इटावा पुलिस ने कथित अपहरण और नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने की एक घटना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के इरादे से यह साजिश रची थी। यह मामला तब सामने आया जब 27 मई 2026 को सरिता पत्नी राजेश कुमार ने थाना लवेदी क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे एक वाहन में बैठाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बेहोशी की हालत में एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना लवेदी पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों का गहनता से अध्ययन किया गया, जिसमें आरोपित व्यक्तियों की घटनास्थल पर कोई मौजूदगी नहीं पाई गई। साथ ही, यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता और शिकायत में नामजद किए गए लोगों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। विवेचना में सरिता और अमरपाल यादव की भूमिका स्पष्ट हुई। इन दोनों ने मिलकर एक झूठी कहानी तैयार की थी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। पुलिस ने अब अमरपाल यादव और सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 231, 61(2) और 319(2) के तहत की जा रही है।
इटावा पुलिस ने कथित अपहरण और नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने की एक घटना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के इरादे से यह साजिश रची थी। यह मामला तब सामने आया जब 27 मई 2026 को सरिता पत्नी राजेश कुमार ने थाना लवेदी क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे एक वाहन में बैठाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बेहोशी की हालत में एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना लवेदी पुलिस की एक संयुक्त
टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों का गहनता से अध्ययन किया गया, जिसमें आरोपित व्यक्तियों की घटनास्थल पर कोई मौजूदगी नहीं पाई गई। साथ ही, यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता और शिकायत में नामजद किए गए लोगों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। विवेचना में सरिता और अमरपाल यादव की भूमिका स्पष्ट हुई। इन दोनों ने मिलकर एक झूठी कहानी तैयार की थी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। पुलिस ने अब अमरपाल यादव और सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 231, 61(2) और 319(2) के तहत की जा रही है।
- ग्राम पंचायत मानिकपुर चोरवरी के पास चल रहे मिट्टी भराई के काम को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और यातायात भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यह शिकायत की है कि कई डंपर बिना नंबर प्लेट के ही चलाए जा रहे हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है कि मिट्टी खनन और परिवहन के लिए कितने वाहनों को वैध अनुमति मिली है और कितने वाहन अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि खनन की अनुमति किस गाटा संख्या के लिए जारी की गई है और निकाली गई मिट्टी को किस जगह पर डाला जा रहा है। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाए और अनुमति पत्र, परिवहन पास, तथा वाहनों के सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाए। ग्रामीणों ने एक गंभीर चिंता व्यक्त की है कि यदि बिना नंबर प्लेट वाले किसी वाहन से कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इस मामले को लेकर उन्होंने खनन विभाग और परिवहन सहित संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।1
- इटावा में पक्का तालाब की मौजूदा दुर्दशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि इस तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर पालिका इटावा द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि निकाली गई थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम खर्च किए जाने के बावजूद तालाब की वर्तमान स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। इस पूरी स्थिति के लिए और सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये के हिसाब के लिए नगर पालिका इटावा को सीधा जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- जसवंतनगर में, पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने नए नियुक्त आरक्षियों को तहसील और एसडीएम कार्यालय का दौरा कराया। इस दौरान आरक्षियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विभिन्न विभागों के कार्यों से अवगत कराया गया। क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने आरक्षियों को तहसील परिसर में स्थित रजिस्ट्रार और तहसीलदार कार्यालयों के साथ-साथ लेखपालों के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व और पुलिस विभाग अक्सर जमीनी विवादों, कब्जा विवादों, पैमाइश और अन्य संवेदनशील मामलों के निपटारे में मिलकर कार्य करते हैं, इसलिए पुलिसकर्मियों के लिए राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को समझना अत्यंत आवश्यक है। भ्रमण के दौरान, लेखपालों ने नव नियुक्त आरक्षियों को खेतों की पैमाइश, मेड़बंदी, कुराबंदी, खातेदारी और भूमि संबंधी विवादों के निपटारे की प्रक्रिया समझाई, साथ ही जमीन की नापजोख के तरीके और विवादित मामलों में राजस्व अभिलेखों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि कई बार क्षेत्र में होने वाले विवादों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजी जाती है, और यह प्रशिक्षण इसलिए दिया जा रहा है ताकि आरक्षी मौके पर पहुंचकर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकें और आम जनता की समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभा सकें। इसके अतिरिक्त, आरक्षियों को एसडीएम कोर्ट की कार्यवाही के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि धारा 151 सहित कई मामलों की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में होती है, और ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका, कार्रवाई का तरीका तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। नव नियुक्त आरक्षियों को तहसील कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के दायित्वों, अभिलेखों के रखरखाव, प्रशासनिक कार्यशैली और जनता से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर तहसीलदार नेहा सचान, लेखपाल मनीष दुबे, मोहम्मद जहीर खान, अनुराग सिंह यादव, समशेर सिंह सहित अन्य कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों के व्यवहारिक ज्ञान को मजबूत करेगा और भविष्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान में भी मददगार साबित होगा।1
- इटावा के विकास खंड महेवा स्थित ग्राम नगला रामसिंह में श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत एक भव्य कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस रात्रि कालीन आयोजन में दूर-दराज से आए कलाकारों और कीर्तन मंडलियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कन्नौज सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची कीर्तन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। पूरी रात भक्ति गीतों, भजनों और कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं, जिन पर गांव और आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते नजर आए। इन श्रद्धालुओं में ग्रामीण परीक्षित, विनीता देवी पत्नी वीरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पिंटू कुशवाहा, गौरव कुशवाहा, गोविन्द कुशवाहा सहित समस्त ग्रामवासी शामिल थे, जिन्होंने भक्ति रस में सराबोर होकर कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। रात्रि भर चले इस आयोजन में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, और आयोजन स्थल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इसे यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और उनसे भविष्य में भी कथा तथा अन्य धार्मिक आयोजनों में इसी प्रकार सहभागिता बनाए रखने की अपील की।1
- Post by Shuru User, satendra kevat1
- जसवंतनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बस स्टैंड चौराहे के पास पुलिस ने एक हुंडई कार को संदिग्ध परिस्थितियों में जब्त कर लिया है। इस वाहन पर "मानवाधिकार आयोग, स्टेट प्रेसिडेंट यूपी" लिखी एक अतिरिक्त प्लेट लगी थी, जबकि कार के शीशों पर ब्लैक फिल्म और विंड स्क्रीन पर वीआईपी स्टीकर भी पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन की संदिग्ध गतिविधियों के चलते उसे रोका गया और जांच की गई। जांच के दौरान, कार चालक विवेक सिंह, जो नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के सबोली एक्सटेंशन, मंडोली का निवासी है, शराब का सेवन किए हुए पाया गया और वह वाहन के आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि वाहन पर लगी अतिरिक्त प्लेट, ब्लैक फिल्म और अन्य अनियमितताओं के कारण कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने चालक पर ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया है। फिलहाल, वाहन को थाने में खड़ा कराया गया है और पुलिस ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- उरई में लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर जी की 31वीं जयंती अत्यंत भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष जनप्रिय पूजा शुक्ला नेता जी के नेतृत्व में महाकवि कालिदास उच्च माध्यमिक विद्यालय, लहरिया पूर्व उरई से एक विशाल बाइक और ट्रैक्टर रैली निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस भव्य रैली ने पूरे नगर का भ्रमण किया, जहाँ समाजसेवियों और व्यापारियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर उसका स्वागत किया। जिला जालौन की मातृ शक्ति की शान कही जाने वाली पूजा शुक्ला नेता जी, जो कुठौंद से चलकर आई थीं, ने रैली के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को चौंडी गाँव में माणकोजी शिंदे के घर हुआ था और विवाह के बाद वे होलकर राजघराने से जुड़ीं। उन्हें ज्ञान, न्याय और मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी तथा सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खण्डेराव की धर्मपत्नी के रूप में जाना जाता है। अहिल्याबाई होल्कर ने माहेश्वर को अपनी राजधानी बनाकर शासन किया और भारत में पाँच विख्यात शिव मंदिरों का निर्माण कराया, जिनमें वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर, सौराष्ट्र का सोमनाथ मंदिर, पेटलावद का नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, परली का वैजनाथ ज्योतिर्लिंग और एक अन्य काशी विश्वनाथ मंदिर शामिल हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, होल्कर महासभा जिला अध्यक्ष अनिल पाल, होल्कर महासभा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मांडवी पाल, भाजपा पिछड़ा मोर्चा आयोग सदस्य बाबा बालक दास पाल, सपा सांसद नारायण दास अहिरवार, सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि पाल, रिंकू पाल, अजय पाल, विनय कुमार पाल सहित बघेल समाज और सर्व समाज के अनेक समाजसेवी व मातृ शक्ति की बहनें उपस्थित रहीं। ऐसी महान महारानी अहिल्याबाई होल्कर माता को कोटि-कोटि नमन किया गया।1
- इटावा शहर में महिलाओं ने देशी शराब के एक ठेके के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान, महिलाओं ने दुकान में रखी सारी शराब सड़क पर फेंक दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से शराब ठेके का मालिक भी हैरान रह गया, क्योंकि महिलाओं ने दुकान को भी नहीं बख्शा। इस घटना के बाद मौके पर कुछ झड़प हुई, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल पहुँची और स्थिति को शांत किया। महिलाओं ने शराब के ठेके को पूरी तरह से बंद करने की मांग की, जिसे वे अपने क्षेत्र से हटवाना चाहती हैं।1