प्रयागराज शहर के निवासी तरुण सहगल और उनके परिवार ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने चाचा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पना, बैंक दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और मारपीट शामिल हैं। परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रेसवार्ता में तरुण सहगल ने बताया कि उनके चाचा स्वर्गीय पवन कुमार सहगल, उनके बेटों और अन्य परिजनों ने परिवार के सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं, जबकि परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसी किसी योजना के लिए अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर उन पर और उनके दिवंगत पिता पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित उपहार विलेख पर हस्ताक्षर कराए गए। तरुण सहगल के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों का उपयोग करके भूमि हस्तांतरित कर ली गई। परिवार ने दिवंगत परिजन की सावधि जमा राशि से जुड़े बैंक अभिलेखों में कथित बदलाव कर धनराशि का अनुचित लाभ उठाने और संयुक्त स्वामित्व वाले एक फ्लैट पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। तरुण सहगल ने जानकारी दी कि जब उनके भाई मनु सहगल बीमा संबंधी कथित अनियमितताओं पर बातचीत करने गए, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित शिकायतें कई बार पुलिस को दी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान सुनीता सहगल, सोनाली सहगल और मनु सहगल भी मौजूद थे। परिवार ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित संस्थाओं से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने, न्याय दिलाने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।
प्रयागराज शहर के निवासी तरुण सहगल और उनके परिवार ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने चाचा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पना, बैंक दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और मारपीट शामिल हैं। परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रेसवार्ता में तरुण सहगल ने बताया कि उनके चाचा स्वर्गीय पवन कुमार सहगल, उनके बेटों और अन्य परिजनों ने परिवार के सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं, जबकि परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसी किसी योजना के लिए अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर उन पर और उनके दिवंगत पिता पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित उपहार विलेख पर हस्ताक्षर कराए गए। तरुण सहगल के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों का उपयोग करके भूमि हस्तांतरित कर ली गई। परिवार ने दिवंगत परिजन की सावधि जमा राशि से जुड़े बैंक अभिलेखों में कथित बदलाव कर धनराशि का अनुचित लाभ उठाने और संयुक्त स्वामित्व वाले एक फ्लैट पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। तरुण सहगल ने जानकारी दी कि जब उनके भाई मनु सहगल बीमा संबंधी कथित अनियमितताओं पर बातचीत करने गए, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित शिकायतें कई बार पुलिस को दी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान सुनीता सहगल, सोनाली सहगल और मनु सहगल भी मौजूद थे। परिवार ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित संस्थाओं से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने, न्याय दिलाने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।
- पंजाब के इतिहास में पहली बार, सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को खालसा पंथ विरोधी घोषित किया है। यह गंभीर फैसला गुरु साहिबान की तस्वीर के कथित अपमान के आरोपों के बाद लिया गया है। इस घोषणा की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह निर्णय किसी विपक्षी दल द्वारा नहीं, बल्कि स्वयं सर्वोच्च धार्मिक पीठ द्वारा जारी किया गया है। इस बेअदबी (अपमान) के सामने आने के बाद, पूरे पंजाब में यह सवाल उठ रहा है कि क्या भगवंत मान मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।1
- प्रयागराज जिले की फूलपुर तहसील के भवानीपुर उर्फ बेलवा गांव में भूमाफिया द्वारा एक रास्ते पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित व्यक्ति ने इस मामले की कई बार शिकायत की है, लेकिन आरोप है कि पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट कहना है कि पुलिस मौके पर आती है और चली जाती है, तथा पुलिस प्रशासन भूमाफिया का साथ दे रहा है।1
- प्रयागराज के बारा तहसील में अवैध बालू और मिट्टी का खनन धड़ल्ले से जारी है। यहां, पहले की गई कार्रवाइयों के बावजूद, हजारों की संख्या में ओवरलोडेड गाड़ियां बिना रवन्ना (परमिट) के दिन-रात अवैध बालू और मिट्टी का परिवहन करते देखी जा रही हैं। यह स्थिति उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा खनन पर लगाई गई रोक और उनके आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का सीधा प्रमाण है। सूत्रों का कहना है कि जब अधिकारी कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं, ठीक उसी समय का एक ताजा वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक ट्रक मुख्य सड़क पर बालू लादे खड़ा है, और पूछने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि स्थानीय अधिकारी अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं। अब यह आवश्यक है कि इस मामले में सीधे बड़े अधिकारी या स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह देखना बाकी है कि शासन-प्रशासन अवैध खनन को पूरी तरह से रोकने के लिए किस तरह की ठोस पहल करता है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस के जवानों को ड्यूटी के दौरान 'रील' बनाने को लेकर नसीहत दी है। उन्होंने इस गतिविधि को अनुशासनहीनता का एक हिस्सा बताया और कहा कि ऐसे समय में जवानों को अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहना चाहिए, न कि 'रील' बनाने में समय व्यर्थ करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जिस कार्य को करना है, उसके प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता होनी चाहिए, ताकि वह गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे सके। उन्होंने हिदायत दी कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे अनावश्यक रूप से हंसी का पात्र बनना पड़े या सिस्टम पर अनावश्यक रूप से उंगली उठाने का प्रयास हो। योगी ने कहा कि अक्सर लोग अपने आप कुछ नहीं कर सकते, लेकिन अनावश्यक रूप से सिस्टम पर उंगली उठाते हैं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के अनुसार, जिसकी जहां ड्यूटी है, वह अगर अपना कार्य करेगा तो परिणाम अपने आप आएगा। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।1
- प्रयागराज जनपद की फूलपुर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा भवानीपुर बेलवा में भूमाफियाओं द्वारा जबरन रास्ता बंद किया जा रहा है। ये भूमाफिया प्रशासन की बातों को भी नहीं मान रहे हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि यदि इस मामले का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो किसी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। चैनल के माध्यम से उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराएं और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।3
- एक बच्चा गिरने ही वाला था, लेकिन उसने तुरंत खिड़की को पकड़ लिया और खुद को संभालने में कामयाब रहा। खिड़की का सहारा पाकर यह लड़का नीचे गिरने से बाल-बाल बच गया और दोबारा खड़ा हो गया। बताया गया है कि वह बहुत किस्मत वाला है कि ऐसी स्थिति से सुरक्षित बाहर निकल आया।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में HDFC बैंक के अधिकारी अर्पित शर्मा ने सात वर्षीय अंगदवीर नाम के एक बच्चे को कार में बैठाकर ले जाने के बाद उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया। आरोपी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था और बच्चा उनके प्रेम संबंध में बाधा बन रहा था। इस मामले में आरोपी अर्पित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, और नहर में बच्चे की तलाश जारी है।1
- प्रयागराज में एक सड़क हादसे में सड़क पार कर रहे एक युवक को एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई, जिसके परिणामस्वरूप युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद, कार चालक मौके से अपनी गाड़ी लेकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वह वहाँ से बच निकलने में सफल रहा। घायल युवक को उपचार के लिए एसआरएन में भर्ती कराया गया है।1