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गांव में बच्चों द्वारा कटहल तोड़कर खाने का एक वीडियो सामने आया है, जो बचपन की यादों को ताजा कर रहा है। इस वीडियो में गांव के बच्चे पेड़ से कटहल तोड़ते और उसे खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बचपन के इन मासूम पलों को देखकर लोग अपनी पुरानी यादें ताजा कर रहे हैं।
Vijay kumar
गांव में बच्चों द्वारा कटहल तोड़कर खाने का एक वीडियो सामने आया है, जो बचपन की यादों को ताजा कर रहा है। इस वीडियो में गांव के बच्चे पेड़ से कटहल तोड़ते और उसे खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बचपन के इन मासूम पलों को देखकर लोग अपनी पुरानी यादें ताजा कर रहे हैं।
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- जय भीम और जय संविधान का उद्घोष करते हुए कहा गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का विरोध करने का परिणाम मिल गया है। इस दौरान मधु का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।1
- अररिया जिले के नरपतगंज स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) सह कुन-कुन देवी उच्च विद्यालय, फुलकाहा के प्रधानाध्यापक पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वित्तीय अनियमितता तथा सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विद्यालय में संचालित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वास्तविक पौधारोपण करने के बजाय केवल झाड़ियों और छोटे पौधों के साथ फोटो खिंचवाकर विभागीय पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड कर दी गई। इसकी भनक मिलने पर नवाबगंज के पूर्व मुखिया अरविंद कुमार यादव और जिला परिषद क्षेत्र संख्या-1 के प्रतिनिधि ब्रह्मदेव यादव ने ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने मौके की स्थिति दिखाकर आरोप लगाया कि अभियान में महज औपचारिकता निभाई गई है। इसके अलावा यूथ एंड इको क्लब योजना के तहत विभाग से मिले लगभग ₹25,000 के उपयोग पर भी धांधली के आरोप लगे हैं। यह राशि छात्रों की ड्रेस, फलदार व छायादार पौधों के रोपण और अन्य कार्यों के लिए निर्धारित थी, लेकिन फंड खर्च होने के बावजूद धरातल पर काम दिखाई नहीं दे रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ विद्यालय कर्मियों ने भी विकास मद की राशि में अनियमितता की आशंका जताई है। जिला परिषद प्रतिनिधि ब्रह्मदेव यादव ने विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों को असंतोषजनक बताते हुए मामले की लिखित शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी से करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। बुधवार दोपहर 2:00 बजे ही विद्यालय छोड़कर चले जाने के कारण समाचार प्रकाशित होने तक प्रधानाध्यापक का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था।4
- अररिया में सोनम वांगचुक के समर्थन और पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं और छात्रों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। शहर की सड़कों पर हजारों छात्र-छात्राएं उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस पैदल मार्च में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आंदोलन का माहौल बन गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
- अररिया में सोनम वांगचुक के समर्थन और पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं और छात्रों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। शहर की सड़कों पर उतरकर हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध जताया। छात्र नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आंदोलन का माहौल देखने को मिला।1
- सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा गया है कि विवाद और दोषारोपण के डर से अब आगे कुछ भी नहीं बोला जाएगा। पोस्ट में सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इसमें किसका दोष है—आम जनता का या फिर किसी और का? इसके साथ ही लोगों से कमेंट के ज़रिए अपनी राय देने का आग्रह किया गया है। अंत में, यदि जाने-अनजाने में कुछ गलत बोला या किया गया हो, तो उसके लिए लोगों से क्षमा मांगते हुए 'सॉरी' भी कहा गया है।1
- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर आयोजित एकदिवसीय ओपीडी बहिष्कार के कारण अररिया के नरपतगंज स्थित नवाबगंज अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल के चलते सुबह से विभिन्न गांवों से पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को बिना इलाज ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कई मरीजों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ा और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। यह देशव्यापी व राज्यस्तरीय प्रदर्शन अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई कथित अभद्रता की घटना के विरोध में 22 जुलाई को आयोजित किया गया था। हड़ताल के बावजूद अस्पताल में आपातकालीन और जीवनरक्षक सेवाएं पूर्ववत चालू रहीं। नरपतगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने पुष्टि की कि संघ के आह्वान पर केवल ओपीडी सेवाएं एक दिन के लिए बंद की गई थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थिति सामान्य कर नियमित सेवाएं बहाल करने की मांग की है।1
- अररिया के वार्ड नंबर 6 और हरवा पट्टी में डीजे के चक्के जैसा साउंड बॉक्स देखने को मिला है। इस पूरी घटना और स्थिति को सामने लाने तथा प्रमुखता से दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- Delhi ka jantar mantar Patna ka jantar mantar Bihar1
- पटना में हुए लाठीचार्ज मामले को लेकर विपक्ष के विधायक बिहार विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। लाठीचार्ज की इस घटना के विरोध में विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना शुरू कर दिया है।1