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बुलंदशहर के खुर्जा स्थित नगर पालिका कार्यालय के बाहर एक सफाईकर्मी का परिवार जहर की शीशी लेकर बैठा हुआ देखा गया है। परिवार के सदस्यों ने इस तरह से कार्यालय के बाहर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
News 22 India
बुलंदशहर के खुर्जा स्थित नगर पालिका कार्यालय के बाहर एक सफाईकर्मी का परिवार जहर की शीशी लेकर बैठा हुआ देखा गया है। परिवार के सदस्यों ने इस तरह से कार्यालय के बाहर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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- दिल्ली के दयालपुर इलाके के नेहरू विहार स्थित डी-2 में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ 42 वर्षीय राशिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने 42 साल के राशिद को गोलियों से भून डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए हैं।1
- उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना दयालपुर क्षेत्र के मुस्तफाबाद नेहरू विहार में अंधाधुंध गोलीबारी की एक घटना सामने आई है। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- सांसद भोला सिंह ने अनूपशहर में प्रबुद्ध वर्ग के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की। इस अवसर पर सामाजिक नेताओं ने सांसद भोला सिंह का भव्य स्वागत किया।1
- पुरी में श्रीमंदिर में प्रवेश और दर्शन के अधिकार को पूर्ववत बहाल करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता पदयात्रा को आज (15 जून को) 76 दिन पूरे हो गए हैं। यह अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि भक्तों के दिलों की अनकही पीड़ा, आत्मा की पुकार और भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया है। गत 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर बलगांडी चौक स्थित भक्त सालबेग पीठ से शुरू हुई यह पदयात्रा प्रतिदिन सिंहद्वार के पास पहुंचकर एक मौन प्रश्न पूछती है कि "जो संपूर्ण विश्व के नाथ हैं, उन जगन्नाथ के दर्शन में क्या भक्तों के बीच कोई भेदभाव रह सकता है?" प्रत्येक कदम में भक्ति का अर्पण है और हर ध्वनि में आत्मा की व्याकुल पुकार। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजते मार्ग पर अनेक भक्तों के आँसू, कई परिवारों की वेदना और अपने प्रभु तक आसानी से पहुँचने की आकांक्षा मिल जाती है। यह पदयात्रा आज पुरीवासियों के हृदय की धड़कन, आस्था का उच्चारण और अधिकारों के लिए एक आध्यात्मिक संग्राम बन गई है। भगवान जगन्नाथ की संस्कृति समानता, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिकता की संस्कृति है। जैसे उनके महाप्रसाद में उच्च-नीच का कोई भेदभाव नहीं, वैसे ही उनके दर्शन में भी कोई विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए। भगवान के द्वार पर वीआईपी और सामान्य का भेद करना जगन्नाथ संस्कृति के मूल आदर्श के खिलाफ है। इसलिए यह पदयात्रा केवल प्रवेश अधिकार की मांग नहीं, बल्कि "जगन्नाथ संस्कृति की समानता और मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के लिए एक आध्यात्मिक विरोध" है। नारी-पुरुष, युवा-वृद्ध सभी की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। प्रत्येक चेहरे पर भक्ति की चमक है, प्रत्येक हृदय में एक मौन प्रार्थना है— "प्रभु, हमें हमारा अधिकार वापस दिलाओ; अपने द्वार पर सभी को समान स्थान दो।" 76 दिनों के बाद भी इस पदयात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हर दिन के साथ यह और अधिक गहरा, अधिक शक्तिशाली और अधिक आध्यात्मिक होता जा रहा है। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ आँसू प्रार्थना हैं, वेदना शक्ति है और भक्ति अहिंसक विरोध का माध्यम है। आज की पदयात्रा में सर्वश्री हरिशंकर मिश्र, अधिवक्ता विजय कुमार मिश्र, चक्रधर महापात्र, सुकांत पांडा, शिवसुंदर मिश्र, मनोरंजन रणसिंह, ममता स्वाईं, अरुणा पटनायक, राजा मोहंती, जादबा नंद राय, प्रफुल्ल कुमार साहू, जगन्नाथ मोहंती, अमूल्य दास, किशोर चंद्र दास, नृसिंह नाथ नायक, प्रदीप्त कुमार मोहंती, प्रकाश चंद्र नायक प्रमुख रूप से शामिल हुए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पदयात्रा के संयोजक श्री स्वाधीन कुमार पांडा ने कहा कि यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक पुरी शहर और सदर के निवासियों के पूर्ववत दर्शन के अधिकार बहाल नहीं हो जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ संघर्ष नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और आस्था के सम्मान के लिए एक शांत, अहिंसक और आध्यात्मिक अभियान है। जैसा कि दोहराया गया है: "जगन्नाथ का द्वार सबके लिए है। भक्ति का कोई वीआईपी नहीं, आस्था का कोई प्रोटोकॉल नहीं। प्रभु के सम्मुख सभी समान हैं।"1
- स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के सफल कार्यकाल की बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की कठिन राजनीतिक परिस्थिति में लगातार 12 साल तक देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।1
- दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र के नेहरू विहार में रविवार शाम करीब 6:10 बजे फायरिंग की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस घटना में तीन हमलावरों ने राशिद पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल राशिद को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दावा किया है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और इस मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।1
- उत्तर पूर्वी दिल्ली में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां हाल ही में हुई एक और हत्या ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह वारदात नेहरू विहार में हुई, जहाँ एक युवक की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।1
- भुवनेश्वर के सलियासाही निवासी निरंजन सामंतराय को पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा, जहाँ उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। दोपहर में अचानक मैत्रीबिहार पुलिस उनके घर पहुँची और परिवार के सदस्यों द्वारा गेट खोलने में देरी की गुहार के बावजूद, बी पुलिस स्टेशन के आईआईसी ने निरंजन को गालियाँ दीं और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। यह घटना निरंजन के बड़े भाई संपाती द्वारा कुछ महीने पहले लालच के कारण भुजाली से हानि पर हमले के मामले से जुड़ी है, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और गृह विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर केंद्रपाड़ा महाकालपाड़ा की हालिया अवास्तविक घटना की यादें अभी भी लोगों के ज़हन से मिटी नहीं हैं और इसका असर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई दे रहा है। निरंजन के परिवार, उनकी माँ और पड़ोसियों ने कैमरे के सामने पुलिस द्वारा दी गई धमकियों की सच्चाई बताई है। इस गंभीर घटना पर अधिकारियों से मांग की गई है कि वे इसकी सत्यता की जाँच करें और निरंजन को न्याय प्रदान करें।1