लाखों की आरामदायक और प्रतिष्ठित आईटी नौकरी छोड़कर एक महिला ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह जान लोग उसकी खूब तारीफ कर रहे हैं। आईटी सेक्टर में मैनेजर के पद पर 9 साल तक काम करने के बाद, इस महिला ने मानसिक शांति और खुशी को प्राथमिकता देते हुए यह बड़ा फैसला लिया। हैरानी की बात यह है कि अब वह अपने इस नए काम में पहले से ज़्यादा खुश है और प्रति माह लगभग ₹60,000 की कमाई भी कर रही है। यह कहानी तब सुर्खियों में आई जब एक बिजनेसमैन और कंपनी के सीईओ ओ नेजरिन मिधलाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी मुलाकात इस महिला ऑटो चालक से हुई, तो वह आत्मविश्वासी और खुशमिजाज नज़र आई। बातचीत के दौरान महिला ने बताया कि आईटी की नौकरी में रहते हुए उसे लगातार तनाव, दबाव और चिंता का सामना करना पड़ता था। लंबे समय तक ऑफिस का काम, लगातार मीटिंग, टारगेट पूरे करने का दबाव और मानसिक तनाव उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके थे, जिससे उसे महसूस होने लगा था कि वह अपनी ज़िंदगी का आनंद नहीं ले पा रही है। काफी सोच-विचार के बाद, महिला ने पैसा और पद से ज़्यादा अपनी मानसिक शांति और खुशी को महत्व देते हुए आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का साहसिक निर्णय लिया। इस असाधारण फैसले के लिए लोग उसकी सराहना कर रहे हैं।
लाखों की आरामदायक और प्रतिष्ठित आईटी नौकरी छोड़कर एक महिला ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह जान लोग उसकी खूब तारीफ कर रहे हैं। आईटी सेक्टर में मैनेजर के पद पर 9 साल तक काम करने के बाद, इस महिला ने मानसिक शांति और खुशी को प्राथमिकता देते हुए यह बड़ा फैसला लिया। हैरानी की बात यह है कि अब वह अपने इस नए काम में पहले से ज़्यादा खुश है और प्रति माह लगभग ₹60,000 की कमाई भी कर रही है। यह कहानी तब सुर्खियों में आई जब एक बिजनेसमैन और कंपनी के सीईओ ओ नेजरिन मिधलाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी मुलाकात इस महिला ऑटो चालक से हुई, तो वह आत्मविश्वासी और खुशमिजाज नज़र आई। बातचीत के दौरान महिला ने बताया कि आईटी की नौकरी में रहते हुए उसे लगातार तनाव, दबाव और चिंता का सामना करना पड़ता था। लंबे समय तक ऑफिस का काम, लगातार मीटिंग, टारगेट पूरे करने का दबाव और मानसिक तनाव उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके थे, जिससे उसे महसूस होने लगा था कि वह अपनी ज़िंदगी का आनंद नहीं ले पा रही है। काफी सोच-विचार के बाद, महिला ने पैसा और पद से ज़्यादा अपनी मानसिक शांति और खुशी को महत्व देते हुए आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का साहसिक निर्णय लिया। इस असाधारण फैसले के लिए लोग उसकी सराहना कर रहे हैं।
- सुभाष कुमार और गोल्डन दास जी ने 'द इंडियन लेनिन, बाबू जगदेव' नामक फिल्म देखी। यह जानकारी फिल्म देखने पहुंचे इन दोनों प्रमुख व्यक्तियों के संदर्भ में दी गई है।1
- बिहार के उन छात्रों के लिए राहत भरी खबर है जो इंटर (11वीं) में नामांकन नहीं करा पाए थे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए नामांकन प्रक्रिया को एक बार फिर से शुरू कर दिया है। इच्छुक छात्र अब OFSS पोर्टल के माध्यम से 1 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार विशेष और कंपार्टमेंटल परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र भी आवेदन करने के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त, CBSE, ICSE और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड के छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए एक अंतिम अवसर है जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। नामांकन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिसमें छात्र अपनी पसंद के स्कूल/कॉलेज का चयन कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए छात्र हेल्पलाइन नंबर 0612-2230009 और 0612-2230051 पर संपर्क कर सकते हैं। छात्रों से आग्रह किया गया है कि वे समय रहते आवेदन कर अपने भविष्य को सुरक्षित करें।1
- बिहार की राजधानी पटना के फतुहा नगर परिषद में शनिवार को सशक्त स्थायी समिति के तीन सदस्य पदों के लिए चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। फतुहा प्रखंड परिसर में हुए इस चुनाव में लोकतंत्र का उत्साह देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही पार्षदों और समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में पूरी की गई। नगर परिषद के सभी 27 वार्ड पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें तीन रिक्त पदों के लिए कुल पाँच प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान के बाद हुई मतगणना में वार्ड संख्या-16 के पार्षद संतोष कुमार चंद्रवंशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। वहीं, वार्ड संख्या-11 की पार्षद सुजाता देवी और वार्ड संख्या-18 के पार्षद संजय कुमार उर्फ संजू यादव ने जीत हासिल कर सशक्त स्थायी समिति में अपनी जगह बनाई। इस चुनाव में वार्ड संख्या-21 के पार्षद अवधेश कुमार और वार्ड संख्या-10 की पार्षद गुड़िया देवी को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम घोषित होते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने नवनिर्वाचित सदस्यों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया और जीत का जश्न मनाया। चुनाव स्थल पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएँ पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रहीं। पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई, जिनमें पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी सत्यम सहाय, डीसीएलआर अभिलाषा सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी गौतम सिन्हा, और दनियावाँ बीपीआरओ विकास कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- वैशाली जिले के हाजीपुर सदर अस्पताल में इतनी भारी भीड़ थी कि अनेक मरीज अपना इलाज नहीं करा पाए। 'सदर अस्पताल का सच न्यूज' इस स्थिति को उजागर करता है, जहाँ भारी भीड़ के कारण कई मरीजों को इलाज से वंचित रहना पड़ा और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।4
- सहरसा में राजद विधायक आईपी गुप्ता ने एक समोसे वाले से बातचीत की। इस दौरान विधायक ने समोसे वाले से उसके दिन भर के कामकाज के संबंध में प्रश्न पूछा। उन्होंने समोसे वाले से सीधे तौर पर पूछा कि वह दिन भर में कितना काम लेता है।1
- लोग 'द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव' नामक फिल्म को देखने के लिए पहुँचे।1
- बिहार के बेगूसराय शहर के मारवाड़ी मोहल्ला स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक गोली चल गई। इस घटना में बैंक का 31 वर्षीय कर्मी अनिल दीक्षित गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनिल दीक्षित बैंक में डेली वेजेस ऑफिस बॉय के रूप में कार्यरत है और यह घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कैश मैनेजमेंट कंपनी एसआईएस की कैश वैन बैंक में नकदी लेने पहुँची थी। इसी दौरान अनिल दीक्षित कैश बॉक्स को गाड़ी में रख रहे थे कि तभी कैश वैन में तैनात गार्ड वरुण सिंह की बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली अनिल दीक्षित के दाहिने जांघ में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद बैंक परिसर में भगदड़ मच गई और आनन-फानन में घायल को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और कैश वैन गार्ड वरुण सिंह को हथियार समेत हिरासत में ले लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिसमें प्रारंभिक पूछताछ में गार्ड ने बताया कि हथियार हाथ से छूटकर गिर गया था, जिससे अचानक गोली चली। सदर एएसपी आनंद कुमार पांडे ने इस घटना को सुरक्षाकर्मी के लाइसेंसी हथियार से हुई "एक्सीडेंटल फायरिंग" बताया है, जिसमें बैंक का एक स्टाफ घायल हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।1