मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के रहने वाले मोहम्मद आरिफ अंसारी की कहानी हौसले और अटूट जज्बे की अनूठी मिसाल है। 1 जनवरी 1956 को जन्मे मोहम्मद आरिफ जब महज 25 साल के थे, तब देर रात एक ट्रेन यात्रा के दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। इस भीषण ट्रेन हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर गंवा दिए, जिससे उनकी पूरी जिंदगी बदल गई। इस हादसे के बाद आरिफ के जीवन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनकी पत्नी व बच्चों ने उनका साथ छोड़ दिया, जिससे उनका पूरा परिवार उजड़ गया। ऐसे कठिन समय में उनकी बहन उनका सहारा बनीं, लेकिन वक्त के साथ धीरे-धीरे उनकी बहन और भाई का भी निधन हो गया। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आरिफ ने कभी किसी के सामने भीख न मांगने की कसम खाई और तय किया कि वे अपनी मेहनत के दम पर ही जीवन यापन करेंगे। कम उम्र और बड़ी जिम्मेदारियों के बीच हिम्मत न हारते हुए उन्होंने एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग की दुकान की शुरुआत की। लोकल 18 से बात करते हुए आरिफ बताते हैं कि वह पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी गुमटी में बने अपने इलेक्ट्रिक की दुकान पर इलेक्ट्रॉनिक सामानों की रिपेयरिंग का काम कर रहे हैं और आज भी मेहनत करके स्वाभिमान के साथ जी रहे हैं।
मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के रहने वाले मोहम्मद आरिफ अंसारी की कहानी हौसले और अटूट जज्बे की अनूठी मिसाल है। 1 जनवरी 1956 को जन्मे मोहम्मद आरिफ जब महज 25 साल के थे, तब देर रात एक ट्रेन यात्रा के दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। इस भीषण ट्रेन हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर गंवा दिए, जिससे उनकी पूरी जिंदगी बदल गई। इस हादसे के बाद आरिफ के जीवन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनकी पत्नी व बच्चों ने उनका साथ छोड़ दिया, जिससे उनका पूरा परिवार उजड़ गया। ऐसे कठिन समय में उनकी बहन उनका सहारा बनीं, लेकिन वक्त के साथ धीरे-धीरे उनकी बहन और भाई का भी निधन हो गया। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आरिफ ने कभी किसी के सामने भीख न मांगने की कसम खाई और तय किया कि वे अपनी मेहनत के दम पर ही जीवन यापन करेंगे। कम उम्र और बड़ी जिम्मेदारियों के बीच हिम्मत न हारते हुए उन्होंने एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग की दुकान की शुरुआत की। लोकल 18 से बात करते हुए आरिफ बताते हैं कि वह पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी गुमटी में बने अपने इलेक्ट्रिक की दुकान पर इलेक्ट्रॉनिक सामानों की रिपेयरिंग का काम कर रहे हैं और आज भी मेहनत करके स्वाभिमान के साथ जी रहे हैं।
- मऊ के भेड़ियाधर ग्राम पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बन रही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि सड़क के किनारे सहारे के लिए बनाई गई ईंटों की साइड दीवार कई जगहों पर ढह गई। बारिश के दौरान सड़क किनारे बनी यह दीवार मिट्टी के साथ धंसकर सीधे खेत की तरफ गिर गई। सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने से पहले ही दीवार के गिर जाने के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काम पूरा होने से पहले ही दीवार का इस तरह गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।1
- मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना स्थित सेक्रेट हार्ट स्कूल के छात्र जैश कुमार वर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (UG) पास कर ली है। जैश ने परीक्षा में 668 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में 574वीं रैंक हासिल की है। प्रारंभिक स्तर से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सेक्रेट हार्ट स्कूल से पूरी करने वाले जैश ने अपनी इस शानदार सफलता का राज साझा किया है। जैश वर्मा ने बताया कि समाज में अस्पतालों की सुविधाओं में कमी को देखकर उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। नीट परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद अब वह एमबीबीएस करेंगे और उसके बाद एमएस की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं। न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में काम करने की गहरी रुचि होने के कारण वह इसी क्षेत्र में आगे की तैयारी कर बेहतर काम करना चाहते हैं। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने प्रतिदिन 6 से 7 घंटे तक पढ़ाई की और इसके लिए उन्होंने घर तथा मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाकर रखी। इस कठिन सफर में शिक्षकों और परिवार का जैश को पूरा सहयोग मिला, जिन्होंने मन छोटा होने पर हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। जैश के अनुसार, तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती टेस्ट सीरीज में कम नंबर आना था, लेकिन उन्होंने अपना हौसला डिगने नहीं दिया। सामान्य स्कूलों की तरह तैयारी के दौरान छुट्टियां नहीं मिलने के कारण उन पर लगातार पढ़ाई करने का काफी दबाव रहता था, लेकिन नियमित तैयारी और सभी के सहयोग से उन्हें यह सफलता मिली है। अब वह आगे और मेहनत कर डॉक्टर के रूप में लोगों की सेवा करना चाहते हैं।1
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- Post by Rohit kumar1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) में असफल होने के बाद निराश एक 18 वर्षीय छात्रा ने शुक्रवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। यह दर्दनाक घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित कोईरी पोखरा की है, जहां संजय यादव की पुत्री सृष्टि यादव मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। गुरुवार को घोषित हुए NEET-2026 के परिणाम में सफलता न मिलने के कारण वह काफी परेशान और निराश चल रही थी। शुक्रवार दोपहर जब परिवार के सदस्य अपने-अपने कार्यों में व्यस्त थे, इसी दौरान सृष्टि ने अपने कमरे में जाकर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। काफी देर तक कमरे से बाहर न आने पर जब परिजनों ने भीतर जाकर देखा, तो सृष्टि फंदे पर लटकी हुई मिली। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह सलाह दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा परिणाम या किसी अन्य कारण से गहरे तनाव, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों का सामना कर रहा हो, तो उसे अकेला न छोड़ें और किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात कर सहायता लें।1
- मऊ के रानीपुर ब्लॉक परिसर स्थित सभागार में शुक्रवार को मनरेगा के तीन तकनीकी सहायकों के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तकनीकी सहायक श्री रामेश्वर यादव, श्री रामाश्रय यादव और श्री अजय कुमार सिंह को ब्लॉक परिवार की ओर से फूल-मालाएं पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई। इस विदाई समारोह के दौरान वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में तीनों तकनीकी सहायकों की सराहना करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने में तकनीकी सहायकों की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती है। इन तीनों साथियों ने पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ ब्लॉक के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। अपनी विदाई पर भावुक हुए तीनों तकनीकी सहायकों ने ब्लॉक परिवार का आभार व्यक्त किया और कहा कि सेवा के दौरान मिले सहयोग और स्नेह को वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी रमाकांत, प्रधान संघ ब्लाक अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह सहित ब्लॉक के समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने सेवानिवृत्त सहयोगियों के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना की।4
- मऊ जिले की मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के ग्राम महापुर निवासी मोहम्मद आजम खान के पुत्र मोहम्मद अंजर खान ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) में 587 अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस शानदार सफलता के साथ ही उन्हें सरकारी एमबीबीएस कॉलेज में प्रवेश का अवसर प्राप्त हुआ है। परीक्षा परिणाम की जानकारी मिलते ही मोहम्मद अंजर खान के पूरे परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। अंजर खान की इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई देने के लिए क्षेत्र के तमाम लोग उनके आवास पर पहुंचे। लोगों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर इस कामयाबी की बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व प्रत्याशी डॉ. धर्म सिंह गौतम और आजाद समाज पार्टी के मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद प्रधान ने भी अंजर के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- मऊ रानीपुर के अंतर्गत आने वाली ग्रामसभा पलिया में सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को निर्माण स्थल पर एकत्र होकर कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बनाई जा रही 800 मीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में तय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमों को दरकिनार कर जहां सड़क की निर्धारित मोटाई 6 इंच होनी चाहिए, वहीं इसे महज 3 से 4 इंच ही बनाया जा रहा है। बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ या विभागीय अधिकारी की देखरेख के गैर-जिम्मेदाराना तरीके से की जा रही ढलाई के कारण सड़क अभी से जगह-जगह से टूटने और उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी और वे इस तरह का मानक विहीन कार्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से स्थानीय निवासी उदय प्रताप सिंह, विवेक सिंह, उमेश वर्मा, देवेश सिंह, कृष्ण कुमार दूबे, अब्दुल्ला अंसारी, दीपक, आदिल अंसारी और शेरराज हाफीजी ने किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, तो वे उच्चाधिकारियों से इसकी लिखित शिकायत करेंगे। वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के जेई उपकेंद्र कुमार से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है।1