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कन्या महा विद्यालय के सामने दस रुपए को लेकर हुआ खूनी जंग,
पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
कन्या महा विद्यालय के सामने दस रुपए को लेकर हुआ खूनी जंग,
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- जियावन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: क्रूरता पूर्वक ले जाई जा रही 07 भैंसों समेत पिकअप वाहन जब्त सिंगरौली (जियावन)। पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री मनीष खत्री के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा तथा एसडीओपी देवसर श्रीमती गायत्री तिवारी के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी जियावन निरीक्षक डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जियावन थाना पुलिस ने पशु क्रूरता के मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन को 07 नग भैंसों सहित जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 11/02/2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बरगवां की ओर से एक पिकअप वाहन क्रमांक MP66ZB1496 में भैंस लोड कर देवसर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम जोगिनी में घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका और जांच की। जांच के दौरान वाहन में 07 नग भैंस (06 भैंस एवं 01 पड़वा) क्रूरता पूर्वक भरे हुए पाए गए, जिन्हें विधि विरुद्ध तरीके से परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल पिकअप वाहन एवं भैंसों को जब्त कर थाना लाया। मामले में आरोपी चालक गुलफान मोहम्मद पिता सिराजुद्दीन, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम उमरहर थाना जियावन जिला सिंगरौली (म.प्र.) के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। जब्त किए गए वाहन एवं भैंसों को सुरक्षार्थ थाना परिसर में रखा गया है तथा भैंसों को चारा-पानी की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम: थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सउनि. तेजबहादूर सिंह, आरक्षक दिनेश कुमार एवं आरक्षक अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहा जा रहा है तथा अवैध पशु परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लोक विचार समाचार उप संपादक जय प्रकाश द्विवेदी1
- भोपाल: ईरानी डेरा में पुलिस की आधी रात दबिश कॉम्बिंग गश्त के दौरान 39 आरोपी गिरफ्तार 31 पुरुष और 8 महिलाएं पुलिस हिरासत में 5 स्थायी वारंटी दबोचे गए कई इनामी बदमाश भी गिरफ्त में 17 दोपहिया वाहन जब्त 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी बरामद 39 मोबाइल और 1.35 लाख नकदी जब्त 1 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद 400 पुलिस बल ने की संयुक्त कार्रवाई निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में ऑपरेशन1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता1
- रीवा। जिला रीवा के मनगवां विधानसभा क्षेत्र में शासकीय जमीनों पर कथित अतिक्रमण और भू-माफियाओं की सक्रियता को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता संजय पांडे ने कहा है कि “मनगवां विधानसभा आरक्षित जरूर है, लेकिन अनाथ नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधियों और राजस्व विभाग के मैदानी अमले की कथित मिलीभगत से स्कूल, अस्पताल, थाना परिसर सहित अन्य शासकीय संस्थाओं की कीमती जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है। कंप्यूटर खसरे में हेरफेर का आरोप श्री पांडे का कहना है कि कंप्यूटराइज्ड खसरा रिकॉर्ड में हेरफेर कर कई शासकीय और निजी संस्थाओं के नाम जानबूझकर गायब किए गए हैं, जिससे भू-माफियाओं को अवैध लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसे योजनाबद्ध तरीके से सरकारी संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश बताया। गढ़ थाना परिसर की भूमि पर संकट ताजा मामला गढ़ थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। संजय पांडे के अनुसार, गढ़ पटवारी हल्का की भूमि क्रमांक 77, जिसका कुल रकबा लगभग 1 एकड़ 62 डिसमिल है और जो बाजार के मध्य स्थित है, उसे भू-परिवर्तन के जरिए हड़पने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस भूमि के एक हिस्से में बालक हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित है, जबकि दूसरे हिस्से में पुराना थाना भवन एवं पुलिस क्वार्टर बने हुए हैं, जहां वर्तमान में भी पुलिसकर्मी निवासरत हैं। इसके बावजूद इस बहुमूल्य शासकीय जमीन के स्वरूप को बदलने की प्रक्रिया चिंता का विषय है। सत्ता और भू-माफियाओं के गठजोड़ का आरोप सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि रीवा शहर में सक्रिय रहे भू-माफिया अब प्रदेश की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे के संरक्षण में ग्रामीण अंचलों की ओर रुख कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी शासकीय या सामाजिक संस्था की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया, तो जनता चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्व न्यायालय से लेकर हाई कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल संजय पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में शासकीय संस्थाएं अपनी ही भूमि बचाने के लिए प्रभावी पैरवी नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि भूमि परिवर्तन करने वालों के पास यह स्पष्ट आंकड़े तक नहीं हैं कि भविष्य में शासकीय कार्यालय और संस्थाएं कहां स्थापित की जाएंगी। यदि यही स्थिति बनी रही, तो रीवा जिला मुख्यालय जैसी अव्यवस्था आने वाले समय में ग्रामीण अंचलों में भी देखने को मिलेगी। इतिहास और जनचेतना का हवाला उन्होंने सत्ताधारी दल को मनगवां के गौरवशाली राजनीतिक इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और यहां के नेताओं ने कई बार भाजपा को संबल दिया है। उन्होंने कहा कि मनगवां का हर नागरिक जागरूक है और भू-माफियाओं के मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और शासकीय भूमियों के संरक्षण के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।4
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