तीसरी मुंबई के लिए एमएमआरडीए ने २१६ एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया; भूधारकों की सहमति से रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर को गति मुंबई | मुंबई 3.0 की महत्वाकांक्षी नई शहर संकल्पना के कार्यान्वयन की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित नए ग्रोथ सेंटर के लिए २१६ एकड़ भूमि का भूधारकों की सहमति से सफलतापूर्वक अधिग्रहण किया है। एमएमआरडीए की जन-केंद्रित एवं पारदर्शी सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिले उत्साहजनक प्रतिसाद के कारण नीति की घोषणा के पहले ही दिन महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है। मुंबई 3.0 के अंतर्गत प्रस्तावित नए शहर विकास क्षेत्र में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर के लिए भूधारकों द्वारा बड़े पैमाने पर सहमति दिए जाने से यह स्पष्ट होता है। इस परियोजना को और मजबूती मिली 18 अप्रैल 2026 को हुए सहभागिता समझौते से, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में तथा एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से. के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इससे विश्वस्तरीय एकीकृत शहरी विकास परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन को औपचारिक शुरुआत मिली है। *नीति से सहमति तक : जनविश्वास पर आधारित विकास मॉडल* एमएमआरडीए की सहभागितापूर्ण (Participatory) भूमि अधिग्रहण नीति लागू होते ही भूधारकों ने बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए सहमति प्रदान की है, जिससे अल्प अवधि में बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण संभव हो सका है। यह प्रतिसाद मुंबई 3.0 के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करता है—विस्थापन नहीं, बल्कि सहमति के माध्यम से विकास। इस मॉडल में भूधारक केवल मुआवजा प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के दीर्घकालिक भागीदार बन रहे हैं। यह विकास केंद्र निम्नलिखित महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं के निकट होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है: * अटल सेतु (MTHL) * नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा * विरार–अलीबाग मल्टी-मोडल कॉरिडोर (VAMMC) *एमएमआर के लिए नया शहरी इंजन — मुंबई 3.0 का वास्तविक रूप* रायगढ़ ग्रोथ सेंटर को एक बहुआयामी एवं अगली पीढ़ी के शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित घटक शामिल होंगे: * प्रौद्योगिकी एवं वित्तीय सेवा जिला * ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब * डेटा सेंटर जिला * माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग * आईटी/आईटीईएस/बीपीओ/केपीओ क्षेत्र * स्वास्थ्य एवं ज्ञान पारिस्थितिकी * लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग एवं वितरण केंद्र * सामाजिक अवसंरचना एवं आवश्यक शहरी सुविधाएं *इस परियोजना से अपेक्षित परिणाम:* * २ लाख से अधिक उच्च कौशलयुक्त एवं उच्च वेतन वाले प्रत्यक्ष रोजगार, साथ ही बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार * बड़े स्तर पर विदेशी निवेश (FDI) एवं निजी निवेश आकर्षित करना * क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (GDP) को महत्वपूर्ण गति प्रदान करना *मुंबई 3.0 के लिए रणनीतिक महत्व* यह चरण मुंबई 3.0 की संकल्पना को नीति स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में ले जाने वाला है। इसमें: * सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण मॉडल की पहली बड़ी सफलता * नागरिकों के विश्वास पर आधारित विकास मॉडल को मजबूत मान्यता इस अवसर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा: *“मुंबई 3.0 शहरी विकास का एक नया अध्याय है—जो वास्तव में लोगों के लिए और लोगों की सहभागिता से साकार होगा। इस सहभागितापूर्ण मॉडल के माध्यम से हम केवल भूमि का अधिग्रहण नहीं कर रहे हैं, बल्कि विश्वास का निर्माण कर रहे हैं। यह समझौता प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले विश्वस्तरीय शहर के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।”* उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष श्री एकनाथ शिंदे ने कहा: *“मुंबई 3.0 केवल एक नया शहर बनाने की परियोजना नहीं है, बल्कि इसे लोगों के साथ मिलकर विकसित करने की पहल है। भूधारकों से मिला सकारात्मक प्रतिसाद इस मॉडल पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। इस चरण के साथ हम योजना से क्रियान्वयन की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।”* डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से., महानगर आयुक्त, एमएमआरडीए ने कहा: *"सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिला प्रतिसाद अत्यंत उत्साहजनक है। अल्प अवधि में २१६ एकड़ भूमि का अधिग्रहण नागरिकों के इस मॉडल पर विश्वास को दर्शाता है। मुंबई 3.0 नागरिकों की सहमति से आकार ले रहा है, जहां भूधारक इस विकास प्रक्रिया के सह-निर्माता बन रहे हैं। यह चरण परियोजना के क्रियान्वयन को और गति प्रदान करेगा।”* समावेशी शहरी परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, (एमएमआरडीए) ने भूमि अधिग्रहण के लिए अपनी तरह का पहला सहभागी ढांचा प्रस्तुत किया है, जो भूमि मालिकों को मुंबई 3.0 के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाता है। *इस जन-केंद्रित नीति के तहत, भूमि मालिकों को कई लचीले विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और सहभागिता सुनिश्चित होगी”* * महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम, १९६६ के अंतर्गत परस्पर सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण * विकास अधिकारों (FSI/TDR) के माध्यम से मुआवजा, आवश्यक अतिरिक्त प्रोत्साहनों सहित * लैंड पूलिंग मॉडल (Undeveloped Land for Developed Land), सिडको के आधार पर २२.५% विकसित भूखंड का पुनर्वितरण, जिससे भूधारक दीर्घकालिक विकास के भागीदार बने रहें। जिसके अंतर्गत: 1. उरण एवं पनवेल तालुका के भूधारकों को २२.५% विकसित भूखंडों का वितरण उरण तालुका में किया जाएगा। 2. पेण तालुका के भूधारकों को २२.५% विकसित भूखंडों का वितरण पेण तालुका में किया जाएगा। सहमति पत्र २७ अप्रैल २०२६से एमएमआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवेदन करते समय आधार कार्ड, ७/१२ उतारा एवं 8A उतारा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
तीसरी मुंबई के लिए एमएमआरडीए ने २१६ एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया; भूधारकों की सहमति से रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर को गति मुंबई | मुंबई 3.0 की महत्वाकांक्षी नई शहर संकल्पना के कार्यान्वयन की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित नए ग्रोथ सेंटर के लिए २१६ एकड़ भूमि का भूधारकों की सहमति से सफलतापूर्वक अधिग्रहण किया है। एमएमआरडीए की जन-केंद्रित एवं पारदर्शी सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिले उत्साहजनक प्रतिसाद के कारण नीति की घोषणा के पहले ही दिन महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है। मुंबई 3.0 के अंतर्गत प्रस्तावित नए शहर विकास क्षेत्र में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर के लिए भूधारकों द्वारा बड़े पैमाने पर सहमति दिए जाने से यह स्पष्ट होता है। इस परियोजना को और मजबूती मिली 18 अप्रैल 2026 को हुए सहभागिता समझौते से, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में तथा एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से. के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इससे विश्वस्तरीय एकीकृत शहरी विकास परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन को औपचारिक शुरुआत मिली है। *नीति से सहमति तक : जनविश्वास पर आधारित विकास मॉडल* एमएमआरडीए की सहभागितापूर्ण (Participatory) भूमि अधिग्रहण नीति लागू होते ही भूधारकों ने बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए सहमति प्रदान की है, जिससे अल्प अवधि में बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण संभव हो सका है। यह प्रतिसाद मुंबई 3.0 के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करता है—विस्थापन नहीं, बल्कि सहमति के माध्यम से विकास। इस मॉडल में भूधारक केवल मुआवजा प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के दीर्घकालिक भागीदार बन रहे हैं। यह विकास केंद्र निम्नलिखित महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं के निकट होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है: * अटल सेतु (MTHL) * नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा * विरार–अलीबाग मल्टी-मोडल कॉरिडोर (VAMMC) *एमएमआर के लिए नया शहरी इंजन — मुंबई 3.0 का वास्तविक रूप* रायगढ़ ग्रोथ सेंटर को एक बहुआयामी एवं अगली पीढ़ी के शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित घटक शामिल होंगे: * प्रौद्योगिकी एवं वित्तीय सेवा जिला * ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब * डेटा सेंटर जिला * माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग * आईटी/आईटीईएस/बीपीओ/केपीओ क्षेत्र * स्वास्थ्य एवं ज्ञान पारिस्थितिकी * लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग एवं वितरण केंद्र * सामाजिक अवसंरचना एवं आवश्यक शहरी सुविधाएं *इस परियोजना से अपेक्षित परिणाम:* * २ लाख से अधिक उच्च कौशलयुक्त एवं उच्च वेतन वाले प्रत्यक्ष रोजगार, साथ ही बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार * बड़े स्तर पर विदेशी निवेश (FDI) एवं निजी निवेश आकर्षित करना * क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (GDP) को महत्वपूर्ण गति प्रदान करना *मुंबई 3.0 के लिए रणनीतिक महत्व* यह चरण मुंबई 3.0 की संकल्पना को नीति स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में ले जाने वाला है। इसमें: * सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण मॉडल की पहली बड़ी सफलता * नागरिकों के विश्वास पर आधारित विकास मॉडल को मजबूत मान्यता इस अवसर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा: *“मुंबई 3.0 शहरी विकास का एक नया अध्याय है—जो वास्तव में लोगों के लिए और लोगों की सहभागिता से साकार होगा। इस सहभागितापूर्ण मॉडल के माध्यम से हम केवल भूमि का अधिग्रहण नहीं कर रहे हैं, बल्कि विश्वास का निर्माण कर रहे हैं। यह समझौता प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले विश्वस्तरीय शहर के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।”* उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष श्री एकनाथ शिंदे ने कहा: *“मुंबई 3.0 केवल एक नया शहर बनाने की परियोजना नहीं है, बल्कि इसे लोगों के साथ मिलकर विकसित करने की पहल है। भूधारकों से मिला सकारात्मक प्रतिसाद इस मॉडल पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। इस चरण के साथ हम योजना से क्रियान्वयन की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।”* डॉ. संजय मुखर्जी, भा.प्र.से., महानगर आयुक्त, एमएमआरडीए ने कहा: *"सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिला प्रतिसाद अत्यंत उत्साहजनक है। अल्प अवधि में २१६ एकड़ भूमि का अधिग्रहण नागरिकों के इस मॉडल पर विश्वास को दर्शाता है। मुंबई 3.0 नागरिकों की सहमति से आकार ले रहा है, जहां भूधारक इस विकास प्रक्रिया के सह-निर्माता बन रहे हैं। यह चरण परियोजना के क्रियान्वयन को और गति प्रदान करेगा।”* समावेशी शहरी परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, (एमएमआरडीए) ने भूमि अधिग्रहण के लिए अपनी तरह का पहला सहभागी ढांचा प्रस्तुत किया है, जो भूमि मालिकों को मुंबई 3.0 के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाता है। *इस जन-केंद्रित नीति के तहत, भूमि मालिकों को कई लचीले विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और सहभागिता सुनिश्चित होगी”* * महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम, १९६६ के अंतर्गत परस्पर सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण * विकास अधिकारों (FSI/TDR) के माध्यम से मुआवजा, आवश्यक अतिरिक्त प्रोत्साहनों सहित * लैंड पूलिंग मॉडल (Undeveloped Land for Developed Land), सिडको के आधार पर २२.५% विकसित भूखंड का पुनर्वितरण, जिससे भूधारक दीर्घकालिक विकास के भागीदार बने रहें। जिसके अंतर्गत: 1. उरण एवं पनवेल तालुका के भूधारकों को २२.५% विकसित भूखंडों का वितरण उरण तालुका में किया जाएगा। 2. पेण तालुका के भूधारकों को २२.५% विकसित भूखंडों का वितरण पेण तालुका में किया जाएगा। सहमति पत्र २७ अप्रैल २०२६से एमएमआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवेदन करते समय आधार कार्ड, ७/१२ उतारा एवं 8A उतारा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- ओवळा–माजिवडा विधानसभा क्षेत्रातील लोकमान्यनगर विभागात राबविण्यात आलेल्या विहिरींच्या पुनरुज्जीवन प्रकल्पांचा लोकार्पण सोहळा आज उत्साहात संपन्न झाला. जुन्या विहिरींना नवसंजीवनी देत, जलसंधारणाचा हा उपक्रम परिसराला अधिक जलसमृद्ध आणि स्वयंपूर्ण बनवण्याच्या दिशेने एक ठोस पाऊल ठरत आहे. अभिमानाची गोष्ट म्हणजे, महाराष्ट्रात विहीर पुनरुज्जीवनाचा हा पहिलाच यशस्वी प्रयोग ठरला आहे.1
- मुंबईतील छत्रपती शिवाजी महाराज आंतरराष्ट्रीय विमानतळ येथे मोठा राजकीय बदल पाहायला मिळाला आहे. एजीएच पोर्ट एव्हिएशन सर्व्हिस आणि BWFS मधील अनेक कामगारांनी शिंदे गटाच्या युनियनला सोडून उद्धव ठाकरे यांच्या भारतीय कामगार सेनेत अधिकृत प्रवेश केला आहे. हा कार्यक्रम अरविंद सावंत, अजित साळवी आणि संजय कदम यांच्या मार्गदर्शनाखाली यशस्वीरित्या पार पडला. विमानतळासारख्या महत्त्वाच्या ठिकाणी झालेला हा बदल आगामी काळात महाराष्ट्राच्या राजकारणावर मोठा परिणाम करू शकतो! Police Vision Times1
- आरोपों के बाद नगरसेविका सहर शेख पहली बार मीडिया के सामने आईं। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है और सच्चाई जल्द सामने आएगी। आप क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं 👇1
- ब्रेकिंग:-नाबालिग ने बोलोरो गाड़ी से 100 की स्पीड से खंभे में मारी जोरदार टक्कर, पूरा इलाका अंधेरे में तार टूटने पर हो सकता था बड़ा हादसा,जा सकता था कईयों की जान वाराणसी (अमर ज्योति न्यूज़) | वाराणसी के लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी में दोपहर करीब 1:30 बजे के आस पास तेज रफ्तार महेंद्रा की बोलेरो ने 11,000 kV पावर के ट्रांसफार्मर वाले खंभे में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि खंभा जमीन से उखड़कर करीब 4 फीट आगे खिसक गया। धमाका इतना तेज था कि लगा ट्रांसफार्मर फट गया। आवास विकास कालोनी ट्यूबवेल नंबर 1 के पास महिंद्रा बोलेरो UP60 AL 4771, गाड़ी पर 'पुलिस' लिखा हुआ गाड़ी चालक 12-14 साल का नाबालिग है जो प्रेमचंद कॉलोनी का निवासी है गाड़ी में कुल 3 बच्चे थे, 2 मौके से भाग गए। जबकि लोगो ने गाड़ी सहित चालक को पकड़ लिया। 11हजार kV का ट्रांसफार्मर का खंभा क्षतिग्रस्त , पूरी कॉलोनी की बिजली गुल लगभग 20,000 की आबादी गर्मी में परेशान।स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चा रोजाना कॉलोनी में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाता है यदि तार टूट गया होता तो हजारों लोग करेंट के चपेट में आ जाते और बड़ा हादसा हो जाता। क्षेत्रीय लोगो ने तुरंत बिजली विभाग और 112 पर फोन कर सूचना दिया मौके पर थाने की टीम के साथ विभाग के सारे अधिकारी भी पहुच गए। कालोनी वासियों ने FIR की मांग की तो नाबालिक चालक के परिजन उन्हें पुलिस और बिजली विभाग को अलग ले जाकर 'मैनेज' करने की बात करने लगे। और अभी थाने से जानकारी मिली कि कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया। जिसके कारण अभी तक कोई कार्यवाही नही किया गया है । पुलिस परिवार बच्चे और गाड़ी दोनों को लेकर चले गए।लोगो का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। वही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गर्मी में 20 हजार की आबादी बिना बिजली के जूझ रही है और नाबालिग को गाड़ी देने पर परिजनों पर सवाल उठ रहे हैं।1
- SIR फॉर्म पर Rahul Shewale का बड़ा दावा – नहीं भरा तो नागरिकता खतरे में?1
- मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिकेच्या सभागृहात महिला विधेयकावर चर्चा करताना वार्ड क्र. 47 चे नगरसेवक व स्थायी समिती सदस्य तेजिंदर सिंग तिवाना यांनी ठाम भूमिका मांडली. महापौरांना उद्देशून बोलताना तिवाना म्हणाले, “हा केवळ राजकीय विरोध नसून मातृशक्तीचा अपमान आहे. देशातील महिलांना सशक्त करण्यासाठी आणि त्यांना निर्णय प्रक्रियेत स्थान देण्यासाठी हे विधेयक अत्यंत महत्त्वाचे आहे. अशा वेळी विरोध करणे म्हणजे महिलांच्या हक्कांकडे दुर्लक्ष करणे होय.” ते पुढे म्हणाले, “एकीकडे महिला आरक्षणाला पाठिंबा असल्याचे सांगितले जाते, तर दुसरीकडे प्रत्यक्षात विधेयकाला विरोध केला जातो. हा महिलांच्या भावनांचा विश्वासघात आहे. महिलांना न्याय देण्याऐवजी राजकीय स्वार्थासाठी अडथळे निर्माण केले जात आहेत.” तिवाना यांनी ठाम शब्दांत इशारा देत म्हटले, “नारीशक्तीचा अपमान हिंदुस्तान सहन करणार नाही. महिलांचा सन्मान हा कृतीतून दिसला पाहिजे, केवळ घोषणांमधून नव्हे.” विरोधकांवर टीका करताना त्यांनी म्हटले, “ज्यांनी या विधेयकाचा विरोध केला आहे, त्यांनी देशातील माता, भगिनी आणि मुलींच्या सन्मानाला धक्का दिला आहे. भारतातील महिला याला योग्य वेळी उत्तर देतील आणि महिला विरोधी भूमिकेला नाकारतील.” तिवाना यांच्या या वक्तव्यामुळे सभागृहात काही काळ जोरदार चर्चा रंगली.1
- Akshay Haldi Video Full Dhamal At Naigaon1
- मुंबई। वडाला ट्रक टर्मिनस में सोमवार दोफहर दो बसों में लगी आग से दोनों बसें जल गई। फायर ब्रिगेड मौके पर आग बुझाने पहुंचा जरूर तब तक बसों को बहुत नुकसान हो गया था। गर्मी बढ़ने के साथ मुंबई में आग लगने की घटनाओं में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।2