फर्रुखाबाद के थाना अमृतपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हरौर के मजरा नगला खुशाली में मवेशी चराने गए 60 वर्षीय बुजुर्ग बेचेलाल यादव की गंगा के सोता नाला में डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार, 10 जुलाई को बेचेलाल (पुत्र मंगा लाल) अपनी मवेशियों को चराने के लिए गए थे, जहां उनकी भैंसें सोता नाला में बैठी थीं। उन्हें बाहर निकालने के लिए जैसे ही वह सोता नाला में घुसे, अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। नाले के पास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी बेचेलाल के परिजनों को दी, जिसके बाद मृतक के पुत्र मनोज कुमार ने अमृतपुर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला। बेचेलाल को 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पीड़ित परिजनों में कोहराम मच गया है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उप निरीक्षक कल्लू सिंह ने आवश्यक जांच-पड़ताल की और उपनिरीक्षक प्रताप सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, बुजुर्ग की मौत पानी में डूबने के कारण होना बताई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
फर्रुखाबाद के थाना अमृतपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हरौर के मजरा नगला खुशाली में मवेशी चराने गए 60 वर्षीय बुजुर्ग बेचेलाल यादव की गंगा के सोता नाला में डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार, 10 जुलाई को बेचेलाल (पुत्र मंगा लाल) अपनी मवेशियों को चराने के लिए गए थे, जहां उनकी भैंसें सोता नाला में बैठी थीं। उन्हें बाहर निकालने के लिए जैसे ही वह सोता नाला में घुसे, अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। नाले के पास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी बेचेलाल के परिजनों को दी, जिसके बाद मृतक के पुत्र मनोज कुमार ने अमृतपुर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला। बेचेलाल को 108 एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पीड़ित परिजनों में कोहराम मच गया है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उप निरीक्षक कल्लू सिंह ने आवश्यक जांच-पड़ताल की और उपनिरीक्षक प्रताप सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, बुजुर्ग की मौत पानी में डूबने के कारण होना बताई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गाँव न.बसा में विधायक जी द्वारा लगवाई गई लाइट पिछले 3 महीने से खराब पड़ी है। इस समस्या के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए लाइट को जल्द से जल्द ठीक करवाने की अपील की गई है।1
- एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम हीरापुर, पोस्ट शीतलपुर निवासी एक पीड़ित परिवार ने दुकान पर हुए विवाद के बाद मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता यशोदा पत्नी सुशील कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़िता के पति सुशील कुमार शहर के एक लोहे के प्रतिष्ठान पर काम करते हैं। आरोप है कि 8 जुलाई 2026 की रात को दुकान पर काम करने के दौरान पड़ोसी दुकान संचालक के बेटे ने मोटरसाइकिल निकालते समय सुशील कुमार को टक्कर मार दी, जिससे उनके हाथ का सामान सड़क पर गिर गया। इसका विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें दुकान से बाहर खींच लिया और उनके साथ मारपीट की, जिसके बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया। शिकायत में आगे कहा गया है कि 9 जुलाई को जब यशोदा अपने बेटे के साथ घटना की शिकायत करने दुकान पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ भी अभद्रता की, मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने 10 से 20 लाख रुपये खर्च कर उन्हें जान से मरवाने और दोबारा क्षेत्र में दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है और मामले में पुलिस की जांच आनी शेष है।1
- एटा के थाना रिजोर में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत आज दिनांक 11.07.2026 को क्षेत्राधिकारी सकीट श्री नीतीश गर्ग और एसडीएम सदर सुश्री श्वेता सिंह द्वारा पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के सभी संभ्रांत व्यक्ति सम्मिलित हुए, जिन्हें आगामी त्योहारों से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शासन द्वारा निर्गत आदेश-निर्देशों से अवगत कराते हुए सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। बैठक के पश्चात अधिकारियों ने थाना रिजोर क्षेत्रांतर्गत कांवड़ रूट का भ्रमण किया। कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से भ्रमण के दौरान कांवड़ियों के लिए यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग व्यवस्था और पुलिस सहायता केंद्र आदि का निरीक्षण किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित लोगों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।3
- उत्तर प्रदेश के भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर रावण ने मायावती के मगरमच्छ वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गहरी निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि वह मायावती का बहुत सम्मान करते हैं, मगर आज उनकी बात सुनकर उनके दिल को काफी ठेस पहुंची है। चंद्रशेखर रावण ने तीखा सवाल करते हुए पूछा कि क्या हमारी बेटियों की इज्जत लुटती रहे और हम लोग बस तमाशबीन बने रहें? उन्होंने मायावती के कोर्ट जाने के सुझाव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बहन जी लोगों को कोर्ट जाने के लिए कह रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि वहां 10-10 साल तक मुकदमा लड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिल पाता है।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निर्माणाधीन नए थाना भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। भवन का निरीक्षण करते समय पुलिस अधीक्षक की नजर एक दीवार में आई दरार (चटक) पर पड़ी, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर अक्षय मौर्य से भवन निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही काम करने को कहा। एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी कमियों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने थाना परिसर में बन रहे आवासों का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी राजीव कुमार, इंजीनियर अक्षय मौर्य सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- एटा में बारिश का दौर शुरू होते ही नगर पालिका प्रशासन ने शहर के प्रमुख नालों की सफाई का कार्य तेज कर दिया है। शनिवार को आगरा रोड स्थित श्रीनगर कॉलोनी में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सफाई कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। क्षेत्र में लंबे समय से नालों में जमा गाद और कचरे के कारण जल निकासी की समस्या बनी हुई थी, जिससे जलभराव का खतरा पैदा हो गया था। निरीक्षण के दौरान ईओ ने सफाई कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नालों से निकाली गई गाद का तत्काल उठान किया जाए, ताकि वह वापस नालों में न गिरे और स्थानीय निवासियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह सफाई प्री-मानसून अभियान के तहत पहले ही कर ली जाती, तो बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की स्थिति को काफी हद तक टाला जा सकता था। फिलहाल, सफाई अभियान शुरू होने से निवासियों को जल निकासी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से सफाई कार्य जारी रहेगा ताकि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।2
- एटा जिले के विकास खंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत वीर नगर लोधीपुर में रामबाग आश्रम के पास बम्बा की पटरी पर पिछले 24 घंटे से एक निराश्रित गौवंश घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। सुबह करीब 9:00 बजे जब ग्रामीणों ने घायल गौवंश को देखा तो वीर नगर के ग्राम प्रधान योगेश कुमार को फोन पर इसकी जानकारी दी। इस पर मानवता की हदें पार करते हुए और संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए ग्राम प्रधान ने साफ कह दिया कि निराश्रित गौवंश की उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इसके साथ ही विपरीत मानसिकता वाले ग्राम प्रधान ने जातिगत टिप्पणी करते हुए ठाकुर बिरादरी को निशाना बनाया और कहा कि सिर्फ ठाकुर ही गाय पालते हैं और क्षेत्र में वही गायों को छोड़कर चले जाते हैं, अन्य किसी बिरादरी के पास कोई गाय नहीं है। ग्राम प्रधान का यह समाज में जातिवाद का जहर घोलने वाला और विवादित ऑडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ जहां संवेदनशील संत सरकार निराश्रित गौवंश को लेकर गंभीर नजर आती है, वहीं ऐसे गैर-जिम्मेदार ग्राम प्रधान फोन पर अनर्गल शब्दों का प्रयोग कर शासन की छवि खराब करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब एसडीएम जलेसर पीयूष रावत को फोन के माध्यम से अवगत कराया गया, तो उन्होंने तुरंत राजकीय पशु चिकित्सक को घायल गौवंश का उपचार करने के निर्देश दिए। अब देखना यह होगा कि इस बड़बोले और विवादित बयान देने वाले ग्राम प्रधान योगेश कुमार के प्रति शासन-प्रशासन क्या कड़ा रुख अपनाते हुए कठोर कार्रवाई करता है।3