सतना जिला चित्रकूट पद्मश्री डॉ बीके जैन पंचतत्व में हुए विलीन राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई सलामी एवं गार्ड ऑफ आनर के साथ दी गई अंतिम विदाई जिस तपोभूमि पर अपनी सेवा का पूरा जीवन अर्पित किया उसी तपोभूमि की धरा पर हुए विलीन चित्रकूट, परम पूज्य संत रणछोड़ दास जी के कर कमलों द्वारा स्थापित श्री सदगुरू सेवा संघ के ट्रस्टी एवं सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक पद्मश्री से अलंकृत लाखों लोगों के जीवन में उजला प्रदान करने वाले डॉ बी के जैन आज उसी चित्रकूट की तपोभूमि धरा पर पंचतत्व में विलीन हो गए जिस तपोभूमि को उन्होंने अपना पूरा जीवन अर्पित किया था।अंधकार में डूबी असंख्य आंखों को रोशनी देने वाला एक तपस्वी नेत्र चिकित्सक अब स्वयं अनंत ज्योति में विलीन हो गया। डॉ जैन की अंतिम यात्रा चिकित्सालय परिसर रघुवीर मंदिर होते हुए एसपीएस ग्राउंड में पहुंची जहां उनको तिरंगे के साथ गार्ड ऑफ सलामी दी गई।इस मौके पर जिलाधिकारी सतना पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सहित तमाम जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक धर्म नगरी के सभी साधु संत, आम जनमानस सहित सदगुरु परिवार के लगभग सभी ट्रस्टीगण, गुरु भाई बहन, डॉ जैन के सभी परिवारिक जन ,रिश्तेदार सहित सदगुरु परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।उनके दोनों पुत्र जिनेश जैन एवं डॉ इलेश जैन ने उन्हें मुखाग्नि दी। आपको बता दे कि 27 फरवरी 2026 को डॉ जैन का गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था पिछले कई महीनों से अस्वस्थ्य थे और मुंबई में उनका इलाज चल रहा था।उनके मार्गदर्शन में चित्रकूट तपोभूमि पर तारा नेत्र दान यज्ञ के रूप में सेवा का जो बीज जो बोया गया था वह आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है।उनके निधन से चित्रकूट सहित समूचे विंध्य अंचल में शोक की लहर दौड़ गई, संत समाज, समाज सेवी सेवी,जनप्रतिनिधि ,आम जनमानस सहित समस्त सदगुरू परिवार ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि के साथ अंतिम विदाई दी उनकी अंतिम विदाई में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सतना जिले में जन्मे डॉ जैन ने प्रारंभिक शिक्षा शासकीय व्यंकट क्रमांक -1 विद्यालय से प्राप्त की थी, वर्ष 1973 में श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय ,रीवा से चिकित्सा स्नातक तथा 1979 में लोकमान्य तिलक चिकित्सा महाविद्यालय , सायन से नेत्र रोग में स्नाकोत्तर उपाधि प्राप्त की थी। स्नाकोत्तर के बाद उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग खुला था मगर उन्होंने सुविधा नहीं बल्कि सेवा का मार्ग चुना और 1970 में चित्रकूट पहुंचे जहां स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यंत सीमित थी।परम पूज्य रणछोड़ दास जी महाराज के आशीर्वाद से शुरू तारा नेत्रदान यज्ञ ने चित्रकूट क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में नेत्र चिकित्सा की एक नई क्रांति ला दी थी।टेंट और टीन शेड के नीचे प्रारंभ हुए शिविर आज सुव्यवस्थित स्थापित किए गए लाखों नेत्र रोगियों के उपचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के तमाम जिलों को मोतियाबिंद मुक्त घोषित कराने में डॉ जैन ने महत्व महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।चिकित्सा और अंधत्व निवारण के क्षेत्र में उनके अद्वतीय योगदान देने के लिए उनको देश विदेश में कई अवार्डों से सम्मानित किया गया और इसी अद्वतीय योगदान के लिए उन्हें 27 मई 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने उन्हें पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया था। उनकी अंतिम विदाई में बिलख उठे परिजन पत्नी ऊषा जैन, पुत्र जिनेश जैन,इलेश जैन, बहू श्रुति जैन, मौसम जैन, पौत्र पौत्री प्रियांश जैन, निर्वाण जैन, अर्णव जैन और अरिहा जैन समेत पूरा परिवार। वहां मौजूद हजारों लोग इस दृश्य को देखकर स्वयं को संभाल नहीं सके।उनकी अंतिम विदाई गार्ड ऑफ ऑनर में पुलिस ने शस्त्र झुकाएं।
सतना जिला चित्रकूट पद्मश्री डॉ बीके जैन पंचतत्व में हुए विलीन राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई सलामी एवं गार्ड ऑफ आनर के साथ दी गई अंतिम विदाई जिस तपोभूमि पर अपनी सेवा का पूरा जीवन अर्पित किया उसी तपोभूमि की धरा पर हुए विलीन चित्रकूट, परम पूज्य संत रणछोड़ दास जी के कर कमलों द्वारा स्थापित श्री सदगुरू सेवा संघ के ट्रस्टी एवं सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक पद्मश्री से अलंकृत लाखों लोगों के जीवन में उजला प्रदान करने वाले डॉ बी के जैन आज उसी चित्रकूट की तपोभूमि धरा पर पंचतत्व में विलीन हो गए जिस तपोभूमि को उन्होंने अपना पूरा जीवन अर्पित किया था।अंधकार में डूबी असंख्य आंखों को रोशनी देने वाला एक तपस्वी नेत्र चिकित्सक अब स्वयं अनंत ज्योति में विलीन हो गया। डॉ जैन की अंतिम यात्रा चिकित्सालय परिसर रघुवीर मंदिर होते हुए एसपीएस ग्राउंड में पहुंची जहां उनको तिरंगे के साथ गार्ड ऑफ सलामी दी गई।इस मौके पर जिलाधिकारी सतना पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सहित तमाम जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक धर्म नगरी के सभी साधु संत, आम जनमानस सहित सदगुरु परिवार के लगभग सभी ट्रस्टीगण, गुरु भाई बहन, डॉ जैन के सभी परिवारिक जन ,रिश्तेदार सहित सदगुरु परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।उनके दोनों पुत्र जिनेश जैन एवं डॉ इलेश जैन ने उन्हें मुखाग्नि दी। आपको बता दे कि 27 फरवरी 2026 को डॉ जैन का गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था पिछले कई महीनों से अस्वस्थ्य थे और मुंबई में उनका इलाज चल रहा था।उनके मार्गदर्शन में चित्रकूट तपोभूमि पर तारा नेत्र दान यज्ञ के रूप में सेवा का जो बीज जो बोया गया था वह आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है।उनके निधन से चित्रकूट सहित समूचे विंध्य अंचल में शोक की लहर दौड़ गई, संत समाज, समाज सेवी सेवी,जनप्रतिनिधि ,आम जनमानस सहित समस्त सदगुरू परिवार ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि के साथ अंतिम विदाई दी उनकी अंतिम विदाई में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सतना जिले में जन्मे डॉ जैन ने प्रारंभिक शिक्षा शासकीय व्यंकट क्रमांक -1 विद्यालय से प्राप्त की थी, वर्ष 1973 में श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय ,रीवा से चिकित्सा स्नातक तथा 1979 में लोकमान्य तिलक चिकित्सा महाविद्यालय , सायन से नेत्र रोग में स्नाकोत्तर उपाधि प्राप्त की थी। स्नाकोत्तर के बाद उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग खुला था मगर उन्होंने सुविधा नहीं बल्कि सेवा का मार्ग चुना और 1970 में चित्रकूट पहुंचे जहां स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यंत सीमित थी।परम पूज्य रणछोड़ दास जी महाराज के आशीर्वाद से शुरू तारा नेत्रदान यज्ञ ने चित्रकूट क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में नेत्र चिकित्सा की एक नई क्रांति ला दी थी।टेंट और टीन शेड के नीचे प्रारंभ हुए शिविर आज सुव्यवस्थित स्थापित किए गए लाखों नेत्र रोगियों के उपचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के तमाम जिलों को मोतियाबिंद मुक्त घोषित कराने में डॉ जैन ने महत्व महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।चिकित्सा और अंधत्व निवारण के क्षेत्र में उनके अद्वतीय योगदान देने के लिए उनको देश विदेश में कई अवार्डों से सम्मानित किया गया और इसी अद्वतीय योगदान के लिए उन्हें 27 मई 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने उन्हें पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया था। उनकी अंतिम विदाई में बिलख उठे परिजन पत्नी ऊषा जैन, पुत्र जिनेश जैन,इलेश जैन, बहू श्रुति जैन, मौसम जैन, पौत्र पौत्री प्रियांश जैन, निर्वाण जैन, अर्णव जैन और अरिहा जैन समेत पूरा परिवार। वहां मौजूद हजारों लोग इस दृश्य को देखकर स्वयं को संभाल नहीं सके।उनकी अंतिम विदाई गार्ड ऑफ ऑनर में पुलिस ने शस्त्र झुकाएं।
- सतना: सतना जिले की कोठी थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी को गोवा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई के उपरांत न्यायालय में पेश कर दिया गया है। क्या है पूरा मामला? पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने 29 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी खेत जाने का कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस की छानबीन और सफलता शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार सक्रिय थी। जांच के दौरान कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए: कर्नाटक में मिली पीड़िता: पुलिस को शुरुआती जांच के बाद पीड़िता कर्नाटक में मिली थी। गोवा में छिपा था आरोपी: तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और अंततः उसे गोवा से धर दबोचा। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़1
- मध्य प्रदेश पन्ना घाटी में पलटे ट्रक से लाखों के टायर-रिम पार: वन विभाग और मडला पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल। पन्ना घाटी राखड़ से लदा एक अनियंत्रित ट्रक 3 दिन पहले पलट गया, जो ललितपुर पावर प्लांट से सतना जा रहा था। हादसे के बाद तीन दिनों तक ट्रक वहीं पड़ा रहा, लेकिन इस दौरान चोरों ने लाखों की कीमत के टायर और रिम पार कर दिए। हैरानी की बात यह है कि मडला थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, वन विभाग पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा के लिए चालक को वाहन के पास रुकने की अनुमति नहीं दी, न ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को उठाने की अनुमति दी। जिम्मेदारों की इस बेरुखी और लचर कार्यशैली ने अब उनकी संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by Ravi Shankar pathak1
- जिला पंचायत सीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर खाद्यान्न वितरण नहीं होने के संबंध में ले रहे जानकारी।1
- गाड़ी लेके निकलने वाले सावधान। नहीं ख़रीद पाएंगे पेट्रोल ,आसमान पर पहुँचे दाम, जानिए क्यों होगा ऐसा।1
- एक फेसबुक पोस्ट में कहा गया कि सतना पर कोई हमला नहीं करेगा क्योंकि यहाँ कोई बड़ा टारगेट नहीं है। लोगों की क्या राय है? जानिए और अपनी राय दें। #SatnaNews #MPNews #SatnaCity #PublicReaction1
- *मैहर में नाली घोटाला*! *वार्ड 2 उदयपुर में लाखों की नाली बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, विरोध के बाद भी बेलगाम ठेकेदार की दबंगई* मैहर। नगर पालिका परिषद मैहर के वार्ड क्रमांक 2 उदयपुर में चल रहा नाली निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बनता नजर आ रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनाई जा रही नाली की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो गुणवत्ता और नियमों को खुलेआम ठेकेदार की जेब में रख दिया गया हो। 🚨 *बिना रेता, डस्ट से ढलाई — जनता के पैसों की खुली लूट*! स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि निर्माण में रेता का उपयोग ही नहीं किया गया, बल्कि डस्ट और मिट्टी मिश्रित जीआरएम से ढलाई की गई। गिट्टी के नाम पर धूल झोंकी गई और 6 एमएम की पतली रॉड लगाकर मजबूती का मजाक बना दिया गया। नाली इतनी टेढ़ी-मेढ़ी बनाई गई है कि देखने वाला भी हैरान रह जाए। ढलान इस प्रकार डाली गई है कि दोनों ओर से पानी आकर बीच में जमा हो जाएगा — यानी बस्ती का पानी बाहर नहीं, बल्कि यहीं सड़ता रहेगा! 🚨 *विरोध, निरीक्षण और आदेश... फिर भी काम जारी*! हैरानी की बात यह है कि पार्षद दीपकुमार बुनकर और वार्डवासियों द्वारा विरोध के बावजूद ठेकेदार रंजीत द्विवेदी ने काम नहीं रोका। यहां तक कि नपा इंजीनियरों ने निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण देख कार्य रोकने के निर्देश दिए, लेकिन ठेकेदार बेखौफ ढलाई करता रहा। क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर किसी राजनीतिक संरक्षण का परिणाम? 🚨 *मौके पर पहुंचे नपा अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि* मामला तूल पकड़ने के बाद नपा अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी मौके पर पहुंचे। निर्माण की गुणवत्ता देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल कार्य रोकने के निर्देश दिए। साथ ही पूरी नाली को उखाड़कर नए सिरे से मानक अनुसार निर्माण कराने की बात कही। इस दौरान पार्षद दीपकुमार बुनकर, पवन दुबे, अजीत प्रजापति, आदर्श जायसवाल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। ❓ *अब सवाल सीधे सत्ता और सिस्टम से* क्या ठेकेदार पर एफआईआर होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा? क्या इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय होगी? क्या जनता के पैसों की लूट पर कड़ी कार्रवाई होगी? वार्ड 2 की यह नाली सिर्फ सीमेंट और डस्ट की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम की पोल खोलती तस्वीर है। अब देखना यह है कि यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या सच में भ्रष्टाचार पर बुलडोजर चलता है।4
- लॉ एंड ऑर्डर को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का संदेश त्यौहारों को लेकर भी CM ने पुलिस व्यवस्था की तारीफ1
- Post by Ravi Shankar pathak1