दौसा में मानसून की आहट के साथ ही गोपाल वाटिका क्षेत्र के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमनाथ चौराहा, रोडवेज डिपो, कलेक्ट्रेट और आरटीओ ऑफिस के पीछे से आने वाला बरसाती पानी बाईपास पुलिया के रास्ते सीधे गोपाल वाटिका और इम्पल्स कॉलेज के पीछे की कॉलोनी में जमा हो जाता है। इस गंभीर जलभराव से करीब 80 से 90 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हैं, जहां सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। पानी के जमाव के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी रविंद्र मोरेड ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी और नगरपालिका दौसा को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन की टीमें मौके पर आकर मुआयना तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समस्त निवासीगण और स्थानीय प्रतिनिधियों ने अब सांसद महोदय को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही जिला कलेक्टर से भी जलभराव की इस गंभीर परेशानी को दूर करने की गुहार लगाई है।
दौसा में मानसून की आहट के साथ ही गोपाल वाटिका क्षेत्र के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमनाथ चौराहा, रोडवेज डिपो, कलेक्ट्रेट और आरटीओ ऑफिस के पीछे से आने वाला बरसाती पानी बाईपास पुलिया के रास्ते सीधे गोपाल वाटिका और इम्पल्स कॉलेज के पीछे की कॉलोनी में जमा हो जाता है। इस गंभीर जलभराव से करीब 80 से 90 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हैं, जहां सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। पानी के जमाव के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा
मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी रविंद्र मोरेड ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी और नगरपालिका दौसा को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन की टीमें मौके पर आकर मुआयना तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समस्त निवासीगण और स्थानीय प्रतिनिधियों ने अब सांसद महोदय को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही जिला कलेक्टर से भी जलभराव की इस गंभीर परेशानी को दूर करने की गुहार लगाई है।
- अग्निकांड स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक पीड़ित महिला ने जब अपनी परेशानियाँ और शिकायतें बतानी शुरू कीं, तो न्यूज़ एजेंसी PTI के वीडियो में उसकी आवाज़ को म्यूट कर दिया गया या गायब कर दिया गया। इस घटना के बाद गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर आग की लपटों से भी ज्यादा डर जनता की आवाज़ से किसे लग रहा था। यह प्रश्न भी पूछा जा रहा है कि ऐसा क्या कहा जा रहा था जिसे जनता तक पहुँचने से रोकना इतना ज़रूरी समझा गया।1
- मिर्ज़ापुर में कोचिंग संस्थानों की जाँच करने पहुँची पुलिस-प्रशासन की टीम एक कोचिंग सेंटर की हालत देखकर हैरान रह गई। टीम को कोचिंग सेंटर तक पहुँचने के लिए टॉर्च का सहारा लेना पड़ा, जहाँ एक कमरे में कोचिंग क्लास चलाई जा रही थी। सामने आए इन दृश्यों ने यूपी के लगभग हर जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि ये संस्थान बिना किसी सुरक्षा मानक के, यहाँ तक कि अग्निशमन विभाग की मंजूरी के बिना ही, दो कमरों में कक्षाएं चला रहे हैं। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि कोचिंग संस्थान सिर्फ पैसे कमाने पर ध्यान दे रहे हैं और छात्रों की जान की सुरक्षा से उन्हें कोई मतलब नहीं है।1
- लालसोट में घाटा बालाजी मंदिर के पास खादी भंडार के समीप ढलान पर एक जुगाड़ वाहन मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से वाहन में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारु करवा दिया।1
- लालसोट में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, नगर परिषद लालसोट के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर चले जाएंगे। जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल ने बताया कि सफाई कर्मचारी भर्ती के संबंध में संघ द्वारा पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। विभिन्न तिथियों पर हुए समझौतों में वाल्मीकि समाज और परंपरागत सफाई कार्य से जुड़े लोगों को भर्ती में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, इन समझौतों का पालन नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में नगर परिषद से यूनियन कार्यालय उपलब्ध कराने, वर्ष 2018 में सफाई पदों पर नियुक्त गैर-वाल्मीकि कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजने, सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वालों को प्राथमिकता देने, पूर्व न्यायालयीन प्रकरणों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, भर्ती प्रक्रिया को यूनियन के समझौते के अनुसार लागू करने, ठेका प्रथा समाप्त कर निकाय कोष से सीधे भुगतान की व्यवस्था करने और भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित लॉटरी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी निर्धारित समयावधि के ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में, यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल के साथ मोहन नकवाल, अशोक, संजय संगत, अमर संगत, संजय नकवाल, सोनू पवार, मुरारी लाल, प्रकाश, मुकेश, सीमा देवी, हेमलता देवी, माया देवी, पूजा देवी, संजय वाल्मीकि, मुन्ना नकवाल, राम खिलाड़ी नकवाल, रामचरण पवार, सोना देवी, कलर देवी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।1
- बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।2
- तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ की सचिव भाग्यश्री मीणा ने जानकारी दी कि माननीय अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ (अलवर) के निर्देशानुसार, 22 जून 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजगढ़ मुख्यालय स्थित धमरेड़ चुण्डशद बाबा का स्थान पर चल रहे मनरेगा कार्य स्थल पर मोबाइल वैन के माध्यम से आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को विधिक रूप से जागरूक करना था। इस शिविर में पीएलवी श्री सुबेन्द्र कुमार सैनी ने उपस्थित श्रमिकों को नालसा (आपदा से पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2010 और नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2016 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित विषयों और बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने NALSA योजना के अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह पर प्रतिबंध, विवाह की कानूनी आयु, बाल विवाह के प्रतिकूल सामाजिक परिणाम, बच्चों के अधिकार और उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में भी महत्वपूर्ण विधिक जानकारी प्रदान की। शिविर के दौरान NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया।4
- अजमेर रोड पर एक चलती बस में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटों के साथ घना काला धुआँ आसमान में दूर-दूर तक फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। हालांकि, आग लगने के सही कारण और किसी के घायल होने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।1