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भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सुख-समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामना की पाली, 28 अगस्त। शहर समेत जिलेभर में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गईं। बहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा एवं हर परिस्थिति में साथ निभाने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट किए। पर्व को लेकर शहर के बाजारों में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। राखियों, मिठाइयों, पूजा सामग्री एवं उपहारों की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही। रंग-बिरंगी राखियों से सजे बाजारों में बहनें अपनी पसंद की राखियां खरीदती नजर आईं। मिठाई की दुकानों पर भी विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की बिक्री हुई। कई बहनों ने अपने भाइयों के लिए विशेष रूप से राखियां और उपहार खरीदे। शुभ मुहूर्त में बांधा रक्षा सूत्र रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारी और मिठाई खिलाई। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षा का सूत्र बांधा। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपने स्नेह का इजहार किया। दूर रहने वाले भाई-बहनों ने मोबाइल वीडियो कॉल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। घरों में रहा उत्सव का माहौल रक्षाबंधन को लेकर जिलेभर के गांवों और कस्बों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा। विवाहित बहनें अपने मायके पहुंचीं, जिससे परिवारों में लंबे समय बाद एक साथ मिलकर पर्व मनाने की खुशी देखने को मिली। कई परिवारों में बहनों के स्वागत के लिए विशेष पकवान बनाए गए। सुबह से देर शाम तक राखी बांधने और शुभकामनाओं का दौर चलता रहा। रक्षाबंधन पर्व ने भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। पर्व के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

52 min ago
user_Jugal kishor  पत्रकार पाली
Jugal kishor पत्रकार पाली
पत्रकार रानी, पाली, राजस्थान•
52 min ago
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भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सुख-समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामना की पाली, 28 अगस्त। शहर समेत जिलेभर में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गईं। बहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा एवं हर परिस्थिति में साथ निभाने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट किए। पर्व को लेकर शहर के बाजारों में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिली। राखियों, मिठाइयों, पूजा सामग्री एवं उपहारों की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही। रंग-बिरंगी राखियों से सजे बाजारों में बहनें अपनी पसंद की राखियां खरीदती नजर आईं। मिठाई की दुकानों पर भी विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की बिक्री हुई। कई बहनों ने अपने भाइयों के लिए विशेष

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रूप से राखियां और उपहार खरीदे। शुभ मुहूर्त में बांधा रक्षा सूत्र रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारी और मिठाई खिलाई। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षा का सूत्र बांधा। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपने स्नेह का इजहार किया। दूर रहने वाले भाई-बहनों ने मोबाइल वीडियो कॉल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। घरों में रहा उत्सव का माहौल रक्षाबंधन को लेकर जिलेभर के गांवों और कस्बों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा। विवाहित बहनें अपने मायके पहुंचीं, जिससे परिवारों में लंबे समय बाद एक साथ मिलकर पर्व मनाने की खुशी देखने को मिली। कई परिवारों में बहनों के स्वागत के लिए विशेष पकवान बनाए गए। सुबह से देर शाम तक राखी बांधने और शुभकामनाओं का दौर चलता रहा। रक्षाबंधन पर्व ने भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। पर्व के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

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  • नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत 140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत 140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि रानी। निकटवर्ती नादाणा जोधान (जवाली) स्थित श्री रूपमुनि सार्वजनिक गौशाला में अखिल भारतीय श्री मरूधर केसरी जैन युवा संघ तांबरम सर्कल (चेन्नई) के करीब 140 सदस्यों का भव्य स्वागत किया गया। गौशाला ट्रस्ट की ओर से संघ के सदस्यों का साफा, शॉल, दुपट्टा एवं माला पहनाकर ढोल-धमाकों के साथ स्वागत किया गया। चेन्नई से आए संघ के पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान संघ के सदस्यों ने जीवदया के तहत गायों को हरा चारा एवं लापसी खिलाई। साथ ही गायों की सेवा एवं संरक्षण के लिए बढ़-चढ़कर राशि भेंट कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चंपकलाल चंदेल, उपाध्यक्ष दिनेश बी. भलगट, दिनेश एम. भलगट, महामंत्री छगनलाल मेवाड़ा, सलाहकार नथमल गांधी (सीए), कोषाध्यक्ष केवलचंद गांधी, अमर सिंह सिसोदिया, झूमरलाल भलगट, जयंतीलाल गांधी, खेमचंद बोहरा, रमेश भलगट, पूर्व प्राचार्य डॉ. नारायण सिंह राठौड़, अरुण गांधी, मनसुख भलगट, प्यारेलाल चाणोदिया, भंवरलाल सिंघवी, गौतमचंद बोहरा, प्रकाश गुगलिया, मनोज सेठिया, शांतिलाल गांधी, प्रकाश गांधी, अशोक भलगट, वनाराम माली, संजय जैन, लोकेश जैन, देवेंद्र सोनी, भरत गांधी सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता निभाई।
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    नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत
140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि
नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत
140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि
रानी। निकटवर्ती नादाणा जोधान (जवाली) स्थित श्री रूपमुनि सार्वजनिक गौशाला में अखिल भारतीय श्री मरूधर केसरी जैन युवा संघ तांबरम सर्कल (चेन्नई) के करीब 140 सदस्यों का भव्य स्वागत किया गया।
गौशाला ट्रस्ट की ओर से संघ के सदस्यों का साफा, शॉल, दुपट्टा एवं माला पहनाकर ढोल-धमाकों के साथ स्वागत किया गया। चेन्नई से आए संघ के पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान संघ के सदस्यों ने जीवदया के तहत गायों को हरा चारा एवं लापसी खिलाई। साथ ही गायों की सेवा एवं संरक्षण के लिए बढ़-चढ़कर राशि भेंट कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम में संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चंपकलाल चंदेल, उपाध्यक्ष दिनेश बी. भलगट, दिनेश एम. भलगट, महामंत्री छगनलाल मेवाड़ा, सलाहकार नथमल गांधी (सीए), कोषाध्यक्ष केवलचंद गांधी, अमर सिंह सिसोदिया, झूमरलाल भलगट, जयंतीलाल गांधी, खेमचंद बोहरा, रमेश भलगट, पूर्व प्राचार्य डॉ. नारायण सिंह राठौड़, अरुण गांधी, मनसुख भलगट, प्यारेलाल चाणोदिया, भंवरलाल सिंघवी, गौतमचंद बोहरा, प्रकाश गुगलिया, मनोज सेठिया, शांतिलाल गांधी, प्रकाश गांधी, अशोक भलगट, वनाराम माली, संजय जैन, लोकेश जैन, देवेंद्र सोनी, भरत गांधी सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता निभाई।
    user_Jugal kishor  पत्रकार पाली
    Jugal kishor पत्रकार पाली
    पत्रकार रानी, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • तुकाराम मुंढे के एक्शन से महाराष्ट्र में हड़कंप, FDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मिलावटखोरों में खलबली महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर का पद संभालने के बाद IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने सख्त एक्शन को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट्स के मुताबिक FDA की टीमों ने हजारों जगहों पर छापेमारी की है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की गई। कुछ बड़े ब्रांड और नामी रेस्टोरेंट भी इस अभियान की चपेट में आए हैं। मुंढे की कार्रवाई से जहां आम लोगों में उनकी सख्त कार्यशैली की चर्चा है, वहीं कुछ कारोबारी उनके तरीके को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनके खिलाफ FDA के कुछ अधिकारियों की शिकायत और कानूनी विवाद भी सामने आए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनके तबादले के लिए ₹250 करोड़ तक खर्च करने की साजिश की गई थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह 245 गिरफ्तारियों और 275 कारोबारों को सील करने के आंकड़ों की भी विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं मिली है। तुकाराम मुंढे का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करवाना और आम लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।
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    तुकाराम मुंढे के एक्शन से महाराष्ट्र में हड़कंप, FDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मिलावटखोरों में खलबली
महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर का पद संभालने के बाद IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने सख्त एक्शन को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक FDA की टीमों ने हजारों जगहों पर छापेमारी की है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की गई। कुछ बड़े ब्रांड और नामी रेस्टोरेंट भी इस अभियान की चपेट में आए हैं।
मुंढे की कार्रवाई से जहां आम लोगों में उनकी सख्त कार्यशैली की चर्चा है, वहीं कुछ कारोबारी उनके तरीके को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनके खिलाफ FDA के कुछ अधिकारियों की शिकायत और कानूनी विवाद भी सामने आए हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनके तबादले के लिए ₹250 करोड़ तक खर्च करने की साजिश की गई थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह 245 गिरफ्तारियों और 275 कारोबारों को सील करने के आंकड़ों की भी विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं मिली है।
तुकाराम मुंढे का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करवाना और आम लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।
    user_PMF NEWS
    PMF NEWS
    Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • रक्षाबंधन पर जेल में राखी बांधने की सुविधा, रोडवेज बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा पाली। रक्षाबंधन पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई । वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी रही रक्षाबंधन के दिन बहनें जेल पहुंचकर अपने भाइयों को राखी बांधी इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई। ताकि पर्व के दौरान बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इसके साथ ही राजस्थान रोडवेज की बसों में महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी।इससे बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने में राहत मिलेगी और पर्व पर घर आने-जाने में आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा।
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    रक्षाबंधन पर जेल में राखी बांधने की सुविधा, 

रोडवेज बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा

पाली। रक्षाबंधन पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई । वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी रही
रक्षाबंधन के दिन बहनें जेल पहुंचकर अपने भाइयों को राखी बांधी इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई। ताकि पर्व के दौरान बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
इसके साथ ही राजस्थान रोडवेज की बसों में महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी।इससे बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने में राहत मिलेगी और पर्व पर घर आने-जाने में आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा।
    user_Hastpal singh
    Hastpal singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • रविंद्र सिंह की आंखें रोशन करेंगी दो जिंदगियां पाली टैगोर नगर निवासी रावणा राजपूत समाज के दिवंगत रविंद्र सिंह गेहलोत के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की इस पहल से दो दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है। रविंद्र सिंह के निधन की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद चोपड़ा तथा आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान (पाली चैप्टर) के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ ने परिजनों से संपर्क कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता जगदीशचन्द्र, माता कमलादेवी, धर्मपत्नी ज्योति एवं अन्य परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में एक मिशाल पेश की । सूचना के बाद आई बैंक सोसायटी की टीम ने डॉ. आर.के. गर्ग एवं तकनीशियन रईस खान के सहयोग से रविंद्र सिंह की कॉर्निया प्राप्त की। इन्हें प्रत्यारोपण के लिए जयपुर भेजा गया। इस नेक कार्य के माध्यम से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास किया गया। नेत्रदान की इस अनुकरणीय पहल में भंवरलाल सेमलानी, पदम लालवाणी एवं दयालसिंह तंवर का भी सहयोग रहा। परिजनों के इस निर्णय की सामाजिक स्तर पर सराहना की जा रही है। रविंद्र सिंह की आंखें रोशन करेंगी दो जिंदगियां पाली टैगोर नगर निवासी रावणा राजपूत समाज के दिवंगत रविंद्र सिंह गेहलोत के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की इस पहल से दो दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है। रविंद्र सिंह के निधन की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद चोपड़ा तथा आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान (पाली चैप्टर) के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ ने परिजनों से संपर्क कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता जगदीशचन्द्र, माता कमलादेवी, धर्मपत्नी ज्योति एवं अन्य परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में एक मिशाल पेश की । सूचना के बाद आई बैंक सोसायटी की टीम ने डॉ. आर.के. गर्ग एवं तकनीशियन रईस खान के सहयोग से रविंद्र सिंह की कॉर्निया प्राप्त की। इन्हें प्रत्यारोपण के लिए जयपुर भेजा गया। इस नेक कार्य के माध्यम से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास किया गया। नेत्रदान की इस अनुकरणीय पहल में भंवरलाल सेमलानी, पदम लालवाणी एवं दयालसिंह तंवर का भी सहयोग रहा। परिजनों के इस निर्णय की सामाजिक स्तर पर सराहना की जा रही है।
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    रविंद्र सिंह की आंखें रोशन करेंगी दो जिंदगियां

पाली टैगोर नगर निवासी रावणा राजपूत समाज के दिवंगत रविंद्र सिंह गेहलोत के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की इस पहल से दो दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है।

रविंद्र सिंह के निधन की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद चोपड़ा तथा आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान (पाली चैप्टर) के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ ने परिजनों से संपर्क कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता जगदीशचन्द्र, माता कमलादेवी, धर्मपत्नी ज्योति एवं अन्य परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में एक मिशाल पेश की ।

सूचना के बाद आई बैंक सोसायटी की टीम ने डॉ. आर.के. गर्ग एवं तकनीशियन रईस खान के सहयोग से रविंद्र सिंह की कॉर्निया प्राप्त की। इन्हें प्रत्यारोपण के लिए जयपुर भेजा गया। इस नेक कार्य के माध्यम से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास किया गया।
नेत्रदान की इस अनुकरणीय पहल में भंवरलाल सेमलानी, पदम लालवाणी एवं दयालसिंह तंवर का भी सहयोग रहा। परिजनों के इस निर्णय की सामाजिक स्तर पर सराहना की जा रही है।

रविंद्र सिंह की आंखें रोशन करेंगी दो जिंदगियां
पाली टैगोर नगर निवासी रावणा राजपूत समाज के दिवंगत रविंद्र सिंह गेहलोत के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की इस पहल से दो दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है।
रविंद्र सिंह के निधन की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद चोपड़ा तथा आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान (पाली चैप्टर) के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ ने परिजनों से संपर्क कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता जगदीशचन्द्र, माता कमलादेवी, धर्मपत्नी ज्योति एवं अन्य परिजनों ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर समाज में एक मिशाल पेश की ।
सूचना के बाद आई बैंक सोसायटी की टीम ने डॉ. आर.के. गर्ग एवं तकनीशियन रईस खान के सहयोग से रविंद्र सिंह की कॉर्निया प्राप्त की। इन्हें प्रत्यारोपण के लिए जयपुर भेजा गया। इस नेक कार्य के माध्यम से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास किया गया।
नेत्रदान की इस अनुकरणीय पहल में भंवरलाल सेमलानी, पदम लालवाणी एवं दयालसिंह तंवर का भी सहयोग रहा। परिजनों के इस निर्णय की सामाजिक स्तर पर सराहना की जा रही है।
    user_रामलाल चौहान
    रामलाल चौहान
    पाली, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
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    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Farmer पाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2 कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है। पूर्व में रह चुके हैं पार्षद भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है। समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57? वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा? कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है। जनता सब देख रही है... चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है। टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।
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    पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर
जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक
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वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी
चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा
वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है।
आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है।
राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं।
कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे।
भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार
वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं।
25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी
कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी?
राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव
दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है।
भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में
भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है।
वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं।
चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर
जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक
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वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी
चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा
वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है।
आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है।
राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं।
कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे।
भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार
वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं।
25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी
कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी?
राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव
दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है।
भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में
भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है।
वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं।
चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2
कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार
वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है।
पूर्व में रह चुके हैं पार्षद
भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है।
फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57?
वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है।
भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा?
कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है।
जनता सब देख रही है...
चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है।
टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।
    user_Kapil Panecha
    Kapil Panecha
    पाली, पाली, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • विद्युत ट्रांसपोर्ट के आसपास में झाड़ियां आहोर जिला जालौर राजस्थान विद्युत ट्रांसफार्मर के चारों बाजू कांटेदार झाड़ियां
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    विद्युत ट्रांसपोर्ट के आसपास में झाड़ियां आहोर जिला जालौर राजस्थान 
विद्युत ट्रांसफार्मर के चारों बाजू कांटेदार झाड़ियां
    user_Sona Ram
    Sona Ram
    आहोर, जालोर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • नींबू में सरसों का तेल डालकर बनाएं घरेलू उपाय, मच्छरों से राहत का दावा घर में मच्छरों की बढ़ती परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक घरेलू नुस्खा लोगों का ध्यान खींच रहा है। मच्छरों से परेशान लोग अक्सर तरह-तरह के घरेलू उपाय आजमाते हैं। इन दिनों नींबू, सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन से जुड़ा एक ऐसा ही नुस्खा चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इसके लिए एक ताजा नींबू लेकर उसके ऊपरी हिस्से को काटा जाता है। इसके बाद चम्मच की मदद से नींबू के अंदर का गूदा निकालकर उसमें करीब एक चम्मच सरसों का तेल, दो कपूर की टिकिया, दो-तीन लौंग और थोड़ी अजवाइन डालने की बात कही जाती है। इसके बाद इसमें बाती लगाकर इसे ऐसे स्थान पर रखने का सुझाव दिया जाता है, जहां मच्छरों का आना-जाना ज्यादा हो। दावा है कि सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन की गंध से मच्छर उस जगह से दूर भाग सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस घरेलू नुस्खे से सभी मच्छरों के मरने या घर से पूरी तरह खत्म हो जाने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार मच्छरों से बचाव के लिए घर में पानी जमा न होने देना, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना और आवश्यकता पड़ने पर प्रमाणित मच्छर-रोधी उत्पादों का इस्तेमाल करना ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकते हैं। सावधानी जरूरी: कपूर और सरसों का तेल ज्वलनशील हो सकते हैं। यदि बाती जलाकर यह उपाय किया जाए तो इसे पर्दे, कागज, कपड़े या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें और बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुंच से भी दूर रखें। इसे बिना निगरानी के जलता हुआ न छोड़ें। सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि करना जरूरी है।
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    नींबू में सरसों का तेल डालकर बनाएं घरेलू उपाय, मच्छरों से राहत का दावा
घर में मच्छरों की बढ़ती परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक घरेलू नुस्खा लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मच्छरों से परेशान लोग अक्सर तरह-तरह के घरेलू उपाय आजमाते हैं। इन दिनों नींबू, सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन से जुड़ा एक ऐसा ही नुस्खा चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि इसके लिए एक ताजा नींबू लेकर उसके ऊपरी हिस्से को काटा जाता है। इसके बाद चम्मच की मदद से नींबू के अंदर का गूदा निकालकर उसमें करीब एक चम्मच सरसों का तेल, दो कपूर की टिकिया, दो-तीन लौंग और थोड़ी अजवाइन डालने की बात कही जाती है। इसके बाद इसमें बाती लगाकर इसे ऐसे स्थान पर रखने का सुझाव दिया जाता है, जहां मच्छरों का आना-जाना ज्यादा हो।
दावा है कि सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन की गंध से मच्छर उस जगह से दूर भाग सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस घरेलू नुस्खे से सभी मच्छरों के मरने या घर से पूरी तरह खत्म हो जाने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार मच्छरों से बचाव के लिए घर में पानी जमा न होने देना, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना और आवश्यकता पड़ने पर प्रमाणित मच्छर-रोधी उत्पादों का इस्तेमाल करना ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकते हैं।
सावधानी जरूरी: कपूर और सरसों का तेल ज्वलनशील हो सकते हैं। यदि बाती जलाकर यह उपाय किया जाए तो इसे पर्दे, कागज, कपड़े या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें और बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुंच से भी दूर रखें। इसे बिना निगरानी के जलता हुआ न छोड़ें।
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि करना जरूरी है।
    user_PMF NEWS
    PMF NEWS
    Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
    19 hrs ago
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