कछौना CHC पर डॉक्टरों व प्राइवेट लैब संचालकों के गठजोड़ से लुट रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग के सरंक्षण में मानकों को ताकपर रखकर चल रहीं अवैध पैथॉलाजी हरदोई। जनपद की कछौना सीएचसी पर प्राइवेट लैब/अल्ट्रासाउंड व मेडिकल स्टोर संचालकों तथा डॉक्टरों के सिंडिकेट में फंसकर मरीज लुट रहे हैं। सीएचसी पर दलालों और अव्यवस्थाओं का मकड़जाल प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सीएचसी पर डॉक्टरों की कमीशनखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है, डॉक्टरों व निजी लैब संचालकों के गठजोड़ से सीएचसी मरीजों के लिए 'लूट का अड्डा' बन कर रह गई है। लालची डॉक्टरों की शह और उनकी मिलीभगत से निजी लैब/पैथॉलाजी संचालक मरीजों का जमकर शोषण कर रहे हैं। बीते बुधवार(1 अप्रैल) को कछौना सीएचसी पर ओपीडी के समय बने एक वीडियो में डॉक्टर के अगल-बगल में 'सीएचसी के बाहर स्थित वी-केयर पैथॉलाजी, केसीएन लैब, सूरज पैथॉलाजी व संजीवनी डायग्नोस्टिक सेंटर के' कर्मचारियों की उपस्थिति ने डॉक्टरों और लैब संचालकों के गठजोड़ का खुलासा किया है। प्रकरण के संबंध में सीएचसी अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी व क्षेत्रीय विधायक को शिकायत दर्ज कराई गई है। बताते चलें कि कछौना सीएचसी क्षेत्रांतर्गत स्वास्थ्य विभाग के रहमो-करम पर बिना मानक और पंजीकरण के कई अवैध पैथॉलाजी/लैब संचालित हैं। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इनका जाल फैला हुआ है। लैब संचालक व उनके कर्मचारी निजी अस्पतालों, क्लीनिक व सीएचसी के डॉक्टरों के मन-मुताबिक फर्जी और कूटरचित रिपोर्ट बनाकर मरीजों को लूटने का काम करते हैं। कछौना में गौसगंज रोड पर मेडिक्स पैथॉलाजी, जीवन रक्षा पैथ लैब, हरदोई रोड पर तोमर पैथ लैब, स्टेशन रोड पर आदर्श डायग्नोस्टिक सेंटर, वीकेयर पैथॉलाजी, केसीएन लैब, सूरज पैथॉलाजी, संजीवनी डायग्नोस्टिक सेंटर, स्वास्तिक पैथॉलाजी व रेलवेगंज में जीपी डायग्नोस्टिक लैब व डॉ चंद्रा के बगल में एक गुमनाम लैब आदि कई अवैध पैथॉलाजी धड़ल्ले से संचालित हैं, इनमें से पांच लैब तो सीएचसी के पास ही चल रही हैं। निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहीं इन अवैध पैथॉलाजियों पर मानकों के अनुरूप स्पेस(यूरिन टेस्ट की सुविधा होने पर टॉयलेट अनिवार्य), लैब-एक्स'रे टेक्नीशियन, रेडिएशन सेफ्टी के मानक, डिग्रीधारी पैथोलॉजिस्ट व प्रशिक्षित-योग्य स्टाफ, पॉल्यूशन-फायर सेफ्टी और बॉयोमेडिकल वेस्ट की एनओसी, लैब के बाहर डॉक्टरों के नाम व उनकी डिग्री तथा लैब के पंजीकरण का बोर्ड होने जैसे प्रमुख नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ लैबों पर गैर-कानूनी तरीके से मरीजों की जांच भी की जा रही है। इन अवैध पैथॉलाजी लैबों पर कई बार मरीज को गंभीर बीमारी बताकर फर्जी रिपोर्ट देने और मरीज का ब्लड-ग्रुप बदलने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसी दशा में मरीजों से भी अपील है कि वो किसी भी पैथॉलाजी लैब पर अपनी जांच कराने से पहले लैब का रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों के बोर्ड और मानकों की जांच अवश्य कर लें। कछौना सीएचसी पर भी प्रतिदिन ओपीडी शुरू होते ही सीएचसी के बाहर स्थित निजी पैथॉलाजी लैब के कर्मचारी अस्पताल परिसर सहित इमरजेंसी में जमा हो जाते हैं। निजी लैब संचालक/कर्मचारी बेखौफ डॉक्टरों के बगल में खड़े होकर सीएचसी के अंदर ही मरीजों का पर्चा/ब्लड सैंपल लेकर अपनी लैब में जांच के लिए भेजते हैं। सीएचसी में जगह-जगह "प्राइवेट पैथोलॉजी संचालकों का प्रवेश वर्जित" होने का नोटिस भी चस्पा है और अधीक्षक के अनुसार सीएचसी पर बाहरी लैब/अल्ट्रासाउंड/मेडिकल स्टोर और दलालों की पहचान के लिए एक टीम भी बनी है लेकिन उसके बावजूद भी आज तक सीएचसी पर ना तो दलालों के प्रवेश पर रोक लग पाई है और ना ही जिम्मेदार टीम के लोग किसी को पहचान/पकड़ पाए हैं, जिससे सीएचसी प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं क्षेत्र में संचालित अवैध पैथॉलाजियों पर स्वास्थ्य विभाग भी अपने संरक्षण और खाऊ-कमाऊ नीति के चलते कार्रवाई को लेकर घोर शिथिलता बरत रहा है। इस संदर्भ में जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी(CMO) डॉ० भवनाथ पांडेय ने जल्द ही अवैध व मानकों के विपरीत संचालित लैबों पर कार्रवाई और उन्हें सीज करने की बात कही है। क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने कहा कि सीएचसी के संबंध में उन्हें भी लगातार कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, सीएचसी पर दलालों के जमावड़े पर वो जल्द ही सीएमओ को कार्रवाई हेतु निर्देशित करेंगे। वहीं कछौना सीएचसी अधीक्षक डॉ० शैलेंद्र शुक्ला बताया कि सीएचसी पर दलालों की पहचान के लिए एक टीम गठित है जो उन्हें रिपोर्ट करती है और उसी हिसाब से आगे कार्रवाई की जाती है। सीएचसी में निजी लैब संचालकों/कर्मचारियों की घुसपैठ और उन्हें डॉक्टरों द्वारा संरक्षण देने पर उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में सभी डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
कछौना CHC पर डॉक्टरों व प्राइवेट लैब संचालकों के गठजोड़ से लुट रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग के सरंक्षण में मानकों को ताकपर रखकर चल रहीं अवैध पैथॉलाजी हरदोई। जनपद की कछौना सीएचसी पर प्राइवेट लैब/अल्ट्रासाउंड व मेडिकल स्टोर संचालकों तथा डॉक्टरों के सिंडिकेट में फंसकर मरीज लुट रहे हैं। सीएचसी पर दलालों और अव्यवस्थाओं का मकड़जाल प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सीएचसी पर डॉक्टरों की कमीशनखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है, डॉक्टरों व निजी लैब संचालकों के गठजोड़ से सीएचसी मरीजों के लिए 'लूट का अड्डा' बन कर रह गई है। लालची डॉक्टरों की शह और उनकी मिलीभगत से निजी लैब/पैथॉलाजी संचालक मरीजों का जमकर शोषण कर रहे हैं। बीते बुधवार(1 अप्रैल) को कछौना सीएचसी पर ओपीडी के समय बने एक वीडियो में डॉक्टर के अगल-बगल में 'सीएचसी के बाहर स्थित वी-केयर पैथॉलाजी, केसीएन लैब, सूरज पैथॉलाजी व संजीवनी डायग्नोस्टिक सेंटर के' कर्मचारियों की उपस्थिति ने डॉक्टरों और लैब संचालकों के गठजोड़ का खुलासा किया है। प्रकरण के संबंध में सीएचसी अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी व क्षेत्रीय विधायक को शिकायत दर्ज कराई गई है। बताते चलें कि कछौना सीएचसी क्षेत्रांतर्गत स्वास्थ्य विभाग के रहमो-करम पर बिना मानक और पंजीकरण के कई अवैध पैथॉलाजी/लैब संचालित हैं। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इनका जाल फैला हुआ है। लैब संचालक व उनके कर्मचारी निजी अस्पतालों, क्लीनिक व सीएचसी के डॉक्टरों के मन-मुताबिक फर्जी और कूटरचित रिपोर्ट बनाकर मरीजों को लूटने का काम करते हैं। कछौना में गौसगंज रोड पर मेडिक्स पैथॉलाजी, जीवन रक्षा पैथ लैब, हरदोई रोड पर तोमर पैथ लैब, स्टेशन रोड पर आदर्श डायग्नोस्टिक सेंटर, वीकेयर पैथॉलाजी, केसीएन लैब, सूरज पैथॉलाजी, संजीवनी डायग्नोस्टिक सेंटर, स्वास्तिक पैथॉलाजी व रेलवेगंज में जीपी डायग्नोस्टिक लैब व डॉ चंद्रा के बगल में एक गुमनाम लैब आदि कई अवैध पैथॉलाजी धड़ल्ले से संचालित हैं, इनमें से पांच लैब तो सीएचसी के पास ही चल रही हैं। निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहीं इन अवैध पैथॉलाजियों पर मानकों के अनुरूप स्पेस(यूरिन टेस्ट की सुविधा होने पर टॉयलेट अनिवार्य), लैब-एक्स'रे टेक्नीशियन, रेडिएशन सेफ्टी के मानक, डिग्रीधारी पैथोलॉजिस्ट व प्रशिक्षित-योग्य स्टाफ, पॉल्यूशन-फायर सेफ्टी और बॉयोमेडिकल वेस्ट की एनओसी, लैब के बाहर डॉक्टरों के नाम व उनकी डिग्री तथा लैब के पंजीकरण का बोर्ड होने जैसे प्रमुख नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ लैबों पर गैर-कानूनी तरीके से मरीजों की जांच भी की जा रही है। इन अवैध पैथॉलाजी लैबों पर कई बार मरीज को गंभीर बीमारी बताकर फर्जी रिपोर्ट देने और मरीज का ब्लड-ग्रुप बदलने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसी दशा में मरीजों से भी अपील है कि वो किसी भी पैथॉलाजी लैब पर अपनी जांच कराने से पहले लैब का रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों के बोर्ड और मानकों की जांच अवश्य कर लें। कछौना सीएचसी पर भी प्रतिदिन ओपीडी शुरू होते ही सीएचसी के बाहर स्थित निजी पैथॉलाजी लैब के कर्मचारी अस्पताल परिसर सहित इमरजेंसी में जमा हो जाते हैं। निजी लैब संचालक/कर्मचारी बेखौफ डॉक्टरों के बगल में खड़े होकर सीएचसी के अंदर ही मरीजों का पर्चा/ब्लड सैंपल लेकर अपनी लैब में जांच के लिए भेजते हैं। सीएचसी में जगह-जगह "प्राइवेट पैथोलॉजी संचालकों का प्रवेश वर्जित" होने का नोटिस भी चस्पा है और अधीक्षक के अनुसार सीएचसी पर बाहरी लैब/अल्ट्रासाउंड/मेडिकल स्टोर और दलालों की पहचान के लिए एक टीम भी बनी है लेकिन उसके बावजूद भी आज तक सीएचसी पर ना तो दलालों के प्रवेश पर रोक लग पाई है और ना ही जिम्मेदार टीम के लोग किसी को पहचान/पकड़ पाए हैं, जिससे सीएचसी प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं क्षेत्र में संचालित अवैध पैथॉलाजियों पर स्वास्थ्य विभाग भी अपने संरक्षण और खाऊ-कमाऊ नीति के चलते कार्रवाई को लेकर घोर शिथिलता बरत रहा है। इस संदर्भ में जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी(CMO) डॉ० भवनाथ पांडेय ने जल्द ही अवैध व मानकों के विपरीत संचालित लैबों पर कार्रवाई और उन्हें सीज करने की बात कही है। क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने कहा कि सीएचसी के संबंध में उन्हें भी लगातार कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, सीएचसी पर दलालों के जमावड़े पर वो जल्द ही सीएमओ को कार्रवाई हेतु निर्देशित करेंगे। वहीं कछौना सीएचसी अधीक्षक डॉ० शैलेंद्र शुक्ला बताया कि सीएचसी पर दलालों की पहचान के लिए एक टीम गठित है जो उन्हें रिपोर्ट करती है और उसी हिसाब से आगे कार्रवाई की जाती है। सीएचसी में निजी लैब संचालकों/कर्मचारियों की घुसपैठ और उन्हें डॉक्टरों द्वारा संरक्षण देने पर उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में सभी डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- रियल न्यूज हरदोई सुरसा थाना क्षेत्र में नेवलिया गांव में मिशन सत्य के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया , और उनका महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई जैसे 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 112 आपातकालीन पुलिस सेवा 1090 वीमेन हेल्पलाइन जैसे नंबरों की जान विस्तार से जानकारी दी गई वह सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया महिला उप निरीक्षक सुरेखा शर्मा द्वारा गांव गांव जाकर महिला एवं बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है उनकी इस पहल से ग्रामीण सराहना कर रहे हैं.।1
- Post by Ankit Singh4
- नगर पालिका में 3महीने से ज्यादा समय हो गया है और कई बार शिकायत पत्र दिये हुऐ हैं अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है न कोई सड़क बनी और न कोई साफ-सफाई हुई है ना ही कोई नाला बना अधिकारी शिकायत को अनदेखा कर देते है कुछ दिनो के बाद बरसात का पानी मोहल्ले के घरों में भर जायेगा और कई हफ्तों तक भरा रहता है लेकिन नगर पालिका के अधिकारीयों को शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते3
- #हरदोई। जनपद के अरवल थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में अज्ञात कारणों से खलिहान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किसान की लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।1
- हरदोई: बीच सड़क 'सुल्तान' बने दो युवक, पुलिस लाइन के सामने जमकर चले लात-घूंसे!वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...... #ViralVideo #RoadFight #DesiDangal #StreetFight #ViralNews #Kalesh #SocialMediaViral #TrendingNow #बीच_सड़क_दंगल #दे_दना_दन #सुल्तान_ऑफ_हरदोई #बिना_बात_का_बवाल #SavageHardoi #CityKotwali #PoliceLineHardoi #UPPolice #LawAndOrder1
- रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, चन्दन हरदोई हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स के साथ हुई लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जोन लखनऊ, किरण एस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पीड़ित ज्वेलर्स से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस टीम को सक्रियता और तत्परता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।2
- उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?1
- ankit singh Kanpur jila dabali gaon3