पाली में करीब बीस दिनों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को फिर से चालू करने का अहम फैसला लिया गया है। 2 जून 2026 को प्लांट के रखरखाव के लिए बंद की गई सभी इकाइयों को, 22 जून 2026 को हुई एक बैठक के बाद, पुनः संचालित करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह निर्णय राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) द्वारा बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने के साथ लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बांडी नदी को प्रदूषण से बचाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। RSPCB ने 22 जून 2026 को पाली में टेक्सटाइल उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए। अब सभी वस्त्र प्रसंस्करण (टेक्सटाइल) इकाइयाँ केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही काम कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त, इकाइयों को CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्धारित रोटेशन प्लान का सख्ती से पालन करना होगा। उद्योगों की निगरानी SCADA सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, और इस सिस्टम के साथ किसी भी छेड़छाड़ को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई इकाई अवैध पाइपलाइन, टैंकर या किसी अन्य माध्यम से प्रदूषित पानी का निस्तारण करती पाई गई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गंभीर उल्लंघन करने वाली इकाइयों को स्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं, जिसके तहत रीको क्षेत्र के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों में औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट जल का निस्तारण पूर्णतः वर्जित है। प्रत्येक इकाई के लिए अपने मुख्य द्वार पर इकाई का नाम, पता, जोन, रोटेशनल बंदी का दिन और वैध सहमति (CTO) की अवधि का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। क्षेत्रीय अधिकारी ने बिना पंजीकरण वाले टैंकरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और मीठे पानी के टैंकरों पर "FRESH WATER TANKER" लिखना अनिवार्य करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, हॉट स्टेंटर मशीनों पर की जा रही रंगाई गतिविधियों को विशेष रूप से प्रतिबंधित किया गया है, और अवैध मशीनों का संचालन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में अवैध मशीनों के संचालन का विरोध करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में उद्योगपतियों से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का पालन करते हुए बांडी नदी के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की गई, जिससे फैक्ट्रियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सकेगी तथा उनका संचालन केवल निर्धारित और कड़े नियमों के अनुसार ही संभव हो सकेगा। यह रिपोर्ट सुदर्शन न्यूज़ और गणगौर चैनल से भीमराज परिहार, पाली द्वारा प्रस्तुत की गई है।
पाली में करीब बीस दिनों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को फिर से चालू करने का अहम फैसला लिया गया है। 2 जून 2026 को प्लांट के रखरखाव के लिए बंद की गई सभी इकाइयों को, 22 जून 2026 को हुई एक बैठक के बाद, पुनः संचालित करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह निर्णय राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) द्वारा बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने के साथ लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बांडी नदी को प्रदूषण से बचाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। RSPCB ने 22 जून 2026 को पाली में टेक्सटाइल उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए। अब सभी वस्त्र प्रसंस्करण (टेक्सटाइल) इकाइयाँ केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही काम कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त, इकाइयों को CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्धारित रोटेशन प्लान का सख्ती से पालन करना होगा। उद्योगों की निगरानी SCADA सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, और इस सिस्टम के साथ किसी भी छेड़छाड़ को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई इकाई अवैध पाइपलाइन, टैंकर या किसी अन्य माध्यम से प्रदूषित पानी का निस्तारण करती पाई गई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गंभीर उल्लंघन करने वाली इकाइयों को स्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं, जिसके तहत रीको क्षेत्र के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों में औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट जल का निस्तारण पूर्णतः वर्जित है। प्रत्येक इकाई के लिए अपने मुख्य द्वार पर इकाई का नाम, पता, जोन, रोटेशनल बंदी का दिन और वैध सहमति (CTO) की अवधि का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। क्षेत्रीय अधिकारी ने बिना पंजीकरण वाले टैंकरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और मीठे पानी के टैंकरों पर "FRESH WATER TANKER" लिखना अनिवार्य करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, हॉट स्टेंटर मशीनों पर की जा रही रंगाई गतिविधियों को विशेष रूप से प्रतिबंधित किया गया है, और अवैध मशीनों का संचालन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में अवैध मशीनों के संचालन का विरोध करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में उद्योगपतियों से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का पालन करते हुए बांडी नदी के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की गई, जिससे फैक्ट्रियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सकेगी तथा उनका संचालन केवल निर्धारित और कड़े नियमों के अनुसार ही संभव हो सकेगा। यह रिपोर्ट सुदर्शन न्यूज़ और गणगौर चैनल से भीमराज परिहार, पाली द्वारा प्रस्तुत की गई है।
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने आज पाली जिले का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया। अशोक गहलोत ने कार्यकर्ताओं को पाली की स्थानीय समस्याओं का समाधान करने का भी आश्वासन दिया और जिले के विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- पाली शहर के अंबेडकर नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर एक मासूम बच्चे सहित कुल छह लोगों को अपना शिकार बना लिया। इस हमले से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, आवारा कुत्ते ने एक के बाद एक राहगीरों और स्थानीय लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल हुए सभी छह लोगों को परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया और उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में नगर परिषद और प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आमजन की सुरक्षा खतरे में है। फिलहाल, अंबेडकर नगर क्षेत्र में भय का माहौल है और लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।1
- एक संदेश में 'जय श्री सिद्धी विनायक' का उद्घोष किया गया है। साथ ही, सभी साथियों को 'जय हिन्द' और 'जय भारत माता की' कहकर शुभकामनाएँ दी गई हैं, जो भक्ति और देशभक्ति की भावना को दर्शाती हैं।2
- पाली जिले के रानी कस्बे में एक चाय वाले के साथ मारपीट की घटना सामने आई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में गहरी नाराज़गी और रोष व्याप्त है।1
- पाली जिले के रानी कस्बे के चुंगी नाका क्षेत्र में 23 जून मंगलवार सुबह एक चाय विक्रेता के साथ कुछ अज्ञात युवकों द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट की घटना ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। इस हमले में चाय विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुँचाकर उपचार कराया जा रहा है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुंगी नाका स्थित काठियावाड़ी चाय की दुकान का संचालन करने वाले चंद्रपाल एवं जयपाल देवासी मंगलवार सुबह अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात युवक वहाँ पहुँचे और किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि युवकों ने चाय विक्रेता के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने चाय विक्रेता के साथ क्रूरता से मारपीट की, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद आवश्यक चिकित्सकीय जाँचें कराई गईं और उसका उपचार अभी भी जारी है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में घटना को लेकर और अधिक नाराजगी फैल गई है, जिससे बाजार क्षेत्र में आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मामले पर गहरा रोष व्यक्त किया। व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि दिनदहाड़े बाजार क्षेत्र में इस प्रकार की हिंसक घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं और यदि समय रहते असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारियों में भय का माहौल बन सकता है। व्यापार मंडल ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने तथा व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से नशेड़ी एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है और दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्र के व्यापारी और नागरिक अब पुलिस कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।2
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली ज़िले के रोहट थाना क्षेत्र के एक गाँव में सोमवार रात एक युवक और उसके रिश्तेदार को ग्रामीणों ने चोर समझकर बेरहमी से पीटा। ये दोनों युवक अपने ससुराल जा रहे थे, तभी गाँव वालों ने उन्हें एक खिड़की से बांध दिया और पूरी रात मारते रहे। पीड़ित युवकों ने हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। दरअसल, गाँव में पिछले कुछ दिनों से घर के बाहर खड़ी गाड़ियों की बैटरी, घरेलू सामान और मोबाइल चोरी होने की घटनाएँ बढ़ गई थीं। इन वारदातों से परेशान ग्रामीण रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान, बिना नंबर प्लेट की बाइक पर घूमते हुए मिले इन दोनों युवकों को गाँव वालों ने संदिग्ध मानकर पकड़ लिया और उन्हें चोर समझकर यह अमानवीय कृत्य किया। सुबह जब सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि ये दोनों चोर नहीं थे, बल्कि उनमें से एक युवक गाँव का ही दामाद था और अपने रिश्तेदार के साथ ससुराल आया था। इस गंभीर घटना के बाद, पीड़ित युवक के पिता ने रोहट थाने में 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।2