीं पहुँच रही हैं और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे।1
- सतना जिले में अपराधियों के बढ़ते हौसलों के बीच, चोरों ने अब आस्था के केंद्रों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उचेहरा थाना क्षेत्र की परसमनिया चौकी अंतर्गत रामपुर पाठा स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ आश्रम के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में 20-21 जून की दरम्यानी रात चोरी की बड़ी वारदात हुई, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। अज्ञात बदमाशों ने मंदिर के तीन ताले तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की चांदी की बांसुरी, मुकुट, आभूषण, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती सामान चुरा लिए। चोरों ने अपने पीछे कोई सुराग न छोड़ने के लिए मंदिर के सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़कर साथ ले गए। मंदिर के पुजारी दिनकर मिश्रा ने सुबह जब मंदिर के पट खोलने पहुंचे तो मुख्य द्वार के ताले टूटे देख उनके होश उड़ गए। भीतर पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार में उपयोग होने वाला मुकुट, चांदी की बांसुरी, चांदी के बर्तन, आभूषण और कई सिक्के गायब मिले। इस दुस्साहसिक वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलने पर परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष सिंह धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे। चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे के अनुसार, पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस को अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन उन्हें जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।2
- बिरसिंहपुर में तेज़ हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश के आगमन से क्षेत्र के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- नादन देहात थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस स्थिति के चलते यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठ रहा है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।1
- सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर अपने घर के पास घूम रहे शातिर आरोपी कल्लू उर्फ अभिषेक जैसवाल (32) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बजरहा टोला क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे एक वर्ष के लिए सतना सहित आसपास के जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। आदेश की अवहेलना करने पर पुलिस ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, सतेन्द्र सिंह, आरक्षक अजीत सिंह एवं सुभाष पटेल की भूमिका सराहनीय रही।1
- सतना जिले के सिंहपुर के भंवर में एक आदिवासी पीड़ित की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उनके परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इस पूरे मामले में सिंहपुर पुलिस ने अभी तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया है। हालांकि, अब जानकारी मिल रही है कि पीड़ित के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सिंहपुर टीआई भी उनके पीछे-पीछे अस्पताल पहुंच रहे हैं।1