कुशीनगर के सुकरौली में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर स्थित अंग्रेजी और देसी शराब भट्टी के पास गुरुवार रात एक लगभग 35 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सुकरौली चौकी प्रभारी धीरेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने सड़क पर पड़े युवक के शव को देखा, जिसकी हालत देखकर उनके होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शव सड़क के बीचों-बीच पड़ा था और उसके सिर, हाथ व पैरों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे उसकी पहचान कर पाना अत्यंत मुश्किल हो रहा था। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का प्रारंभिक आकलन है कि युवक किसी तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आ गया होगा और यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। हादसा इतना भीषण था कि मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उसका चेहरा भी स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही, पुलिस ने आसपास के थानों को भी सूचित कर गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। चौकी प्रभारी धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर के सुकरौली में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर स्थित अंग्रेजी और देसी शराब भट्टी के पास गुरुवार रात एक लगभग 35 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सुकरौली चौकी प्रभारी धीरेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने सड़क पर पड़े युवक के शव को देखा, जिसकी हालत देखकर उनके होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शव सड़क के बीचों-बीच पड़ा था और उसके सिर, हाथ व पैरों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे उसकी पहचान कर पाना अत्यंत मुश्किल हो रहा था। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का प्रारंभिक आकलन है कि युवक किसी तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आ गया होगा और यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। हादसा इतना भीषण था कि मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उसका चेहरा भी स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही, पुलिस ने आसपास के थानों को भी सूचित कर गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। चौकी प्रभारी धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- देवरिया के जिलाधिकारी (DM) मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को विकासखंड क्षेत्र के ग्राम तिवई का दौरा किया। उन्होंने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के तहत प्राप्त एक प्रकरण के निस्तारण का भौतिक सत्यापन किया। जिलाधिकारी हुल्गी ने ग्राम तिवई में इस आईजीआरएस प्रकरण के समाधान की व्यक्तिगत रूप से जाँच की।1
- अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। यह जागरूकता रैली प्रातः 10:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू होकर थाना रवीन्द्रनगर तक निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आमजन ने भाग लिया। रैली के माध्यम से जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने भी लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में शामिल होकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का अनुरोध किया। इस जागरूकता रैली में रामप्रताप सिंह (संस्था अध्यक्ष), सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय, पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।3
- अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से कल सुबह 10:00 बजे एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का शुभारंभ जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से हुआ, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली थाना रवींद्रनगर तक निकाली गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं तथा आमजन ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। रैली के माध्यम से बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जनसामान्य को जागरूक किया गया। साथ ही, लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने सभी से इस जन-जागरूकता अभियान में सहभागी बनकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का अनुरोध किया। इस रैली में मुख्य रूप से संस्था अध्यक्ष रामप्रताप सिंह के साथ सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय और पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।4
- देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ मुक्तिधाम मोड़ के पास एक तेज रफ्तार टेलर ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस हादसे में ई-रिक्शा में सवार एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना 12 जून 2026 को शाम करीब 3:30 बजे हुई। हादसे में देवरिया के पैना निवासी 65 वर्षीय तेजनारायण चौहान की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घायलों में सोनबरसा निवासी आकाश (27), कपरवार निवासी अंजनी मद्देशिया (24), तेलिया शुक्ल निवासी पनवा देवी (60), आजमगढ़ जनपद के पलिया गौसपुर निवासी दिलसाद (35), और ई-रिक्शा चालक, पटेल नगर कस्बा बरहज निवासी विवेक (30) शामिल हैं। सभी गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज देवरिया भेजा गया है। घटना के बाद पुलिस ने टेलर वाहन को तुरंत कब्जे में ले लिया और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। मृतक के पुत्र अमर चौहान की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।1