ललितपुर के जाखलौन थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के जरिए जमानत सत्यापन कराने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न विभागों की 12 फर्जी मोहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां तथा एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेन्द्र अहिरवार (35) निवासी ग्राम जमुनिया, थाना जाखलौन के रूप में हुई है, जिसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला उस समय सामने आया जब ललितपुर निवासी समीर ने अपने भाई की जमानत सत्यापन के लिए आरोपी देवेंद्र को 10 हजार रुपये दिए थे। सत्यापन दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद समीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कई वकीलों के संपर्क में रहकर जमानत सत्यापन का काम करता था। अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने करीब दो वर्ष पहले थाना, तहसील और ग्राम प्रधानों की फर्जी मोहरें बनवा ली थीं। वह इन्हीं मोहरों के जरिए फर्जी रिपोर्ट तैयार कर जमानत सत्यापन कराता था। जिन आरोपियों को जमानतदार नहीं मिलते थे, उनसे वह 20 से 25 हजार रुपये तक लेकर फर्जी सत्यापन कराने का ठेका लेता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह न्यायालय से जमानत सत्यापन संबंधी फाइल निकालकर उसकी नकल तैयार करता था और पुलिस व राजस्व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगाकर दस्तावेज तैयार कर देता था। उसने दो वर्षों में लाखों रुपये कमाने की बात कबूल की है और पुलिस अब उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगा रही है।
ललितपुर के जाखलौन थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के जरिए जमानत सत्यापन कराने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न विभागों की 12 फर्जी मोहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां तथा एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेन्द्र अहिरवार (35) निवासी ग्राम जमुनिया, थाना जाखलौन के रूप में हुई है, जिसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला उस समय सामने आया जब ललितपुर निवासी समीर ने अपने भाई की जमानत सत्यापन के लिए आरोपी देवेंद्र को 10 हजार रुपये दिए थे। सत्यापन दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद समीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कई वकीलों के संपर्क में रहकर जमानत सत्यापन का काम करता था। अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने करीब दो वर्ष पहले थाना, तहसील और ग्राम प्रधानों की फर्जी मोहरें बनवा ली थीं। वह इन्हीं मोहरों के जरिए फर्जी रिपोर्ट तैयार कर जमानत सत्यापन कराता था। जिन आरोपियों को जमानतदार नहीं मिलते थे, उनसे वह 20 से 25 हजार रुपये तक लेकर फर्जी सत्यापन कराने का ठेका लेता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह न्यायालय से जमानत सत्यापन संबंधी फाइल निकालकर उसकी नकल तैयार करता था और पुलिस व राजस्व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगाकर दस्तावेज तैयार कर देता था। उसने दो वर्षों में लाखों रुपये कमाने की बात कबूल की है और पुलिस अब उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगा रही है।
- ललितपुर के थाना जाखलौन पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमानत सत्यापन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ग्राम जमुनिया निवासी देवेंद्र पुत्र धन्नालाल अहिरवार (35 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पुलिस, तहसील एवं ग्राम प्रधानों की 12 फर्जी मुहरें, 21 जमानतदारों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां और एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ थाना जाखलौन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज था। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब ललितपुर के रावतयाना निवासी वादी समीर ने अपने भाई की जमानत सत्यापन के लिए आरोपी देवेंद्र को ₹10,000 दिए थे। सत्यापन दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद समीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देश पर तीन टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सर्विलांस, तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से पुलिस थानों, तहसीलों और ग्राम प्रधानों की फर्जी मुहरें बनवाकर जमानत सत्यापन की नकली रिपोर्ट तैयार करता था। वह उन आरोपियों से ₹20,000 से ₹25,000 लेकर फर्जी सत्यापन कराने का ठेका लेता था जिन्हें कोई जमानतदार नहीं मिलता था। आरोपी न्यायालय से जमानत सत्यापन फाइल निकालकर उसकी नकल तैयार करता था और पुलिस अधिकारियों, लेखपाल, कानूनगो व अन्य अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर देता था। इस धोखाधड़ी से उसने लाखों रुपये कमाने की बात कबूली है। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।1
- ललितपुर के मड़ावरा क्षेत्र में थाना मदनपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रज्जू (20 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय गनेश के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के सागर जिला अंतर्गत थाना रहली के ग्राम नवलपुर कछरा का निवासी है। यह कार्रवाई ललितपुर के पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी मड़ावरा आलोक कुमार अग्रहरि के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी रज्जू थाना मदनपुर में दर्ज मु.अ.सं. 23/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 137(2), 64(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत वांछित था। थाना प्रभारी राजपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया और नियमानुसार न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय में पेश किया है।1
- ललितपुर जनपद की मड़ावरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पटना और चांदौरा में स्थित मंदिरों की करीब 36 एकड़ कृषि भूमि के मालिकाना हक का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस भूमि पर मालिकाना हक को लेकर ललितपुर और महरौनी के सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इस बीच, महरौनी सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन से एक स्थगन आदेश भी प्राप्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी द्वारा जमीन पर जुताई और बुआई कर कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगा है। ग्राम पटना निवासी और मंदिर के मुन्तजिमकार शोभाराम ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मड़ावरा को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शोभाराम का कहना है कि मंदिर की इस कृषि भूमि से होने वाली आय से ही मंदिर की पूजा-पाठ और अन्य व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना नाराहट की बरौदिया पुलिस चौकी की मिलीभगत के कारण ही विपक्षी दल कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कृषि भूमि पर खेती करने में कामयाब रहा है। इस पूरे मामले को लेकर अब मंदिर के मुन्तजिमकार की बेटी ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में एसडीएम मड़ावरा से स्थगन आदेश का उल्लंघन करने वाले विपक्षी पर कार्रवाई करने और कब्जा वापस दिलाने की गुहार लगाई गई है। फिलहाल इस मामले पर एसडीएम या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायती पत्र मिलने के बाद कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई करने की सलाह दी जा सकती है।4
- छतरपुर के घुवारा में अच्छी बारिश और उत्तम कृषि उत्पादन की कामना को लेकर जनपद पंचायत परिसर स्थित देवी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक कुंवर प्रद्युम्न सिंह जी लोधी द्वारा किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान परिसर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान राम का गुणगान किया। पाठ के समापन के बाद मंगल भवन में प्रसाद वितरण और सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने, फसलें लहलहाने और किसानों की समृद्धि के संकल्प के साथ यह आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहा, जिसमें जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- टीकमगढ़ में गली-गली, मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक खुले हुए हैं। इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर द्वारा निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कलेक्टर के आदेश मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई न करना विभाग की निष्क्रियता को दर्शाता है।1
- ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह दो बाइकों की टक्कर में दो लोग घायल हो गए। यह हादसा मड़ावरा कस्बे के पेट्रोल पंप के पास उस समय हुआ, जब कस्बे के निवासी प्रताप सिंह (42) पुत्र भवानी सिंह अपनी बाइक से साढूमल गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दूसरी बाइक पर रनगांव निवासी वीरन (25) पुत्र स्वर्गीय सुखदयाल सवार था, जो बेरबाबा धार्मिक स्थान जा रहा था। इस दुर्घटना में दोनों मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों चालक घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों घायलों को मड़ावरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां उन्हें 108 एम्बुलेंस की सहायता से भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। इस हादसे में प्रताप सिंह का एक पैर टूट गया है, जबकि वीरन को मामूली चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद डॉक्टरों ने प्रताप सिंह को आगे के इलाज के लिए ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।2