बिहार लोक भवन में मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न* *मगध विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर राज्यपाल खुश; बौद्ध दर्शन और विरासत पर गया और नालंदा स्थित विश्वविद्यालयों की संयुक्त पहल का किया आह्वान* बोधगया।* बिहार लोक भवन में गुरुवार को मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में माननीय राज्यपाल सह बिहार विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (से. नि.) सैयद अता हसनैन ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मगध विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में जो प्रगति की है, वह उल्लेखनीय है और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा के लिए प्रेरणादायी है। राज्यपाल ने विशेष रूप से बिहार दिवस प्रतियोगिताओं में मगध विश्वविद्यालय द्वारा हासिल प्रथम स्थान, खेल प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों की निरंतर सक्रियता, 10 से अधिक पेटेंट और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि मगध विश्वविद्यालय, नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, नालंदा नवविहार और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (गया) के साथ मिलकर बौद्ध दर्शन और उसकी विरासत पर संयुक्त अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए हैं। प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा दुब्बा में किए गए उत्खनन को मगध विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए महामहिम ने इस पर प्रसन्नता जाहिर की है। कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक मानकों और अकादमिक अनुशासन के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नवगठित डिग्री कॉलेजों को भी साथ लेकर योजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं और विश्वविद्यालय प्रगति पथ पर आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने शोध और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, नए यूजीसी नियमों का पालन और शोध के मानक सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। एसीएस दीपक कुमार ने इस सत्र से शुरू हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए कोर्स पर सुझाव दिया कि राज्य सरकार को पत्र भेजकर AI कोर्स के लिए उचित पद सृजन और नियुक्ति की मांग की जाए ताकि पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के नए आयामों को ध्यान में रखते हुए संसाधन और मानव संसाधन की व्यवस्था जरूरी है। कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् ने पावर-पॉइंट प्रस्तुति में विश्वविद्यालय की उपलब्धियां, चुनौतियां और सुधार के उपाय प्रस्तुत किए। उन्होंने शोध, फैकल्टी विकास और अवसंरचना सुधार पर भी प्रकाश डाला है। इस बैठक में महिला महाविद्यालयों को मिलने वाले कोष में कमी और अवसंरचना व अन्य खर्चों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई है। राजभवन की ओर से आश्वासन दिया गया कि संबंधित कोष जल्दी जारी कर दिया जाएगा और विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा से जुड़ी कठिनाइयों के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इस बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. पार्थ प्रतिम दास, अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी, वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह, वित्त परामर्शी अरुण प्रसाद श्रीवास्तव, जीबीएम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सीमा पटेल और समर्थ पोर्टल के प्रभारी शमशाद अंसारी मौजूद रहे हैं। राज्यपाल के ओएसडी (एकेडमिक) दीपक सिक्का, ओएसडी नदीम, सचिव बीपी त्रिपाठी, अतिरिक्त सचिव संजय कुमार और उच्च शिक्षा सचिव निम्मी भी बैठक में शामिल हुए हैं।
बिहार लोक भवन में मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न* *मगध विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर राज्यपाल खुश; बौद्ध दर्शन और विरासत पर गया और नालंदा स्थित विश्वविद्यालयों की संयुक्त पहल का किया आह्वान* बोधगया।* बिहार लोक भवन में गुरुवार को मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में माननीय राज्यपाल सह बिहार विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (से. नि.) सैयद अता हसनैन ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मगध विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में जो प्रगति की है, वह उल्लेखनीय है और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा के लिए प्रेरणादायी है। राज्यपाल ने विशेष रूप से बिहार दिवस प्रतियोगिताओं में मगध विश्वविद्यालय द्वारा हासिल प्रथम स्थान, खेल प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों की निरंतर सक्रियता, 10 से अधिक पेटेंट और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि मगध विश्वविद्यालय, नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, नालंदा नवविहार और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (गया) के साथ मिलकर बौद्ध दर्शन और उसकी विरासत पर संयुक्त अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए हैं। प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा दुब्बा में किए गए उत्खनन को मगध विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए महामहिम ने इस पर प्रसन्नता जाहिर की है। कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक मानकों और अकादमिक अनुशासन के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नवगठित डिग्री कॉलेजों को भी साथ लेकर योजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं और विश्वविद्यालय प्रगति पथ पर आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने शोध और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, नए यूजीसी नियमों का पालन और शोध के मानक सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। एसीएस दीपक कुमार ने इस सत्र से शुरू हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए कोर्स पर सुझाव दिया कि राज्य सरकार को पत्र भेजकर AI कोर्स के लिए उचित पद सृजन और नियुक्ति की मांग की जाए ताकि पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के नए आयामों को ध्यान में रखते हुए संसाधन और मानव संसाधन की व्यवस्था जरूरी है। कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् ने पावर-पॉइंट प्रस्तुति में विश्वविद्यालय की उपलब्धियां, चुनौतियां और सुधार के उपाय प्रस्तुत किए। उन्होंने शोध, फैकल्टी विकास और अवसंरचना सुधार पर भी प्रकाश डाला है। इस बैठक में महिला महाविद्यालयों को मिलने वाले कोष में कमी और अवसंरचना व अन्य खर्चों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई है। राजभवन की ओर से आश्वासन दिया गया कि संबंधित कोष जल्दी जारी कर दिया जाएगा और विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा से जुड़ी कठिनाइयों के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इस बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. पार्थ प्रतिम दास, अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी, वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह, वित्त परामर्शी अरुण प्रसाद श्रीवास्तव, जीबीएम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सीमा पटेल और समर्थ पोर्टल के प्रभारी शमशाद अंसारी मौजूद रहे हैं। राज्यपाल के ओएसडी (एकेडमिक) दीपक सिक्का, ओएसडी नदीम, सचिव बीपी त्रिपाठी, अतिरिक्त सचिव संजय कुमार और उच्च शिक्षा सचिव निम्मी भी बैठक में शामिल हुए हैं।
- मा मंत्री सूक्ष्म लघु मध्यम भारत सरकार जीतन राम मांझी द्वारा अपने विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप आनंद पैलेस टिकारी में आगमन के समय का दृश्य l1
- भीषण त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए- डा मनीष पंकज मिश्रा तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ और तेज जलप्रवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि लापता भारतीयों में कुछ श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जो अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए और उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने देशभर के लोगों को गहरे शोक और चिंता में डाल दिया है।इस भीषण प्राकृतिक आपदा में लोगों के लापता होने और कई लोगों के जान गंवाने की सूचना से हर कोई दुखी है। संकट की इस घड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने लापता भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपनों के लापता होने का दर्द अत्यंत पीड़ादायक और असहनीय है। इस कठिन समय में हम सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि लापता सभी भारतीय श्रद्धालुओं की शीघ्र सकुशल वापसी हो। डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने इस भीषण त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारों का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में मानवता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने भगवान विष्णु से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रभु इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख और कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।1
- भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष गया के राहुल रंजन जी के धर्मपत्नी डॉo आरती कुमारी के श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जन सैलाब। आए हुए अतिथियों ने नम आंखों से दिए भावपूर्ण श्रद्धांजलि।1
- भागलपुर से नाव हादसे का आया लाइव वीडियो, 19 का रेस्क्यू; 2 अब भी लापता #भागलपुर #Bhagalpur #GangaBoatAccident #नावहादसा #गंगानदी #BoatAccident #RescueOperation #SDRF #भागलपुरन्यूज #बिहारन्यूज #BiharNews #BreakingNews #GangaFlood #FloodNews #Navgachia #खरीक #WRD #Rescue #LatestNews #ViralNews #TrendingNews1
- वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वजीरगंज, गया | 27 अगस्त 2026 वजीरगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में 45 वर्षीय महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हेमजा गांव निवासी बिंदु देवी, पति भरत यादव के रूप में हुई है। हादसा रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के समीप हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना से मृतका के परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के लिए निकली थीं, रास्ते में हुआ हादसा स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बिंदु देवी गुरुवार को अपने घर से निकली थीं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि वह लाइनेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के समीप वह ट्रेन की चपेट में आ गईं। ट्रेन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, वह रेलवे ट्रैक के पास किस परिस्थिति में पहुंचीं और हादसा वास्तव में कैसे हुआ, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलने के बाद वजीरगंज थाना की गश्ती टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। गश्ती टीम में शामिल ASI सरजू प्रसाद सिंह ने मौके का जायजा लिया और घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई। महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतका का मायका दक्खिनगांव गांव, थाना वजीरगंज बताया गया है। वहीं, पुलिस ने ससुराल पक्ष के लोगों को भी घटना की जानकारी दे दी। ASI सरजू प्रसाद सिंह के अनुसार, रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के पास एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है। प्रथम दृष्टया महिला के लाइनेश्वर महादेव की ओर पूजा करने जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक हादसा, लेकिन समाज के लिए बड़ा संदेश यह घटना केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि रेलवे ट्रैक और उसके आसपास अनावश्यक आवाजाही को लेकर भी गंभीर संदेश देती है। रेलवे ट्रैक आम रास्ता नहीं है। ट्रेन कुछ ही सेकंड में घटनास्थल तक पहुंच जाती है और कई बार सामने मौजूद व्यक्ति को संभलने या हटने का मौका तक नहीं मिलता। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग रेलवे ट्रैक को शॉर्टकट या आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हैं। धार्मिक स्थलों, खेतों या आसपास के गांवों तक पहुंचने के लिए ट्रैक पार करने की आदत भी कई जगह देखने को मिलती है। ऐसी लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। इस घटना से यह संदेश भी स्पष्ट है कि रेलवे ट्रैक पर चलते समय या उसे पार करते समय किसी भी तरह की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। परिवार के सदस्यों को भी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को रेलवे ट्रैक के खतरों के प्रति जागरूक करना चाहिए। सुरक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जहां ग्रामीण आबादी रेलवे लाइन के आसपास रहती है, वहां लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। यदि किसी स्थान पर लोग नियमित रूप से रेलवे ट्रैक पार करते हैं, तो वहां सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते, फुटओवर ब्रिज, अंडरपास या अन्य आवश्यक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए। वहीं आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे रेलवे ट्रैक को रास्ता न समझें और किसी भी परिस्थिति में अपनी जान जोखिम में न डालें। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बिंदु देवी की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक महिला के अचानक चले जाने से परिवार के सामने भावनात्मक पीड़ा के साथ-साथ भविष्य की कई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला रेलवे ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं और हादसा किस प्रकार हुआ। यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि जिंदगी अनमोल है। कुछ मिनट बचाने के लिए रेलवे ट्रैक का रास्ता चुनना कभी भी जिंदगी भर का दुख दे सकता है। इसलिए सावधानी बरतें, रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखें और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।1
- रफीगंज में प्रतिबंधित पशु के वध का आरोप, थाने में प्राथमिकी के लिए दिया आवेदन , दो बछडा़ को भेजा गया देवकुण्ड गौशाला रफीगंज थाना क्षेत्र राजा बिगहा के स्थित डॉ उदय कुमार के क्लीनिक से 100 मीटर दुर प्रतिबंधित पशु के कथित वध का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर हिंदु संगठन एवं भाजपा के नेता पहुंचे तथा पुलिस को जानकारी मिलने पर रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार, एस आई मिथलेश कुमार, ए एस आई बबनजीत कुमार, ए एस आई सुनिल सिंह, ए एस आई मृत्युंजय कुमार, ए एस आई संतोष कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच उत्पन विवाद को शांत कराया। इस संबंध में रफीगंज शहर के गौ रक्षा दल के एक सदस्य ने रफीगंज थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन के अनुसार, 27 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे आवेदक को सूचना मिली कि कुछ लोगों प्रतिबंधित पशु का वध किया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब वहां पहुंचकर देखा गया तो पशु के अवशेष तथा खून के निशान दिखाई दिए तथा दो बछड़ा पाया गया। आवेदक ने मामले की जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। मौके पर एसडीएम गौरव कुमार सिंह, एस डीपीओ सदर 2 आदित्य कुमार पहुंचे तथा लोगों से बातचीत की। सदर एसडीपीओ 2 आदित्य कुमार ने बताया कि मामला शांतिपूर्वक है, प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। दोनों बछड़ा को देवकुंड गौशाला में सुरक्षित भेजा गया है।1
- सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार एम एस एम ई विकास कार्यालय पटना के द्वारा आनंद पैलेस टिकारी में राष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया l1
- रेलवे ट्रैक पर हुए दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौत सुरक्षा पर उठे सवाल। रेलवे ट्रैक पर हादसा: महिला की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल रेलवे ट्रैक पर हुए दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। बताया जा रहा है कि महिला रेलवे ट्रैक के पास मौजूद थी, इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसा इतना गंभीर था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पार करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम और जागरूकता जरूरी है। हादसे ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और अवैध रूप से ट्रैक पार करने की समस्या पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।1