पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद भी खामोशी — कटनी पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद भी खामोशी — कटनी पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल कटनी | मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के पत्र दिनांक 12 मार्च 2026 के बावजूद जिले में एक गंभीर प्रशासनिक मामले पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रक्षित निरीक्षक राहुल पांडे पर बिना सक्षम अनुमति के विदेश यात्रा करने का आरोप है। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण भी लिया गया, जिसे असंतोषजनक पाया गया। इसके बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। मामले को और गंभीर बनाते हुए वर्ष 2023-24 की जांच में उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति भी प्रमाणित बताई जा रही है, लेकिन यह प्रकरण अब तक लंबित है। इसके अलावा, परिजनों के नाम पर अचल संपत्ति क्रय एवं करोड़ों की संपत्ति या रिसोर्ट से जुड़ी चर्चाओं ने भी सवालों को और गहरा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आमजन में असंतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि “क्या नियम केवल आम जनता के लिए ही लागू होते हैं? जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?” उन्होंने निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल, जनता जवाब और न्याय की अपेक्षा कर रही है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद भी खामोशी — कटनी पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद भी खामोशी — कटनी पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल कटनी | मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के पत्र दिनांक 12 मार्च 2026 के बावजूद जिले में एक गंभीर प्रशासनिक मामले पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रक्षित निरीक्षक राहुल पांडे पर बिना सक्षम अनुमति के विदेश यात्रा करने का आरोप है। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण भी लिया गया, जिसे असंतोषजनक पाया गया। इसके बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। मामले को और गंभीर बनाते हुए वर्ष 2023-24 की जांच में उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति भी प्रमाणित बताई जा रही है, लेकिन यह प्रकरण अब तक लंबित है। इसके अलावा, परिजनों के नाम पर अचल संपत्ति क्रय एवं करोड़ों की संपत्ति या रिसोर्ट से जुड़ी चर्चाओं ने भी सवालों को और गहरा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आमजन में असंतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि “क्या नियम केवल आम जनता के लिए ही लागू होते हैं? जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?” उन्होंने निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल, जनता जवाब और न्याय की अपेक्षा कर रही है।
- जबलपुर के रांझी में हुए सनसनीखेज 'क्लीरेंस एटकिंस' हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। 15 एकड़ जमीन के विवाद ने एक मासूम बच्चे के पिता की जान ले ली। दो शूटर गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मास्टरमाइंड बाप-बेटे की तलाश जारी है।1
- घने जंगल के झरने,नाले की झरने से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण जल पन्ना जिले की ग्राम पंचायत गहरा इन दिनों भीषण जलसंकट से जूझ रही है।इस पंचायत की आदिवासी बस्तियों में हालात बेहद खराब हैं।पनारी के ग्रामीण तो घने जंगल के बीच झरने से पानी लाकर काम चला रहे हैं।जहां बाघ,तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है।इस प्रकार इमलोनिया,सेमरिया और कढ़कुलहा बस्तियों के हैंडपंप सूख चुके हैं।और बोरवेल भी जवाब दे रहे हैं।ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की है। पन्ना जिले की ग्राम पंचायत गहरा के अंतर्गत आने वाले आदिवासी गांव इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। पनारी,इमलोनिया,सेमरिया और कढ़कुलहा बस्ती में पानी की समस्या वर्षों से चली आ रही है।लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। पनारी गांव के ग्रामीण बताते हैं कि गांव में केवल दो हैंडपंप हैं।लेकिन गर्मी बढ़ते ही जलस्तर नीचे चला जाता है और हैंडपंप पानी की जगह हवा देने लगते हैं। कई बार सामान्य दिनों में भी ये हैंडपंप खराब पड़े रहते हैं।मजबूरी में ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच स्थित झरने से पानी लाना पड़ता है।इस रास्ते में बाघ,तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है।फिर भी महिलाएं और बच्चे जान जोखिम में डालकर पानी भरने जाते हैं।कढ़कुलहा बस्ती और गहरा गांव के हालात भी कुछ अलग नहीं हैं। यहां भी जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे यहां पूरी तरह खोखले नजर आ रहे हैं।कढ़कुल्हा बस्ती के लोग भी नाले के बीच प्राकृतिक छोटे से झरने से पानी लाकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।वहीं अब ग्रामीण शासन-प्रशासन से स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।4
- जबलपुर के भिटौनी रेलवे स्टेशन के पास खड़े डीजल लोको से चोरी करने वाले 5 आरोपियों को RPF ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 200 लीटर डीजल और एक कार जब्त की गई है।1
- Post by Rishi Rajak1
- कुम्हारी थाना क्षेत्र की घटना सड़क हादसे में दो लोगों की मौत पटेरा से अमर सेन की रीपोर्ट - बमनी के पास अनियंत्रित होकर कार पलट जाने से दो लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गई। जबकि अन्य तीन घायल बताए जा रहे है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। गुजरात पासिंग गाड़ी बताई जा रही। घटना की जानकारी मिलते ही कुम्हारी 112 डायल पहुंची। घायलो को लेकर जिला अस्पताल भेजा गया पुलिस जांच में जुटी हुई है!1
- Post by Musharraf ali1
- बरगी नगर। जबलपुर के बरगी नगर अंतर्गत पुलघाट क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ नवनिर्मित नर्मदा मंदिर के पास रह रहे पुजारी की अज्ञात हमलावर ने हत्या कर दी है।#BargiNagar #JabalpurCrime #NarmadaMandir #BreakingNews #CrimeNews #MPNews #JabalpurNews #PoliceInvestigation #SensationalNews #BargiDam #PujaariHatyakand #LawAndOrder1
- Post by Rishi Rajak1
- गौमाता के प्रति करूणा भाव, दया भाव रखते हुए सेवा करेंगे तो निश्चित ही उसका प्रतिफल प्राप्त होगा-कलेक्टर श्री यादव दमोह गौ-वंश संरक्षण एवं गौशाला व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा जिले के समस्त गौशाला संचालकों, पशु चिकित्सा विभाग एवं जनपद पंचायत अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौशालाओं में बेहतर भोजन, स्वच्छ पेयजल, नियमित देखभाल एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एक समान कार्ययोजना लागू कर समय-निर्धारित रूप से चारा-पानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।1