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मुजफ्फरनगर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कॉलेज प्रबंधक गिरफ्तार, साजिश में शामिल होने का आरोप मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में किशोरी के अपहरण और उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सम्राट उर्फ इरशाद अली खान को मामले में साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पुलिस डॉक्टर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी का 17 अगस्त को अपहरण किया गया था। घर लौटने के बाद उसने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। मामले में 18 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉलेज प्रबंधक पर क्या आरोप है? पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कॉलेज प्रबंधक की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि किशोरी को कॉलेज में रखे जाने और उसके साथ हुई घटना के संबंध में प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी की जा सकती है। मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर 'पावर की पुड़िया' बांटने का आरोप मामले की जांच के दौरान आरोपी डॉ. सम्राट की अन्य गतिविधियां भी जांच के दायरे में आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह लंबे समय से सेक्सोलॉजिस्ट के रूप में मरीजों को कथित तौर पर 'पावर की पुड़िया' बांटता था। उसके क्लीनिक पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड से भी लोग आने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक के पंजीकरण और संचालन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी शुरू की जांच सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया के अनुसार, कार्यालय के रिकॉर्ड में क्लीनिक का पंजीकरण नहीं मिला है और मामले की जांच कराई जा रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. इस्म पाल ने बताया कि पांच दिन पहले बीएएमएस चिकित्सक डॉ. मोहम्मद आदिल के मिमलाना रोड स्थित अल्फा क्लिनिक का पंजीकरण आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के कारण निलंबित कर निरस्तीकरण की संस्तुति शासन को भेजी गई थी। अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस की कार्रवाई में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई है। इनमें मिमलाना रोड निवासी डॉक्टर आदिल, कंपाउंडर नाजिम, कॉलेज का चौकीदार नदीम, कामरान और कॉलेज प्रबंधक डॉ. सम्राट उर्फ इरशाद अली खान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आरोपों की पुष्टि के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

1 hr ago
user_Amit Kumar
Amit Kumar
Local News Reporter नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago
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मुजफ्फरनगर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कॉलेज प्रबंधक गिरफ्तार, साजिश में शामिल होने का आरोप मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में किशोरी के अपहरण और उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सम्राट उर्फ इरशाद अली खान को मामले में साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पुलिस डॉक्टर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी का 17 अगस्त को अपहरण किया गया था। घर लौटने के बाद उसने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। मामले में 18 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉलेज प्रबंधक पर क्या आरोप है? पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कॉलेज प्रबंधक की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि किशोरी को कॉलेज में रखे जाने और उसके साथ हुई घटना के संबंध में प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी की जा सकती है। मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर 'पावर की पुड़िया' बांटने का आरोप मामले की जांच के दौरान आरोपी डॉ. सम्राट की अन्य गतिविधियां भी जांच के दायरे में आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह लंबे समय से सेक्सोलॉजिस्ट के रूप में मरीजों को कथित तौर पर 'पावर की पुड़िया' बांटता था। उसके क्लीनिक पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड से भी लोग आने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक के पंजीकरण और संचालन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी शुरू की जांच सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया के अनुसार, कार्यालय के रिकॉर्ड में क्लीनिक का पंजीकरण नहीं मिला है और मामले की जांच कराई जा रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. इस्म पाल ने बताया कि पांच दिन पहले बीएएमएस चिकित्सक डॉ. मोहम्मद आदिल के मिमलाना रोड स्थित अल्फा क्लिनिक का पंजीकरण आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के कारण निलंबित कर निरस्तीकरण की संस्तुति शासन को भेजी गई थी। अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस की कार्रवाई में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई है। इनमें मिमलाना रोड निवासी डॉक्टर आदिल, कंपाउंडर नाजिम, कॉलेज का चौकीदार नदीम, कामरान और कॉलेज प्रबंधक डॉ. सम्राट उर्फ इरशाद अली खान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आरोपों की पुष्टि के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

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  • बिजनौर महात्मा विदुर मेडिकल कालेज जिला अस्पताल के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा वेतन। नाराज कर्मियों ने दिया धरना। मेडिकल कालेज प्रशासन समझाने का कर रहा प्रयास। आउट सोर्सिंग कम्पनी कर रही कर्मचारियों का शोषण। कर्मियों ने लगाई सीएम से वेतन दिलाने की गुहार।
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    बिजनौर महात्मा विदुर मेडिकल कालेज  जिला अस्पताल के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा वेतन। नाराज कर्मियों ने दिया धरना। मेडिकल कालेज प्रशासन समझाने का कर रहा प्रयास। आउट सोर्सिंग कम्पनी कर रही कर्मचारियों का शोषण। कर्मियों ने लगाई सीएम से वेतन दिलाने की गुहार।
    user_HNNK News Sabir
    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नजीबाबाद के ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला ग्रामवासियों के जागने पर घायल अवस्था में छोड़ भागा ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाएं सवालग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा। ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
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    नजीबाबाद के ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला ग्रामवासियों के जागने पर घायल अवस्था में छोड़ भागा ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाएं सवालग्राम समीपुर में गुलदार ने  बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा 
नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में
26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक  मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को  भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर  सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला  बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व  राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है।
इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
ग्राम समीपुर में गुलदार ने  बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा 
नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में
26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक  मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को  भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर  सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला  बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व  राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है।
इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।
    user_Raj Sharma
    Raj Sharma
    Software Developer नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु प्राथमिक विद्यालय में पानी का तांडव नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु पंचायत घर के पास स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय स्थानीय तल से नीचे होने पर स्कूल में पानी भर गया है और स्थिति बहुत भयावह हो चुकी है जिससे बालक बालिकाओं को पढ़ाई में भी कष्ट हो रहा है। आस पास के मकानों की नींव में भी पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है और इस कारण से किसी भी अनहोनी के घटने की निरंतर आशंका है।
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    नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु प्राथमिक विद्यालय में पानी का तांडव
नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु पंचायत घर के पास स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय स्थानीय तल से नीचे होने पर स्कूल में पानी भर गया है और स्थिति बहुत भयावह हो चुकी है जिससे बालक बालिकाओं को पढ़ाई में भी कष्ट हो रहा है। आस पास के मकानों की नींव में भी पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है और इस कारण से किसी भी अनहोनी के घटने की निरंतर आशंका है।
    user_Gaurav Verma
    Gaurav Verma
    Local News Reporter नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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    user_Shahzad Malik
    Shahzad Malik
    बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है। लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
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    लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद
लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों?
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें।
उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए।
“बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद
लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों?
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें।
उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए।
“बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
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    Photographer लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • बिजनौर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी: मंडाइयो से शिफ्ट किया पिंजरा,अगवानपुर में 3 दिन बाद फंसा गुलदार,देखने को उमड़ी हजारों की भीड़ अफजलगढ़, बिजनौर।* विकास खंड अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर में पिछले 15-20 दिनों से गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। वन विभाग की सूझबूझ और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़े गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है। ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर के अगवानपुर मे पिछले काफी दिनों से 4 गुलदारों के देखे जाने की खबर आ रही थी। ग्रामीणों के अनुसार इसमें 2 बड़े नर-मादा गुलदार और उनके 2 शावक (बच्चे) शामिल हैं। शाम होते ही गुलदार आबादी और खेतों के किनारे आ जाते थे, जिससे किसानों का खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार कुत्तों और पशुओं पर हमले की भी सूचना मिली थी। इसकी लगातार शिकायत हम लोगों द्वारा वन विभाग को की जा रही थी। पहले मंडाइयो में लगा था पिंजरा जानकारी देते हुए ग्रामीण रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग के दरोगा सत्यवीर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पहले रणनीति के तहत ग्राम खुशहालपुर की मंडाइयो के जंगल किनारे पिंजरा लगाया गया था। करीब 10-12 दिन तक पिंजरा वहीं लगा रहा,लेकिन गुलदार बहुत चालाक निकला और उस एरिया में आना-जाना बंद कर दिया। ग्रामीण रोहित कुमार,चरनजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह और गौतम सिंह ने दरोगा जी से बात करके पिंजरे की जगह बदलने को कहा। वन विभाग ने पिंजरे को मंडाइयो से हटाकर अगवानपुर में शिफ्ट कर दिया।अगवानपुर में पिछले 2-3 दिन से लगातार निगरानी की जा रही थी और पिंजरे में कुत्ते को चारे के रूप में रखा गया था। आखिरकार मंगलवार देर शाम एक बड़ा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। वीडियो बनाने और देखने को उमड़ी भीड़,लगा जाम गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को ले जाते समय हजारों की भीड़ जमा हो गई।सिर्फ अगवानपुर ही नहीं, बल्कि खुशहालपुर, मंडाइयो,रसूलपुर कादराबाद,और आसपास के दर्जनों गांवों से लोग* बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर देखने पहुंच गए। आलम यह था कि गुलदार को ले जाते समय मुख्य रोड पर लंबा जाम लग गया। हर कोई अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था और फोटो खींच रहा था। मौके पर रोहित कुमार,चरणजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह,गौतम सिंह सहित ग्राम पंचायत के आधे से ज्यादा सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।अभी भी 3 गुलदार बाकी है, दहशत बरकरार है ग्रामीणों ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार तो एक ही है,जबकि उसी स्थान पर अभी 3 गुलदार और घूम रहे हैं। इसलिए पूरी तरह से डर खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाकी बचे गुलदारों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में जा सकें। फिलहाल वन विभाग की टीम पकड़े गए गुलदार को अपने साथ ले गई है और उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।रोहित कुमार गौतम सिंह ओमप्रकाश सिंह चरंजीत सिंह जसवंत सिंह व ग्रामवासियों ने इस कामयाबी के लिए वन दरोगा सत्यवीर जी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
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    बिजनौर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी: मंडाइयो से शिफ्ट किया पिंजरा,अगवानपुर में 3 दिन बाद फंसा गुलदार,देखने को उमड़ी हजारों की भीड़
अफजलगढ़, बिजनौर।* विकास खंड अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर में पिछले 15-20 दिनों से गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। वन विभाग की सूझबूझ और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़े गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है।
ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर के अगवानपुर मे पिछले काफी दिनों से 4 गुलदारों के देखे जाने की खबर आ रही थी। ग्रामीणों के अनुसार इसमें 2 बड़े नर-मादा गुलदार और उनके 2 शावक (बच्चे) शामिल हैं। शाम होते ही गुलदार आबादी और खेतों के किनारे आ जाते थे, जिससे किसानों का खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार कुत्तों और पशुओं पर हमले की भी सूचना मिली थी।
इसकी लगातार शिकायत हम लोगों द्वारा वन विभाग को की जा रही थी।
पहले मंडाइयो में लगा था पिंजरा
जानकारी देते हुए ग्रामीण रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग के दरोगा सत्यवीर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पहले रणनीति के तहत ग्राम  खुशहालपुर की मंडाइयो के जंगल किनारे पिंजरा लगाया गया था। करीब 10-12 दिन तक पिंजरा वहीं लगा रहा,लेकिन गुलदार बहुत चालाक निकला और उस एरिया में आना-जाना बंद कर दिया।
ग्रामीण रोहित कुमार,चरनजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह और गौतम सिंह ने दरोगा जी से बात करके पिंजरे की जगह बदलने को कहा।
वन विभाग ने पिंजरे को मंडाइयो से हटाकर अगवानपुर में शिफ्ट कर दिया।अगवानपुर में पिछले 2-3 दिन से लगातार निगरानी की जा रही थी और पिंजरे में कुत्ते को चारे के रूप में रखा गया था। आखिरकार मंगलवार देर शाम एक बड़ा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।
गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई।
वीडियो बनाने और देखने को उमड़ी भीड़,लगा जाम
गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को ले जाते समय हजारों की भीड़ जमा हो गई।सिर्फ अगवानपुर ही नहीं, बल्कि खुशहालपुर, मंडाइयो,रसूलपुर कादराबाद,और आसपास के दर्जनों गांवों से लोग* बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर देखने पहुंच गए। आलम यह था कि गुलदार को ले जाते समय मुख्य रोड पर लंबा जाम लग गया। हर कोई अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था और फोटो खींच रहा था।
मौके पर रोहित कुमार,चरणजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह,गौतम सिंह सहित ग्राम पंचायत के आधे से ज्यादा सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।अभी भी 3 गुलदार बाकी है, दहशत बरकरार है 
ग्रामीणों ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार तो एक ही है,जबकि उसी स्थान पर अभी 3 गुलदार और घूम रहे हैं। इसलिए पूरी तरह से डर खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाकी बचे गुलदारों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में जा सकें।
फिलहाल वन विभाग की टीम पकड़े गए गुलदार को अपने साथ ले गई है और उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।रोहित कुमार गौतम सिंह ओमप्रकाश सिंह चरंजीत सिंह जसवंत सिंह व ग्रामवासियों ने इस कामयाबी के लिए वन दरोगा सत्यवीर जी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
    user_Rohit kumar
    Rohit kumar
    Voice of people धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बहनों की नाराजगी हुई दूर! उपहार लेकर मोहम्मदपुर पहुंचे राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि | लक्सर लक्सर के जमदनी पब्लिक स्कूल में आयोजित रक्षा सूत्र कार्यक्रम के दौरान कुछ बहनें उपहार से वंचित रह गई थीं। इसके बाद बहनों में नाराजगी देखने को मिली। मामले की जानकारी मिलने पर दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि खुद उपहार लेकर मोहम्मदपुर गांव पहुंचे। राज्यमंत्री ने बहनों से मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बहनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। वहीं कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में फैल रही अफवाहों पर राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र कार्यक्रम की सफलता से विरोधी बौखलाए हुए हैं। रिपोर्टर – सचिन कुमार लोकेशन – लक्सर, उत्तराखंड श्रद्धा टीवी | सच्ची खबर, साफ आवाज़ #Laksar #Mohammadpur #OmPrakashJamadagni #RakshaSutra #UttarakhandNews
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    बहनों की नाराजगी हुई दूर! उपहार लेकर मोहम्मदपुर पहुंचे राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि | लक्सर
लक्सर के जमदनी पब्लिक स्कूल में आयोजित रक्षा सूत्र कार्यक्रम के दौरान कुछ बहनें उपहार से वंचित रह गई थीं। इसके बाद बहनों में नाराजगी देखने को मिली। मामले की जानकारी मिलने पर दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि खुद उपहार लेकर मोहम्मदपुर गांव पहुंचे।
राज्यमंत्री ने बहनों से मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बहनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया।
वहीं कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में फैल रही अफवाहों पर राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र कार्यक्रम की सफलता से विरोधी बौखलाए हुए हैं।
रिपोर्टर – सचिन कुमार
लोकेशन – लक्सर, उत्तराखंड
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    user_SHRADDHA TV NETWORK
    SHRADDHA TV NETWORK
    Local News Reporter लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • बिजनौर - तेज़ रफ्तार दो लोडेड ट्रक आपस में भिड़े। भिड़ंत के बाद लगी आग सड़क पर मची अफरातफरी आग पर काबू ट्रक में सवार दो लोग झुलसे अस्पताल में भर्ती। एक ड्राइवर की हालत नाज़ुक अस्पताल में इलाज जारी। थाना धामपुर के एसडीएम कोर्ट तिराहे का मामला। दो मौत बतायी जा रही है।
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    बिजनौर - तेज़ रफ्तार दो लोडेड ट्रक आपस में भिड़े।
भिड़ंत के बाद लगी आग 
सड़क पर मची अफरातफरी आग पर काबू
ट्रक में सवार दो लोग झुलसे अस्पताल में भर्ती।
एक ड्राइवर की हालत नाज़ुक अस्पताल में इलाज जारी।
थाना धामपुर के एसडीएम कोर्ट तिराहे का मामला।

दो मौत बतायी जा रही है।
    user_HNNK News Sabir
    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
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