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घाटमपुर में नीलगाय से बचने के चलते बाइक पेड़ से टकराई, 2 युवकों की मौत घाटमपुर के रेउना थाना क्षेत्र के दुरौली गांव के पास सोमवार देर रात तेज रफ्तार बाइक के पेड़ से टकराने से दो युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उछलकर खेत में जा गिरे। मृतक युवकों की पहचान कैलाश पुत्र रामकेश पाल और छोटू पुत्र राजू पाल निवासी ग्राम बमरौलीघाट, थाना देवराहट, जनपद कानपुर देहात के रूप में हुई है। दोनों युवक गजनेर की ओर से जा रहे थे, जब दुरौली गांव के पास सड़क पर तीखा मोड़ होने एवं सामने से आ रही नील गाय से बचने के कारण बाइक सवार बाइक पर नियंत्रण खो बैठा और बाइक सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की है।
Vipin patrkaar G.t.m
घाटमपुर में नीलगाय से बचने के चलते बाइक पेड़ से टकराई, 2 युवकों की मौत घाटमपुर के रेउना थाना क्षेत्र के दुरौली गांव के पास सोमवार देर रात तेज रफ्तार बाइक के पेड़ से टकराने से दो युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उछलकर खेत में जा गिरे। मृतक युवकों की पहचान कैलाश पुत्र रामकेश पाल और छोटू पुत्र राजू पाल निवासी ग्राम बमरौलीघाट, थाना देवराहट, जनपद कानपुर देहात के रूप में हुई है। दोनों युवक गजनेर की ओर से जा रहे थे, जब दुरौली गांव के पास सड़क पर तीखा मोड़ होने एवं सामने से आ रही नील गाय से बचने के कारण बाइक सवार बाइक पर नियंत्रण खो बैठा और बाइक सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की है।
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- कानपुर में होली के आठवें दिन मनाया जाने वाला ऑठो होली पर्व एक अनोखा उत्सव है, जिसमें लोग जमकर रंग खेलते हैं और एक दूसरे के कपड़े फाड़ते हैं। इस पर्व के दौरान डीजे पर बज रहे गानों पर लोग जमकर डांस करते हैं।ऑठो होली का इतिहास 1942 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है, जब कानपुर के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था। तब से यह पर्व हर साल मनाया जाता है, जिसमें लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गुलाल उड़ाते हैं ।कानपुर की ऑठो होली उत्तर भारत में एकमात्र ऐसी होली है, जो आठ दिनों तक चलती है। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में रंगों का उत्सव मनाया जाता है, जिसमें लोग एक दूसरे के साथ मिलकर रंग खेलते हैं।1
- Post by MAKKI TV1
- कानपुर उत्तर प्रदेश भौती प्रतापपुर कानपुर नगर एक गांव मोहल्ले की नली बहती रहती है जिसमें कोई सुनवाई नहीं होती है सीवर का पानी बहता है गंदी नाली बहती रहती है बदबू बहुत करती है कोई प्रधान कोई जिला पंचायत की सुनवाई नहीं है इस वीडियो के ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि एक प्रशासन के पास पहुंच सके1
- बारात दुल्हन लेकर लौट रही थी तभी गुंडे पीछे पड़ गए ड्राइवर ने गुंडे से पीछा छुड़ाने का भरसक प्रयास किया लेकिन आख़िरकार गुंडे को पकड़ ही लिया. कानपुर देहात से बारात वापस औरैया अपने घर लौट रही थी, तभी बारात को बीच रास्ते में रोककर, बदमाशों ने दूल्हा और ड्राइवर के साथ मारपीट की और दुल्हन के जेवर लूटकर फरार हो गए.1
- कानपुर। फागुन के उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मंगलवार को शहर में ऐतिहासिक गंगा मेला पूरे जोश और परंपरा के साथ मनाया गया, रंगों, गुलाल और राष्ट्रभक्ति के माहौल में पूरा शहर उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। इस बार के मेले में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्षों से मेले की पहचान रहे पारंपरिक भैंसा ठेलों की जगह इस बार सजे-धजे ट्रैक्टरों, ट्रॉलियों और ऊंटों का काफिला शामिल हुआ। करीब 6 ऊंट, 5 घोड़े और 8 ट्रैक्टरों पर सवार होरियारों की टोलियां जब सड़कों पर निकलीं तो शहर की गलियां रंगों से भर उठीं। सुबह रज्जन बाबू पार्क में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई, राष्ट्रगान के बाद क्रांतिकारियों के शिलालेख पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, गंगा मेला की परंपरा 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी मानी जाती है, जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ तिरंगा फहराने पर गिरफ्तार किए गए 45 क्रांतिकारी जेल से रिहा होने के बाद विजय के प्रतीक के रूप में होली खेले थे.. गंगा मेला शहर की गंगा-जमुनी तहजीब की भी मिसाल है, जुलूस जब मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से गुजरा तो लोगों ने फूलों की वर्षा और गुलाल लगाकर होरियारों का स्वागत किया रंगों के इस उत्सव में विभिन्न समुदायों के लोग गले मिलते नजर आए, जिसने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया... मुख्य जुलूस रज्जन बाबू पार्क से शुरू होकर सूत बाजार, जनरलगंज, मेस्टन रोड और सर्राफा बाजार से होता हुआ कोतवाली और बिरहाना रोड के रास्ते हटिया पहुंचा शाम के समय हटिया क्षेत्र में आयोजित बाल मेले में झूले, पकवानों के स्टॉल और आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक और बढ़ा दी। इस दौरान विधायक अमिताभ बाजपेई और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, उन्होंने शहरवासियों को ऐतिहासिक गंगा मेले की शुभकामनाएं दीं और इस परंपरा को शहर की गौरवशाली विरासत बताया...??2
- 128/Yashoda Nagar Gangapur colony1
- Post by Media Prabhari1
- Post by MAKKI TV1