मुगमा एरिया अंतर्गत खुदिया कोलियरी में आज जनता मजदूर संघ के बैनर तले विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मजदूरों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और कोलियरी का उत्पादन पूरी तरह ठप कर दिया। आंदोलनरत मजदूरों ने ईसीएल प्रबंधन पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। मजदूरों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मजदूरों ने बताया कि कोलियरी में पूरे कार्य का दायित्व केवल एक ही हाजिरी बाबू के भरोसे चल रहा है, जिससे कार्य संचालन प्रभावित हो रहा है। भूमिगत (इंकलाइन) खदान में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण मजदूरों को काम के दौरान सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। आंदोलनकारी मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कर्मचारी पिछले पांच वर्षों से लगातार कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो पदोन्नति मिली है और न ही पदनाम दिया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। मजदूरों ने कोलियरी के आवासों की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान क्वार्टरों की छत से पानी टपकता है तथा बिजली के पोल और तार भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया कि पिछले लगभग छह महीनों से ईसीएल प्रबंधन एवं लखीमाता ग्रुप के अभिकर्ता की कथित मिलीभगत से भूमिगत (UG) में कार्यरत दर्जनों लोडर मजदूरों को सतह (Surface) पर कार्य करने के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। मजदूरों का कहना है कि इस निर्णय से कार्य व्यवस्था प्रभावित हुई है और कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया है। यूनियन ने मांग की कि जिन मजदूरों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाया गया है, उन्हें पुनः उनके पूर्व पद एवं कार्यस्थल पर बहाल किया जाए। मजदूरों ने बताया कि इन सभी समस्याओं को लेकर करीब तीन महीने पूर्व ईसीएल प्रबंधन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सार्थक पहल नहीं की गई। प्रबंधन की इसी उदासीनता के विरोध में आज मजदूरों ने उत्पादन ठप कर आंदोलन शुरू किया। जनता मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी जायज़ मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन की होगी।
मुगमा एरिया अंतर्गत खुदिया कोलियरी में आज जनता मजदूर संघ के बैनर तले विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मजदूरों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और कोलियरी का उत्पादन पूरी तरह ठप कर दिया। आंदोलनरत मजदूरों ने ईसीएल प्रबंधन पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। मजदूरों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद कोई
ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मजदूरों ने बताया कि कोलियरी में पूरे कार्य का दायित्व केवल एक ही हाजिरी बाबू के भरोसे चल रहा है, जिससे कार्य संचालन प्रभावित हो रहा है। भूमिगत (इंकलाइन) खदान में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण मजदूरों को काम के दौरान सांस लेने
में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। आंदोलनकारी मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कर्मचारी पिछले पांच वर्षों से लगातार कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो पदोन्नति मिली है और न ही पदनाम दिया गया है। इससे
कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। मजदूरों ने कोलियरी के आवासों की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान क्वार्टरों की छत से पानी टपकता है तथा बिजली के पोल और तार भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एक गंभीर आरोप यह भी लगाया
गया कि पिछले लगभग छह महीनों से ईसीएल प्रबंधन एवं लखीमाता ग्रुप के अभिकर्ता की कथित मिलीभगत से भूमिगत (UG) में कार्यरत दर्जनों लोडर मजदूरों को सतह (Surface) पर कार्य करने के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। मजदूरों का कहना है कि इस निर्णय से कार्य व्यवस्था प्रभावित हुई है और कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया
है। यूनियन ने मांग की कि जिन मजदूरों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाया गया है, उन्हें पुनः उनके पूर्व पद एवं कार्यस्थल पर बहाल किया जाए। मजदूरों ने बताया कि इन सभी समस्याओं को लेकर करीब तीन महीने पूर्व ईसीएल प्रबंधन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सार्थक पहल नहीं की
गई। प्रबंधन की इसी उदासीनता के विरोध में आज मजदूरों ने उत्पादन ठप कर आंदोलन शुरू किया। जनता मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी जायज़ मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन की होगी।
- मद्रास उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में झारखंड के देवघर में हुई भगदड़ की घटना के पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के आदेश को रद्द कर दिया है। यह आदेश राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी नौकरियों के आवंटन के मानदंडों को प्रभावित करता है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि सरकारी नौकरियों का आवंटन इस तरह की घटनाओं के पीड़ितों के परिजनों को स्वत: नहीं दिया जा सकता। इस आदेश से उन परिवारों को झटका लगा है जो इस दुर्घटना के बाद सरकारी सहायता की उम्मीद कर रहे थे।1
- झारखंड के दुमका जिले के रानेश्वर में स्थित अंबागवाणी को आम जनता के योगदान से बनाया गया है। इस परियोजना में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने रुपये टेक के द्वारा इस वाणी को साकार किया। यह पहल न केवल रानेश्वर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि यह सामुदायिक सहयोग और एकजुटता की मिसाल भी पेश करती है।1
- झारखंड के बोकारो में गौ सम्मान की मांग को लेकर एक रैली निकाली गई। इस रैली में शामिल गौ भक्तों ने बताया कि वे लगभग पांच लाख हस्ताक्षर एकत्र कर चुके हैं और इन हस्ताक्षरों को युक्त उपायुक्त को सौंपेंगे। रैली का मुख्य उद्देश्य गौ सम्मान की मांग को बल देना है। इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने गौ सम्मान के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के सरिया में झामुमो नेता त्रिभुवन मंडल के नेतृत्व में सरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर चल रहा 48 घंटे का आमरण अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित नारायण तिवारी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। संघर्ष समिति ने कहा कि वर्ष 2014 से सरिया को जिला बनाने की मांग शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। समिति ने स्पष्ट किया कि आश्वासनों के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। अनशन के दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने धरना स्थल पहुंचकर विधानसभा में सरिया को जिला बनाने का मुद्दा उठाने का भरोसा दिया। वहीं, बीडीओ ने आंदोलनकारियों का ज्ञापन सरकार तक पहुंचाने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर राजू मंडल, अशोक मंडल, काजिम अंसारी, कृष्ण मुरारी पांडेय, जगदीश टुडू, राजेश मंडल सहित संघर्ष समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- धनबाद के कतरास के छाताबाद पुल के पास असामाजिक तत्वों ने झमाडा की सप्लाई पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के कारण हजारों गैलन पानी सड़क पर बह गया और बर्बाद हो गया। इस क्षति के कारण स्थानीय लोगों को पानी की आपूर्ति में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।1
- जामताड़ा के नारायणपुर बाजार में रविवार देर रात एक युवक ने शराब के नशे में BSNL टावर पर चढ़कर अफरा-तफरी मचा दी। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को नीचे उतारने के लिए घंटों की समझाइश की। आखिरकार, पुलिस की सूझबूझ और प्रयास से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस का त्वरित और कुशल प्रबंधन एक बड़े हादसे को टालने में सफल रहा।1