जज्बा को सलाम: पिता को खोने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, शुभम साहू ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) से साइंस मैथ्स में 92.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किया पंकज बाफना। फतेहगढ़। यह कहानी उस अदम्य साहस और जज्बे की है जो बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी मात दे देती है। राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के ब्लड बैंक काउंसलर स्वर्गीय विनोद साहू के सुपुत्र, शुभम साहू ने साइंस-मैथ्स स्ट्रीम की परीक्षा में 92.20 प्रतिशत अंक हासिल कर एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है। दुखों के पहाड़ के बीच हासिल की सफलता शुभम की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि हाल ही में उन्होंने अपने पिता, स्वर्गीय विनोद साहू को खो दिया था। उनके पिता राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के ब्लड बैंक में काउंसलर के पद पर कार्यरत थे और अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते थे। परीक्षा के ठीक पहले और परीक्षा के दौरान पिता का साया सिर से उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए सबसे बड़ा मानसिक आघात होता है। पिता के सपने को बनाया अपना लक्ष्य पिता के गुजरने के गम में डूबे होने के बावजूद, शुभम ने अपने पिता के उस सपने को याद रखा जिसमें वे उसे ऊंचाइयों पर देखना चाहते थे। वायरल हो रही उनकी मार्कशीट के साथ एक संदेश भी चर्चा में है— "पापा का नाम हमेशा रोशन करना", और शुभम ने बिल्कुल वही कर दिखाया। 'खबरों का सफर' न्यूज़ चैनल हेड पंकज बाफना की ओर से संदेश: शुभम, आपकी यह उपलब्धि महज एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। विनोद भाई आप जहाँ भी होंगे, आज आप सुपुत्र पर गर्व महसूस कर रहे होंगे। आपकी इस शानदार सफलता पर हम आपको हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं।
जज्बा को सलाम: पिता को खोने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, शुभम साहू ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) से साइंस मैथ्स में 92.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किया पंकज बाफना। फतेहगढ़। यह कहानी उस अदम्य साहस और जज्बे की है जो बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी मात दे देती है। राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के ब्लड बैंक काउंसलर स्वर्गीय विनोद साहू के सुपुत्र, शुभम साहू ने साइंस-मैथ्स स्ट्रीम की परीक्षा में 92.20 प्रतिशत अंक हासिल कर एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है। दुखों के पहाड़ के बीच हासिल की सफलता शुभम की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि हाल ही में उन्होंने अपने पिता, स्वर्गीय विनोद साहू को खो दिया था। उनके पिता राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के ब्लड बैंक में काउंसलर के पद पर कार्यरत थे और अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते थे। परीक्षा के ठीक पहले और परीक्षा के दौरान पिता का साया सिर से उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए सबसे बड़ा मानसिक आघात होता है। पिता के सपने को बनाया अपना लक्ष्य पिता के गुजरने के गम में डूबे होने के बावजूद, शुभम ने अपने पिता के उस सपने को याद रखा जिसमें वे उसे ऊंचाइयों पर देखना चाहते थे। वायरल हो रही उनकी मार्कशीट के साथ एक संदेश भी चर्चा में है— "पापा का नाम हमेशा रोशन करना", और शुभम ने बिल्कुल वही कर दिखाया। 'खबरों का सफर' न्यूज़ चैनल हेड पंकज बाफना की ओर से संदेश: शुभम, आपकी यह उपलब्धि महज एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। विनोद भाई आप जहाँ भी होंगे, आज आप सुपुत्र पर गर्व महसूस कर रहे होंगे। आपकी इस शानदार सफलता पर हम आपको हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं।
- नसीराबाद छावनी परिषद बोर्ड बैठक अध्यक्ष और सीईओ ने ली शपथ, लिए बड़े फैसले स्ट्रीट लाइट, पानी और सफाई पर फोकस2
- Post by Rajesh Kumawat1
- अजमेर के वैशाली नगर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर इन दिनों एलपीजी गैस को लेकर भारी परेशानी देखने को मिल रही है। गैस भरवाने के लिए टेंपो चालकों की करीब 1 किलोमीटर लंबी कतार लग रही है। सुबह 6 बजे से ही चालक लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। टेंपो चालकों का कहना है कि पूरे अजमेर में सिर्फ एक ही एलपीजी पंप होने की वजह से उन्हें रोजाना इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई चालक भूखे-प्यासे तपती धूप में अपने वाहनों के साथ धीरे-धीरे लाइन में आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। चालकों ने सरकार से मांग की है कि अजमेर में एक और एलपीजी पंप खोला जाए, ताकि इस परेशानी से राहत मिल सके। एलपीजी गैस की कमी का असर अब शहर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।1
- अजमेर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 7 साल का मासूम बच्चा अपने घर का रास्ता भटक गया और काफी देर तक इलाके में इधर-उधर घूमता रहा। बच्चे को अकेला घूमते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही ASI शिवलाल मौके पर पहुंचे और मासूम को सुरक्षित थाने लेकर आए। पूछताछ के दौरान बच्चे की पहचान इरफान पुत्र रहीम (उम्र 7 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चे को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने की पहल की। अजमेर पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई ने एक बार फिर इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है।1
- bedardi ka Sahara Na Mila kabhi pyar bichhada hua dobara nahin mila#Dhokha 💔😂 Dil mein jakhm dekh Kar Chala Gaya 💔😭😭1
- Post by Kailash Fulwari1
- कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की चौथी पुण्यतिथि: पुत्र विजय बैंसला ने अजमेर दरगाह और पुष्कर में टेका मत्था.* अजमेर/पुष्कर | 'गुर्जर शिरोमणि' कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र और भाजपा नेता विजय बैंसला एक दिवसीय धार्मिक यात्रा पर रहे। इस दौरान उन्होंने अजमेर और पुष्कर के प्रमुख धार्मिक स्थल पर पहुंचकर अपने पिता की स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। अजमेर दरगाह में जियारत और रस्में विजय बैंसला मंगलवार सुबह अजमेर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। कर्नल बैंसला की चौथी पुण्यतिथि पर उन्होंने आस्ताना-ए-शरीफ में मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए। विशिष्ट रस्में: दरगाह के खादिमों द्वारा उन्हें जियारत कराई गई, जिसके बाद उन्होंने दरगाह परिसर में पिता की याद में कई पारंपरिक रस्मों को पूरा किया। इस अवसर पर विजय बैंसला ने कहा कि उनके पिता हमेशा कौम और समाज की एकता के पक्षधर रहे हैं, उसी राह पर चलते हुए उन्होंने आज यहाँ अमन-चैन की दुआ मांगी है।1
- Post by Kailash Fulwari1