जनसुनवाई के समय कलेक्टर जनता से बात करना चाहते हैं, लेकिन आज जब हम यहां सीहोर जिले और प्रदेश के किसानों की बात करने आए हैं, तो उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही है। जनसुनवाई के समय कलेक्टर जनता से बात करना चाहते हैं, लेकिन आज जब हम यहां सीहोर जिले और प्रदेश के किसानों की बात करने आए हैं, तो उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही है। पूरे प्रदेश में फसल कटे एक महीना हो चुका है। छोटे किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल बेच दी, क्योंकि सरकार ने समय पर खरीदी शुरू नहीं की। आज जो खरीदी शुरू हुई है, वह भी कांग्रेस के दबाव में हुई है। मैं कहना चाहता हूं कि ₹400 प्रति क्विंटल का जो लाभ किसानों को मिलना था, उसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। यह पैसा किसानों के खातों में जाने के बजाय एजेंटों और बिचौलियों के खातों में जा रहा है। आखिर ये लोग कौन हैं? क्या किसानों को वास्तव में भावांतर योजना का लाभ मिलेगा? हम यह भी जानना चाहते हैं कि क्या सरकार प्रदेश के हर किसान का एक-एक दाना खरीदेगी? मुख्यमंत्री चुप हैं, सरकार चुप है, कलेक्टर गायब हैं यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। कलेक्टर जनता के लिए होते हैं, तो उन्हें जनता की बात सुननी ही पड़ेगी। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, हम अपनी आवाज़ उठाते रहेंगै
जनसुनवाई के समय कलेक्टर जनता से बात करना चाहते हैं, लेकिन आज जब हम यहां सीहोर जिले और प्रदेश के किसानों की बात करने आए हैं, तो उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही है। जनसुनवाई के समय कलेक्टर जनता से बात करना चाहते हैं, लेकिन आज जब हम यहां सीहोर जिले और प्रदेश के किसानों की बात करने आए हैं, तो उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही है। पूरे प्रदेश में फसल कटे एक महीना हो चुका है। छोटे किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल बेच दी, क्योंकि सरकार ने समय पर खरीदी शुरू नहीं की। आज जो खरीदी शुरू हुई है, वह भी कांग्रेस के दबाव में हुई है। मैं कहना चाहता हूं कि ₹400 प्रति क्विंटल का जो लाभ किसानों को मिलना था, उसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। यह पैसा किसानों के खातों में जाने के बजाय एजेंटों और बिचौलियों के खातों में जा रहा है। आखिर ये लोग कौन हैं? क्या किसानों को वास्तव में भावांतर योजना का लाभ मिलेगा? हम यह भी जानना चाहते हैं कि क्या सरकार प्रदेश के हर किसान का एक-एक दाना खरीदेगी? मुख्यमंत्री चुप हैं, सरकार चुप है, कलेक्टर गायब हैं यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। कलेक्टर जनता के लिए होते हैं, तो उन्हें जनता की बात सुननी ही पड़ेगी। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, हम अपनी आवाज़ उठाते रहेंगै
- सीहोर में किसान आंदोलन में चार घंटे से इंतजार कर रहे नेता प्रतिपक्ष से मिलने कलेक्टर नहीं आए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कुत्ते को सीहोर कलेक्टर बनाकर ज्ञापन दिया, और कलेक्टर बनाए कुत्ते के कान में कुछ मंत्र भी फूंका...सीहोर के किसान आंदोलन में चार घंटे से सीहोर कलेक्टर का इंतजार कर रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के सब्र का बांध टूटा,ADM पर बिफरे, सबके सामने लगाई फटकार2
- सीहोर में किसान आंदोलन में चार घंटे से इंतजार कर रहे नेता प्रतिपक्ष से मिलने कलेक्टर नहीं आए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कुत्ते को सीहोर कलेक्टर बनाकर ज्ञापन दिया, और कलेक्टर बनाए कुत्ते के कान में कुछ मंत्र भी फूंका...सीहोर के किसान आंदोलन में चार घंटे से सीहोर कलेक्टर का इंतजार कर रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के सब्र का बांध टूटा,ADM पर बिफरे, सबके सामने लगाई फटकार2
- किसानों की समस्या को लेकर चार घंटे तक उमर सिंघार नेता प्रतिपक्ष ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर का इंतजार किया। कलेक्टर नहीं आए तो कुत्ते को ज्ञापन दिया।1
- Post by Sajid Pathan1
- Post by Jitendra Patidar2
- कलेक्टर के नाम तहसीलदार को भारतीय किसान संघ ने मांगों का ज्ञापन सोपा कन्नौद/ किसान संघ ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को मांगों का ज्ञापन गुरुवार दोपहर 3 बजे सोपा कुसमानिया सेवा सहकारी सेवा की खरीदी मुख्यालय पर नहीं करते हुए जंजालखेड़ी वेयर हाउस पर की जा रही है जिसके चलते किसानों को अपनी गेंहू की फसल बेचने 15 से 20 किलोमीटर दूर कन्नौद के पास जंजालखेड़ी जाना पड़ रहा है। गत वर्ष भी यहाँ के केंद्र की खरीदी जंजालखेड़ी वेयर हाउस पर की गई थी। जिसमें क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने 15-20 किमी दूर जाना पड़ा। जिसमे क्षेत्र के किसानों का धन और समय दोनों बर्बाद हो रहा है। यहाँ केंद्र पर करीब 500 किसानों का गैहू विक्रय हेतु पंजीयन हुआ है। जिसमे कुसमानिया, किटिया, देवसिरालिया, सिया, खुर्दलीखेड़ा, भिलाई, मोहाई, कौलारी, नांदोन, डाबरी, बड़ाखेत आदि गावो के किसानों को गेंहू तुलवाने जाना पड़ेगा। जबकि दो वर्ष पूर्व कुसमानिया के वेयर हाउस पर गैहू की खरीदी हो चुकी है लेकिन 2 वर्षों से यहां के किसान वेयरहाउस होने के वावजूद यहाँ-वहाँ भटकने को तैयार है। किसानों को अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा खर्च करके जंजालखेड़ी जाना पड़ रहा है। यदि किसान का स्वयं का ट्रेक्टर हो तो भी 1 हजार से अधिक का डीजल खर्च है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों के पास ट्रेक्टर नहीं है। उन्हें ट्रेक्टर का भाड़ा 2500 से 3000 रुपये देने होंगे। यदि किसी कारण से ट्राली एक दिन में नहीं तुली तो दूसरे दिन का भी भाड़ा देना होता है। छोटे या गरीब किसान कन्नौद बैलगाड़ी में अपनी उपज नहीं लेकर जा सकते क्योंकि दुरी अधिक है। यदि कुसमानिया में खरीदी केंद्र चालू कर दिया जाए तो बैलगाड़ी से भी किसान अपनी थोड़ी बहुत उपज लेकर जा सकते हैं। वर्तमान में छोटे किसानों के स्लाट बुक हो रहे है। 10 से 15 क्विंटल तक गेंहूं तुलेंगे। अब किसान खरीदी केंद्र तक जाने में किराया-भाड़े से महंगे पड़ रहे है। क्षेत्र के सैकडो किसानों की समस्या का जल्द निराकरण 2 से 3 दिन मे करने का कष्ट करे नहीं तो किसानो को मजबूरन धरना प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा जिसकी समस्त जिम्मेदार शासन प्रशासन की रहेगी इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई ओमप्रकाश परमार मुकेश जाट संतोष परमार ओम परमार महेश परमार उमेश पंडित सहित बड़ी संख्या मे किसान उपस्थित थे1
- सीहोर जिला मुख्यालय पर कांग्रेस ने आज (गुरुवार) किसान आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट घेराव किया। इस आंदोलन में मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार भी शामिल हुए। कलेक्टर से मुलाकात न होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। इधर, ढाई घंटे इंतजार के बाद भी कलेक्टर मिलने नहीं आए तो उमंग सिंघार नाराज हो गए। उन्होंने एक कुत्ते को कलेक्टर लिखी तख्ती गले में पहनाई और उसे कलेक्टर कहते हुए ज्ञापन सौंपा। इससे पहले वे वहां मौजूद अधिकारी पर भड़कते हुए भी दिखाई दिए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने बताया कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ यह आंदोलन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि अब किसानों को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। कहा- बैंकों की वसूली से किसान परेशान गुजराती ने किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी, बिजली विभाग और बैंकों द्वारा सख्त वसूली जैसी समस्याओं से किसान परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ किसान की फसल नहीं बिक रही, दूसरी तरफ बिल भरने का दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस की प्रमुख मांग है कि गेहूं खरीदी तुरंत शुरू की जाए। MSP पर खरीदी सुनिश्चित की जाए किसानों को समय पर भुगतान मिले, मंडी में बिक गए गेहू पर भावांतर का लाभदिया जाए खरीदी केंद्रों पर उचित व्यवस्था हो, बिजली बिल में राहत दी जाए। प्रदेश सरकार ने सहकारी संस्थाओं से किसानों का ऋण वसूलने की अंतिम तारीख 31 मार्च निर्धारित की थी कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण लगभग 50 फीसदी किसान डिफाल्टर हो गए हैं वसूली की तारीख बढ़ाई जाए। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना की विशेष रिपोर्ट2
- 📌पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक सीहोर श्री दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस बैंड भर्ती-2026 के प्रति युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज शहर के कोतवाली चौराहा पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 📌7वीं वाहिनी भोपाल के बैंड ने बिखेरा जादू 📌इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 7वीं वाहिनी भोपाल के विशेष पुलिस बैंड दल की प्रस्तुति रही। बैंड की ओजस्वी धुनों और जवानों के सटीक अनुशासन ने वहां मौजूद राहगीरों और युवाओं का मन मोह लिया। संगीत के माध्यम से टीम ने यह संदेश दिया कि पुलिस विभाग में कला और कैरियर का एक शानदार संगम संभव है । 📌भर्ती प्रक्रिया की दी विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने युवाओं को पुलिस बैंड में शामिल होने के लिए: 📌आवश्यक योग्यता और मापदंडों की जानकारी दी । 📌भर्ती प्रक्रिया और आवेदन के तरीकों को समझाया । 📌पुलिस सेवा के साथ-साथ संगीत के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला । 📌कोतवाली चौराहे पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने इस प्रदर्शन को देखा ओर अपनी रुचि दिखाई । 📌पुलिस विभाग की ओर से युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया गया कि पुलिस बैंड का हिस्सा बनना न केवल रोजगार का साधन है, बल्कि यह देश सेवा का एक अवसर भी है । 📌सीहोर पुलिस ने अपील की है कि जिले के प्रतिभाशाली और इच्छुक युवा इस भर्ती प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और पुलिस विभाग के परिवार का हिस्सा बनें । 📌इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सुनीता रावत,डॉ अभिनंदना शर्मा नगर पुलिस अधीक्षक सीहोर,रक्षित निरीक्षक सीहोर श्री उपेंद्र यादव एवं सूबेदार प्राची राजपूत सहित 7वी वाहिनी भोपाल का पुलिस बैंड दल उपस्थित रहा ।2