जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव: संस्कृति के रंग बिखरे, पर व्यवस्थाओं पर भारी पड़ी अफसरों की लेट लतीफी मंच से सरकारी योजनाओं के लंबे-चौड़े दावे, धरातल पर पानी, सड़क और नेटवर्क को तरस रहे पनारी के ग्रामीण आमंत्रण कार्ड पर 11 बजे का समय, शाम 4 बजे पहुँचे मंत्री व अफसर; कड़ी धूप में पेड़ की छाँव बनी सहारा ओबरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पनारी (टोला मैराडाड) स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज मैदान में मंगलवार को 'जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव 2026' का आयोजन किया गया। सेवा समर्पण संस्थान व जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में जनजातीय समाज का उल्लास और सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत छटा देखने को मिली। हालाँकि, भव्य आयोजनों और कायाकल्प के बड़े-बड़े दावों के बीच प्रशासनिक कुप्रबंधन व समय-पालना की अनदेखी भी खुलकर उजागर हुई। 5 घंटे देरी से पहुँचे वीआईपी, टेंट के अभाव में तपे ग्रामीण आयोजकों की ओर से बांटे गए आमंत्रण पत्रों में कार्यक्रम का समय सुबह 11:00 बजे अंकित था। समय पर दूर-दराज़ के गांवों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे सैकड़ों ग्रामीण पहुँचे। लेकिन, मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, कैमर वन्यजीव प्रभाग की DFO आयुषी मिश्रा और उपजिलाधिकारी ओबरा शाम लगभग 4:00 बजे आयोजन स्थल पर पहुँच सके। अतिथियों के 5 घंटे विलंब से पहुँचने के कारण पारंपरिक करमा पूजा का शुभारंभ भी शाम को ही हो सका। इस दौरान भीषण गर्मी में पर्याप्त टेंट न होने के कारण ग्रामीणों को मैदान से दूर लगे पेड़ों की छाँव में खड़े होकर समय बिताना पड़ा। कायाकल्प के दावों के बीच बदहाली का दंश झेल रहा पनारी एक तरफ जहाँ मंच से जनजातीय कल्याण की योजनाएं गिनाई जा रही थीं, वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थल वाला ग्राम पंचायत पनारी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है: नल तो लगे, पर बूंद भर पानी को तरसे: 'हर घर नल योजना' के तहत ढाँचे तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन नलों में पानी नियमित नहीं आता। अधूरी सोलिंग से जर्जर सड़कें: सड़कों पर केवल सोलिंग डालकर छोड़ दिया गया है। डामरीकरण न होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का निकलना दूभर है। निपुण अभियान कागजों तक: प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र अगली कक्षाओं में प्रोन्नत तो हो रहे हैं, लेकिन उनकी बुनियादी शैक्षणिक गुणवत्ता काफी चिंताजनक है। पलायन की मजबूरी: हाईस्कूल के बाद आगे की शिक्षा व स्थानीय रोजगार न मिलने से युवाओं को पढ़ाई छोड़कर मजदूरी के लिए दूसरे शहरों में पलायन करना पड़ रहा है। नेटवर्क व बिजली का संकट: क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी मोबाइल नेटवर्कविहीन है और आधे गांव में बिजली आपूर्ति ठप रहती है। परंपरा की धुन पर थिरके कदम प्रशासनिक उपेक्षा और अव्यवस्थाओं के बावजूद स्थानीय आदिवासियों में अपनी परंपरा के प्रति अटूट आस्था दिखी। मांदर व ढोलक की थाप पर कलाकारों ने पारम्परिक करमा नृत्य पेश कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव: संस्कृति के रंग बिखरे, पर व्यवस्थाओं पर भारी पड़ी अफसरों की लेट लतीफी मंच से सरकारी योजनाओं के लंबे-चौड़े दावे, धरातल पर पानी, सड़क और नेटवर्क को तरस रहे पनारी के ग्रामीण आमंत्रण कार्ड पर 11 बजे का समय, शाम 4 बजे पहुँचे मंत्री व अफसर; कड़ी धूप में पेड़ की छाँव बनी सहारा ओबरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पनारी (टोला मैराडाड) स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज मैदान में मंगलवार को 'जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव 2026' का आयोजन किया गया। सेवा समर्पण संस्थान व जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में जनजातीय समाज का उल्लास और सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत छटा देखने को मिली। हालाँकि, भव्य आयोजनों और कायाकल्प के बड़े-बड़े दावों के बीच प्रशासनिक कुप्रबंधन व समय-पालना की अनदेखी भी खुलकर उजागर हुई। 5 घंटे देरी से पहुँचे वीआईपी, टेंट के अभाव में तपे ग्रामीण आयोजकों की ओर से बांटे गए आमंत्रण पत्रों में कार्यक्रम का समय सुबह 11:00 बजे अंकित था। समय पर दूर-दराज़ के गांवों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे सैकड़ों ग्रामीण पहुँचे। लेकिन, मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, कैमर वन्यजीव प्रभाग की DFO आयुषी मिश्रा और उपजिलाधिकारी ओबरा शाम लगभग 4:00 बजे आयोजन स्थल पर पहुँच सके। अतिथियों के 5 घंटे विलंब से पहुँचने के कारण पारंपरिक करमा पूजा का शुभारंभ भी शाम को ही हो सका। इस दौरान भीषण गर्मी में पर्याप्त टेंट न होने के कारण ग्रामीणों को मैदान से दूर लगे पेड़ों की छाँव में खड़े होकर समय बिताना पड़ा। कायाकल्प के दावों के बीच बदहाली का दंश झेल रहा पनारी एक तरफ जहाँ मंच से जनजातीय कल्याण की योजनाएं गिनाई जा रही थीं, वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थल वाला ग्राम पंचायत पनारी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है: नल तो लगे, पर बूंद भर पानी को तरसे: 'हर घर नल योजना' के तहत ढाँचे तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन नलों में पानी नियमित नहीं आता। अधूरी सोलिंग से जर्जर सड़कें: सड़कों पर केवल सोलिंग डालकर छोड़ दिया गया है। डामरीकरण न होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का निकलना दूभर है। निपुण अभियान कागजों तक: प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र अगली कक्षाओं में प्रोन्नत तो हो रहे हैं, लेकिन उनकी बुनियादी शैक्षणिक गुणवत्ता काफी चिंताजनक है। पलायन की मजबूरी: हाईस्कूल के बाद आगे की शिक्षा व स्थानीय रोजगार न मिलने से युवाओं को पढ़ाई छोड़कर मजदूरी के लिए दूसरे शहरों में पलायन करना पड़ रहा है। नेटवर्क व बिजली का संकट: क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी मोबाइल नेटवर्कविहीन है और आधे गांव में बिजली आपूर्ति ठप रहती है। परंपरा की धुन पर थिरके कदम प्रशासनिक उपेक्षा और अव्यवस्थाओं के बावजूद स्थानीय आदिवासियों में अपनी परंपरा के प्रति अटूट आस्था दिखी। मांदर व ढोलक की थाप पर कलाकारों ने पारम्परिक करमा नृत्य पेश कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
- सोनभद्र: कर्मा महोत्सव में चमकीं अफसरों की गाड़ियां, पर मार्ग पर ही वेंटिलेटर पर मिला 'आरोग्य केंद्र' — प्रशासनिक अनदेखी से उपेक्षित जनजातीय अंचल चोपन, सोनभद्र: जनपद में जनजातीय समाज की संस्कृति और धरोहर को पहचान देने के नाम पर आयोजित 'कर्मा महोत्सव' की चकाचौंध के बीच जिला प्रशासन के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है। जिस मार्ग से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप-जिलाधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी जैसे आला अफसरों का काफिला महोत्सव में शामिल होने के लिए गुजरा, ठीक उसी मुख्य सड़क के किनारे स्थित ग्राम पंचायत पनारी (टोला-मैराडाड) का उप-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के प्रवेश द्वार पर झाड़ियों के बीच उपयोग की गई पुरानी सिरिंज और खतरनाक बायोमेडिकल कचरा खुले में बिखरा मिला। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों की धज्जियां उड़ाता यह केंद्र किसी आरोग्य मंदिर के बजाय स्वयं संक्रमण और बीमारियों का केंद्र बन चुका है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं, मासूम बच्चों और ग्रामीणों के जीवन को सीधे जोखिम में डाला जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण और जनजातीय समाज के लोग लगातार बन रही इस दूरव्यवस्था और प्रशासनिक नाकामी के विरुद्ध बोलने का साहस नहीं जुटा पाते हैं। तंत्र के डर और सुविधाओं से वंचित किए जाने के भय के कारण ग्रामीणों की यह खामोशी अफसरों और जिम्मेदार कर्मचारियों के लिए बेलगाम लापरवाही का लाइसेंस बन चुकी है। डॉक्टरों और एएनएम की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों में भी महंगे निजी अस्पतालों में आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। इमारत की छत पर सोलर पैनल और पानी की टंकियां जैसी व्यवस्थाएं तो खड़ी कर दी गई हैं, परंतु धरातल पर संचालन केवल सरकारी अभियानों के पोस्टर-बैनर चिपकाने तक सीमित रह गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए लगातार औचक निरीक्षण करते हैं, उनसे सीधे सवाल खड़े होते हैं कि सोनभद्र के इस ग्रामीण अंचल की स्थिति जिला प्रशासन की 'महोत्सव की चमक' के पीछे आखिर क्यों छिपी रह गई? मांग: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत सोनभद्र जिले के सभी ग्रामीण उप-स्वास्थ्य केंद्रों का राज्य स्तरीय टीम द्वारा निष्पक्ष ग्राउंड ऑडिट कराया जाए। बायोमेडिकल कचरे के असुरक्षित निस्तारण और घोर लापरवाही के जिम्मेदार कर्मचारियों व पर्यवेक्षकों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। वीआईपी मार्ग पर स्थित होने के बावजूद इस केंद्र को नजरअंदाज करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।1
- बाइक की टक्कर में युवक गंभीर घायल, सीएचसी दुद्धी से जिला अस्पताल रेफर दुद्धी (सोनभद्र )।कोतवाली क्षेत्र के दुम्हान गांव में मंगलवार पूर्वाह्न में हुई बाइक दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।सीएचसी दुद्धी चिकित्सक ने घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अनपरा निवासी अजय कुमार यादव (22) पुत्र बालेश्वर अपनी बाइक से रिश्तेदारी में झारखंड के नगरऊंटारी जा रहे थे। दुम्हान गांव में रामयाद कुशवाहा के घर के पास करीब 11 बजे उनके बाइक के आगे चल रहे एक अन्य बाइक सवार ने अचानक बाइक मोड़ दिया, जिससे अजय की बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। दुर्घटना में आगे वाला बाइक सवार, जो दुम्हान गांव का ही बताया गया और सुरक्षित रहा, जबकि अजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अजय यादव को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया। जहां चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने बाएं पैर में गंभीर चोट फ्रैक्चर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार,अजय अनपरा से नगरऊंटारी (झारखंड) जा रहे थे। घायल के चचेरे भाई अजय ने बताया कि घटना गंभीर है और उपचार के बाद थाने में तहरीर दी जाएगी। समाचार लिखे जाने तक थाने में कोई तहरीर दर्ज नहीं की गई थी।1
- राधा रानी का कीर्तन का आयोजन खाड़ पाथर रेणुकूट में किया गया , जिसमें काफी संख्या में लोगों ने अपनी हाजिरी लगाई , श्याम बाबा राधारानी को छप्पन भोग का भोग लगाया गया कीर्तन , भजन , से पूरा माहौल भक्ति मय हो गया आप भी वीडियो के माध्यम से दर्शन करे और अपने जीवन को कृतार्थ करें1
- सलैयाडिह में पंचायत भवन के बगल में गंदगी का अंबार, पौधों को भी नहीं बचाया जा सका लाखों रुपये से संवारा गया अमृत सरोवर बदहाल, कूड़े से पट रहा तालाब सलैयाडिह में पंचायत भवन के बगल में गंदगी का अंबार, पौधों को भी नहीं बचाया जा सका विंढमगंज, सोनभद्र। विकासखंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सलैयाडिह में पंचायत भवन के बगल स्थित अमृत सरोवर तालाब इन दिनों बदहाली का शिकार है। स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब में आसपास के घरों से निकलने वाला कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे सरोवर की साफ-सफाई और सुंदरता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले मनरेगा योजना के तहत बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर अमृत सरोवर की साफ-सफाई और सुंदरीकरण कराया गया था। तालाब के आसपास इंटरलॉकिंग तथा पेड़-पौधे भी लगाए गए थे। लेकिन देखरेख के अभाव में कई पौधे जानवरों और बकरियों की चपेट में आकर खराब हो गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पंचायत भवन के ठीक बगल में स्थित होने के बावजूद तालाब में कूड़ा डाले जाने का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब की नियमित निगरानी और देखरेख की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन खर्च कर तालाब को सुंदर बनाया गया, लेकिन उसके संरक्षण की व्यवस्था नहीं होने से पूरी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। उनका सवाल है कि जब पौधे लगाए जाते हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और दुद्धी ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों से अमृत सरोवर की दोबारा सफाई, कूड़ा डालने पर रोक और लगाए गए पौधों की सुरक्षा की व्यवस्था कराने की मांग की है। सवाल यह है—सरकारी धन से संवारे गए अमृत सरोवर की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? विंढमगंज सोनभद्र से जितेन्द्र प्रसाद3
- कौन कहता है की भगवान नहीं हैं इस जमाने में बजरंगबली भी ठान लिए हैं पूरी ताकत लगा दो मुझे हटाने में उज्जैन में बजरंगबली की मंदिर को तोड़कर बजरंगबली को हटाने की पूरी कोशिश कर रहे लोग फिर भी नाकाम रहें जो लोग भगवान को नहीं मानते थे उनको भी हुआ अकिन भगवान आज भी हैं!1
- ग्रामीण क्षेत्रो में रोस्टिंग के नाम पर बिजली कटौती बन्द हो आज अधिक्षण अभियन्ता कार्यालय सोनभद्र पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने बिजली कटौती को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन और दिया चेतावनी कि एक हफ्ते के अन्दर यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा बड़ा आन्दोलन ग्रामीण क्षेत्रो में रोस्टिंग के नाम पर बिजली कटौती बन्द हो आज अधिक्षण अभियन्ता कार्यालय सोनभद्र पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने बिजली कटौती को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन और दिया चेतावनी कि एक हफ्ते के अन्दर यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा बड़ा आन्दोलन1
- वृद्ध महिला को सर्प ने काटा, सीएचसी दुद्धी में चल रहा उपचार दुद्धी (सोनभद्र)। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम झारोकला निवासी 60 वर्षीय उर्मिला देवी पत्नी बीरा सिंह को सोमवार रात करीब 8 बजे अज्ञात सर्प ने काट लिया। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत निजी साधन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह की देखरेख में उनका उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार उर्मिला देवी देर शाम को सड़क से अपने घर की ओर आ रही थीं। रास्ते में अचानक उनके पैर के नीचे अज्ञात सर्प आ गया और सर्प ने उनके दाएं पैर में डस लिया। घटना के बाद महिला घर पहुंची और परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें निजी वाहन से सीएचसी दुद्धी पहुंचाया।सीएचसी दुद्धी चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह के देखरेख में बुजुर्ग महिला का इलाज चल रहा है।3
- सिंगरौली: कंचन ज्वेलर्स जयंत डकैती कांड में एक और बड़ी सफलता। सिंगरौली पुलिस व जिला गढ़वा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चौथा आरोपी गिरफ्तार। 10 पुलिस टीमें अंतरराज्यीय स्तर पर लगातार सक्रिय।1
- 🚨 #सोनभद्र में बिजली कटौती पर बवाल! ⚡ रोस्टिंग के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के खिलाफ किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन। अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर एक सप्ताह का अल्टीमेटम। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा बोले—व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन होगा। #सोनभद्र #बिजली_कटौती #किसान_नौजवान_संघर्ष_मोर्चा #संदीप_मिश्रा #BreakingNews1