उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नशे की गिरफ्त में फंसा एक युवक सीधे जिलाधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नशे की गिरफ्त में फंसा एक युवक सीधे जिलाधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. युवक ने भावुक होकर कहा कि साहब, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे अपनी बेटी के लिए जीना है. मेडिकल स्टोर्स पर खुलेआम नशे की दवाइयां बिक रही हैं, इन्हें बंद कराइए नहीं तो मेरे जैसे कई नौजवान बर्बाद हो जाएंगे. नशे का आदी युवक जब जिलाधिकारी अभिषेक पांडे से मिलने पहुंचा तो उसके पास कुछ नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और सिरिंज भी थीं. उसने ये सब डीएम को दिखाते हुए बताया कि शहर और आसपास के इलाकों में कई मेडिकल स्टोर्स बिना डॉक्टर के पर्चे के नशे के इंजेक्शन और दवाइयां बेच रहे हैं. उसने कहा कि ये नशा धीरे-धीरे युवाओं की जिंदगी खत्म कर रहा है और कई परिवार तबाह हो चुके हैं.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नशे की गिरफ्त में फंसा एक युवक सीधे जिलाधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नशे की गिरफ्त में फंसा एक युवक सीधे जिलाधिकारी के ऑफिस पहुंच गया. युवक ने भावुक होकर कहा कि साहब, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे अपनी बेटी के लिए जीना है. मेडिकल स्टोर्स पर खुलेआम नशे की दवाइयां बिक रही हैं, इन्हें बंद कराइए नहीं तो मेरे जैसे कई नौजवान बर्बाद हो जाएंगे. नशे का आदी युवक जब जिलाधिकारी अभिषेक पांडे से मिलने पहुंचा तो उसके पास कुछ नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और सिरिंज भी थीं. उसने ये सब डीएम को दिखाते हुए बताया कि शहर और आसपास के इलाकों में कई मेडिकल स्टोर्स बिना डॉक्टर के पर्चे के नशे के इंजेक्शन और दवाइयां बेच रहे हैं. उसने कहा कि ये नशा धीरे-धीरे युवाओं की जिंदगी खत्म कर रहा है और कई परिवार तबाह हो चुके हैं.
- देवास से (साजिद अली)✍️ यह तस्वीर शहर के रेवा बाग स्थित स्वास्थ्य केंद्र की है। शाम करीब 5:30 बजे बच्चों को लगने वाली वैक्सीन का डब्बा लावारिस हालत में पड़ा मिला, जबकि केंद्र बंद होने का समय 6:30 बजे है। गौरतलब है कि इन वैक्सीन को विशेष तापमान में सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी संवेदनशील दवाओं को इस तरह असुरक्षित क्यों छोड़ा गया? यदि इस लापरवाही के कारण कल को किसी बच्चे के साथ कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?1
- Post by Aarti Raikwar1
- पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने ही सेवादारों की पर्ची खोल दी, कहा– हमारे यहां मालपानी अच्छा मिलता है इसलिए बनते हैं सेवादार और कुछ लौंडे तो लौंडियाबजी के लिए सेवादार बन रहे हैं, अब जब पंडित जी को इतना सब कुछ पता है तो ऐसे सेवादारों को बाहर कर दो क्योंकि हो सकता है कभी कोई ऐसा सेवादार किसी के साथ छेड़खानी कर दे, और फिर इन्हें बदनामी का दाग झेलना पड़े आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताएं 👇1
- इंदौर में एक ऑटो चालक की सतर्कता से 18 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए। ऑटो चालक की समझदारी और जागरूकता से पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। 👉 ताज़ा ब्रेकिंग और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें । 👉 वीडियो को Like, Share और Comment ज़रूर करें ।1
- इंदौर में उत्साह के आगे धरे रह गए सुरक्षा इंतज़ाम! लोगों के जोश और भारी भीड़ के सामने प्रशासन के लगाए गए बैरिकेट्स भी टिक नहीं पाए। हजारों की संख्या में लोग राजवाड़ा पहुंचने के लिए उमड़ पड़े, जिससे कई जगह सुरक्षा इंतज़ाम बिखरते नजर आए। भीड़ के दबाव में बैरिकेट्स की हालत खराब हो गई और व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। देखिए मौके का LIVE वीडियो — कैसे उत्साह के आगे धरे रह गए सारे सुरक्षा प्रबंध!1
- This is the situation of muslim living Uttam Nagar is the new definition of justice?1
- इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में जूनियर डॉक्टरों (JUDA) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जूडा के बैनर तले डॉक्टरों ने एक विशाल बाइक रैली निकाली, जो एमवाई अस्पताल से शुरू होकर एमजीएम और एमटीएस होते हुए वापस एमवाई अस्पताल पर समाप्त हुई। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का मुख्य आरोप है कि वर्ष 2021 में सरकार के साथ हुए समझौते के तहत उनके मानदेय में सालाना 3 से 4 प्रतिशत की वृद्धि होनी थी, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है। जूडा अध्यक्ष डॉ. अंशुल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों जैसे दिल्ली और राजस्थान में जूनियर डॉक्टरों का मानदेय 1 लाख रुपये से अधिक है, जबकि मध्य प्रदेश में यह अब भी 70 से 80 हजार रुपये के बीच अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों का एरियर भी बकाया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले एक साल से सरकार को पत्र और ईमेल के माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भोपाल में भी इसी तरह का आंदोलन जारी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।1
- इंदौर में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला पहुंचे क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी (क्राइम) के सामने जतिन शुक्ला ने कहा —“मुझसे गलती हुई है, मैं पहले भी माफी मांग चुका हूं। मेरा उद्देश्य इंदौर शहर या किसी भी व्यक्ति का अपमान करने का नहीं था।” उन्होंने इंदौर के सांसद शंकर लालवानी से भी माफी मांगते हुए कहा कि आगे से ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। इस पूरे मामले के बाद अब उनका माफी मांगने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखें जतिन शुक्ला का माफी मांगने वाला वीडियो1