अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शनिवार को गहरा दुख और खेद व्यक्त किया है। राम मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लेने रामकथा संग्रहालय पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना को एक तरह का कलंक बताया। उन्होंने कहा कि इसका उन सभी को सिर्फ खेद ही नहीं है, बल्कि वे खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं। मिश्रा ने विश्वास जताया कि व्यवस्था में सुधार होगा और इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक हाईलेवल समिति बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष संभवतः एक जज हैं। यह समिति अपना निर्णय और संस्तुति ट्रस्ट को देगी, जिस पर ट्रस्ट विचार करेगा। इससे पहले शुक्रवार को राम मंदिर परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट का कोई सदस्य नहीं पहुंचा था। इसके साथ ही, श्रीराम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर एक बड़ी खबर आई है। चयन समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर का सीईओ कोई सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) आईएएस या उसके समकक्ष अधिकारी होगा, जो कम से कम 20 साल सरकारी सेवा में रहा हो। इसके साथ ही उसे किसी मंदिर के संचालन का अनुभव होना भी अनिवार्य है। यह नियुक्ति 3 साल के लिए होगी, जिसे बाद में ट्रस्ट बोर्ड बढ़ा भी सकता है। नियुक्त होने वाले सीईओ के लिए अयोध्या में ही रहना अनिवार्य किया गया है। राम मंदिर में हुई इस चोरी की घटना पर अब राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। गोरखपुर में शुक्रवार रात समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अरविंद उपेंद्र दत्त शुक्ला ने पोस्टर लगवाए हैं, जिन पर लिखा है— 'राम नाम जपना, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ााया दान अपना' और 'रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा, चोर करेगा मंदिर में चोरी, चौकीदार देखता रह जाएगा।' इस पर तीखा पलटवार करते हुए रायबरेली में विश्व हिंदू रक्षा परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय महामंत्री राहुल सिंह ने पोस्टर लगवाए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा गया है— 'राम मंदिर के चंदे पर सवाल, आतंकवाद के चंदे पर खामोशी? प्रभु राम हमारी आस्था हैं, राजनीति का हथियार नहीं।'
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शनिवार को गहरा दुख और खेद व्यक्त किया है। राम मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लेने रामकथा संग्रहालय पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना को एक तरह का कलंक बताया। उन्होंने कहा कि इसका उन सभी को सिर्फ खेद ही नहीं है, बल्कि वे खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं। मिश्रा ने विश्वास जताया कि व्यवस्था में सुधार होगा और इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक हाईलेवल समिति बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष संभवतः एक जज हैं। यह समिति अपना निर्णय और संस्तुति ट्रस्ट को देगी, जिस पर ट्रस्ट विचार करेगा। इससे पहले शुक्रवार को राम मंदिर परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट का कोई सदस्य नहीं पहुंचा था। इसके साथ ही, श्रीराम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर एक बड़ी खबर आई है। चयन समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर का सीईओ कोई सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) आईएएस या उसके समकक्ष अधिकारी होगा, जो कम से कम 20 साल सरकारी सेवा में रहा हो। इसके साथ ही उसे किसी मंदिर के संचालन का अनुभव होना भी अनिवार्य है। यह नियुक्ति 3 साल के लिए होगी, जिसे बाद में ट्रस्ट बोर्ड बढ़ा भी सकता है। नियुक्त होने वाले सीईओ के लिए अयोध्या में ही रहना अनिवार्य किया गया है। राम मंदिर में हुई इस चोरी की घटना पर अब राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। गोरखपुर में शुक्रवार रात समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अरविंद उपेंद्र दत्त शुक्ला ने पोस्टर लगवाए हैं, जिन पर लिखा है— 'राम नाम जपना, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ााया दान अपना' और 'रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा, चोर करेगा मंदिर में चोरी, चौकीदार देखता रह जाएगा।' इस पर तीखा पलटवार करते हुए रायबरेली में विश्व हिंदू रक्षा परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय महामंत्री राहुल सिंह ने पोस्टर लगवाए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा गया है— 'राम मंदिर के चंदे पर सवाल, आतंकवाद के चंदे पर खामोशी? प्रभु राम हमारी आस्था हैं, राजनीति का हथियार नहीं।'
- बागपत में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर यमुना किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और लोगों से नदी से दूर रहने की अपील की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पक्के घाटों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिले में स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। निजी गोताखोर इमरान अपने साथियों के साथ मिलकर नदी के किनारों की निगरानी कर रहे हैं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। बागपत जनपद के कई गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए हैं, जिनमें काठा, निवाड़ा, खेड़ा हटाना, टांडा, कोताना, बदरखा, शबगा, जागोस, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, नैथला, फैजपुर निनाना, सिसाना और पाली प्रमुख हैं। इन गांवों के किसान यमुना खादर क्षेत्र में खेती करते हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। विभाग द्वारा यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और बाढ़ चौकियों के माध्यम से पूरी स्थिति की मुस्तैदी से निगरानी की जा रही है।1
- बागपत की रमाला पुलिस ने एक फर्जी लूट की घटना का खुलासा करते हुए मात्र 6 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रमाला थाना क्षेत्र के असरफाबाद थल गांव के निवासी इमरान पुत्र बाबर अली और कुर्बान को इस मामले में पकड़ा गया है। पूछताछ में यह सामने आया कि इमरान ने कर्ज चुकाने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया था। इमरान ने हाल ही में एक प्लॉट खरीदा था, जिसके चलते वह कर्ज में डूब गया और उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। कर्ज से मुक्ति पाने के लिए उसने अपने साथी कुर्बान के साथ मिलकर अपनी ही गाड़ी की फर्जी लूट की योजना बनाई, ताकि मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे बीमा राशि मिल सके और वह गाड़ी को कहीं और बेच सके। इस साजिश के लिए उन्होंने एक फर्जी नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल किया था, जबकि घटना के बाद इमरान ने मोबाइल फोन को खेत में छिपा दिया था। बागपत के एसपी सूरज राय ने बृहस्पतिवार दोपहर प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से तेजी से कार्रवाई करते हुए इस मामले का अनावरण किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो स्विफ्ट डिजायर कारें, एक फर्जी नंबर प्लेट और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इमरान ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने कर्ज उतारने के लिए ही यह पूरी साजिश रची थी।1
- अगर आप नया iPhone या Android फोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिस्प्ले मॉड्यूल और वायरलेस चार्जिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को हटाने का बड़ा फैसला लिया है।1
- डीआरएम दिल्ली ने शामली रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर मौजूद जनता को जानकारी भी प्रदान की।1
- मेरठ में ललिता हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में हुए धरना प्रदर्शन और बवाल को लेकर एसएसपी अविनाश पांडेय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की ओर से की गई अब तक की कार्रवाई पूरी तरह से उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित है। उन्होंने किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय से जोड़कर समाज का माहौल बिगाड़ने की कोशिशों के प्रति सख्त चेतावनी जारी की है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और पुलिस की हर कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों पर नकेल कसना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति भ्रामक बयानबाजी के जरिए पुलिस की छवि को धूमिल करने या जिले की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान वृक्षारोपण महोत्सव पर बात करते हुए एसएसपी ने एक अनूठी अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके समर्थन में हैं, वे एक पेड़ लगाएं और जो लोग उनके विरोध में हैं या उनसे नाराज हैं, वे दो पेड़ लगाएं।1
- दिल्ली के गांधी नगर की राजगढ़ कॉलोनी में कल दिनदहाड़े लूट की एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। यहां एक फाइनेंसर के कर्मचारी से उसके ऑफिस के बाहर ही 16 लाख रुपये की बड़ी लूट की गई। इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।1