दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में ₹15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान के स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह गड़बड़ी 29 मई को उस समय उजागर हुई जब खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की एक संयुक्त जांच टीम ने धान उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड के अनुसार, समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से 65,657.62 क्विंटल धान मिलरों को जारी किया जा चुका था और 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया था। इस हिसाब से उपार्जन केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। हालाँकि, टीम के भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में मात्र 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मिला, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 560.28 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान रिकॉर्ड के अनुसार 2103 नए बारदाने भी उपलब्ध नहीं मिले। धान और इन बारदानों की कुल कमी का मूल्यांकन ₹15,08,161 किया गया है। जांच टीम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धमधा शाखा के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। प्रारंभिक जांच में इसे सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक धन से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि धान और बारदानों की यह कमी लापरवाही का परिणाम है या फिर किसी सुनियोजित गबन का मामला। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य धान उपार्जन समितियों में भी हलचल बढ़ गई है, और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि धान खरीदी तथा भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे।
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में ₹15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान के स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह गड़बड़ी 29 मई को उस समय उजागर हुई जब खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की एक संयुक्त जांच टीम ने धान उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड के अनुसार, समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से 65,657.62 क्विंटल धान मिलरों को जारी किया जा चुका था और 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया था। इस हिसाब से उपार्जन केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। हालाँकि, टीम के भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में मात्र 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मिला, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 560.28 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान रिकॉर्ड के अनुसार 2103 नए बारदाने भी उपलब्ध नहीं मिले। धान और इन बारदानों की कुल कमी का मूल्यांकन ₹15,08,161 किया गया है। जांच टीम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धमधा शाखा के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। प्रारंभिक जांच में इसे सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक धन से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि धान और बारदानों की यह कमी लापरवाही का परिणाम है या फिर किसी सुनियोजित गबन का मामला। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य धान उपार्जन समितियों में भी हलचल बढ़ गई है, और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि धान खरीदी तथा भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे।
- रायपुर के राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग और सीधा संपर्क साधने की सुविधा प्रदान की है। दर्शक अपनी सीटें बुक माय शो के माध्यम से ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए सिनेमा का कोड RTSR दिया गया है और बुकिंग के लिए एक विशेष लिंक भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है और लोगों को इस ग्रुप से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है, साथ ही यह अनुरोध भी किया है कि वे इस ग्रुप के लिंक को अन्य लोगों के साथ साझा करें। किसी भी जानकारी के लिए दर्शक 0771-2229223 पर कॉल कर सकते हैं।1
- 7 जून रविवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी के अनुसार, खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज और नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान, केसीजी जिले के इन कांग्रेस नेताओं ने घुमका नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस की जीत पर बधाई दी और संगठन की सफलता पर खुशी व्यक्त की। मुलाकात के दौरान, संगठन की आगामी रणनीति, क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों और जनहित से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर केसीजी जिले के कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। नेताओं ने चुनावी जीत का पूरा श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास को दिया।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद जिले के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के अधिकारियों के साथ संवाद किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के किडनी प्रभावित गांव सुपेबेड़ा में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि तेल नदी में 7 करोड़ रुपये की लागत से एक एनीकट का निर्माण किया जाए और एक फिल्टर प्लांट स्थापित किया जाए, ताकि किडनी प्रभावित गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। अपने दौरे के क्रम में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार और भाटापारा जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) से भी मुलाकात कर उन्हें उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए।2
- कृषि विभाग द्वारा लांजी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में “खेत बचाओ अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कृषक चौपाल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत किसानों को डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक, पराली प्रबंधन और प्राकृतिक खेती के विविध उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। अभियान के हिस्से के रूप में, ग्राम कालीमाटी में किसानों को प्राकृतिक खेती के तहत जैविक कीटनाशक नीमास्त्र बनाने और उसके इस्तेमाल की विधि समझाई गई। साथ ही, डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई करने के तरीके और इसके कई लाभों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। किसानों को यह भी स्पष्ट किया गया कि यह तकनीक श्रम, समय और सिंचाई जल की बचत करके खेती की लागत को प्रभावी ढंग से कम करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, पराली प्रबंधन और हरी खाद के उपयोग पर भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।1
- कबीरधाम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक तस्कर को धर दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने तस्कर के पास से 11 किलोग्राम गांजा और 1 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। कबीरधाम पुलिस के इस एक्शन को एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।1
- कबीरधाम पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने कवर्धा में एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत एक किराए के मकान से 11 किलो 536 ग्राम गांजा, ₹1,01,500 नकद, एक मोबाइल फोन और पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। इस मामले में 29 वर्षीय गजेंद्र मानिकपुरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर जिले के भीतर इसकी बिक्री करता था। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली कवर्धा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।2
- आदिवासी छात्र युवा संगठन, छत्तीसगढ़ ने 8 जून को अपना 6वां स्थापना दिवस पखांजूर स्थित सिविल हॉस्पिटल में फल वितरण कार्यक्रम के रूप में मनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को फल वितरित कर सेवा, सहयोग एवं मानवता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएँ दे रहे डॉक्टरों एवं नर्सों का सम्मान करते हुए उन्हें भी फल भेंट किए। संगठन के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भी एक माध्यम है। इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राजेश नुरुटी, सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मैनी कतलामी, उपाध्यक्ष सोमा नुरुटी, महामंत्री गीता दुग्गा, पूर्व महामंत्री विनोद कुमेटी, सचिव सुनील सलाम, बेटियां सर्कल इकाई अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी, उपाध्यक्ष मोनिका गावड़े, कचलामी, कोयलीबेड़ा इकाई अध्यक्ष भुनेश्वरी नवगो, विलसन कुजूर, ओमप्रकाश तिग्गा, कमलेश हुपेंडी, रामदेश पोटाई, दुर्गु हिड़को, मंगेश वेड़दा, सनोती मंडावी, शिल्पा उईके, प्रिया दर्रों, फूलबत्ती जाड़े, सुकली पददा, रविशंकर सलाम, प्रभु पोटाई, महेश दर्रों एवं रवि वडडे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फल वितरण कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में एक सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला, जहाँ मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ ने संगठन के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित सदस्यों ने समाज सेवा, शिक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक एकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।3
- शंकरनगर मुल्ला निवासी एक युवक के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की घटना हुई है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया है।1
- कृषि विभाग ने अवैध धान बीज बेचने और किसानों से धोखाधड़ी करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बैहर थाने में तीन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने बताया कि भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले, भंडेरी निवासी पलक बिसेन, और भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 07 जून 2026 को मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सानू पटले और उनके नियुक्त प्रतिनिधि पलक बिसेन तथा कुंजेलाल हिरवाने, वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 का उपयोग कर विभिन्न गांवों जैसे भंडेरी, गोहारा, कासीटोला में घूम-घूमकर अलग-अलग कंपनियों के धान बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिलने पर 01 जून 2026 को मंडेरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन और अवैध धान बीज को जब्त कर लिया गया था। जांच में यह सामने आया कि किसानों को बिना वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के धान बीज बेचा जा रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कृषि विभाग ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें और खरीदते समय पक्का बिल व आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें। साथ ही, किसी भी प्रकार की संदिग्ध बीज बिक्री की सूचना तुरंत कृषि विभाग को देने का आग्रह किया गया है।1