मेरठ रेंज में बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों यानी 'रिपीट ऑफेंडर' का खाका तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए यक्ष ऐप का उपयोग किया जा रहा है। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने परिक्षेत्रीय पुलिस द्वारा यक्ष ऐप पर की जा रही फीडिंग और 'रिपीट ऑफेंडर' की समीक्षा के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि खराब निगरानी के कारण कोई अपराध दोबारा होता है, तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यक्ष ऐप को वर्तमान समय में अपराधियों के डिजिटल प्रोफाइल, सत्यापन, निगरानी, सूचना संकलन और विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया गया है। डीआईजी ने बताया कि यक्ष ऐप की 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर अपराधियों की धरपकड़ में प्रभावी साबित हुई है। इस ऐप के माध्यम से कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा किया गया है। उदाहरण के तौर पर, जनपद मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्रान्तर्गत कुटी चौराहा स्थित डिलीसियस बेकर्स पर हुए गोलीकांड में संदिग्ध वाहन की सूचना यक्ष ऐप के 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर के जरिए प्रसारित की गई थी। इस अलर्ट के आधार पर थाना परीक्षितगढ़ ने किठौर बस स्टैंड पर वाहन को रोककर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस तथा ब्रेजा कार बरामद की। इसी प्रकार, चोरी और लूट जैसी कई घटनाओं का भी यक्ष ऐप के माध्यम से सफल अनावरण किया गया है। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, पुलिस मुख्यालय ने यक्ष ऐप के माध्यम से कार्यप्रणाली को पारंपरिक 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' से आगे बढ़ाकर 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' की दिशा में मजबूत करने का निर्देश दिया है। मुख्यालय द्वारा रेंज के समस्त जनपदों में एक विशेष अभियान संचालित कर हिस्ट्रीशीटरों के डेटा की शत-प्रतिशत शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। अभियान के तहत प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का भौतिक सत्यापन कर उन्हें यक्ष ऐप में अपडेट किया जा रहा है। इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों को यक्ष ऐप के 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि महत्वपूर्ण सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके, संदिग्ध गतिविधियों पर शीघ्र प्रतिक्रिया दी जा सके और अपराधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। यक्ष ऐप को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए डीआईजी ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर का माता का नाम, उपनाम, पहचान चिन्ह, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित करना शामिल है। अपराधी का नवीनतम एवं स्पष्ट फोटोग्राफ, पहचान पत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों को यक्ष ऐप पर अपलोड करने को कहा गया है। बेलर डिटेल, रिलेटिव/फ्रेंड डिटेल और एफआईआर डिटेल्स को शत-प्रतिशत सही और अपडेट करने पर जोर दिया गया है। अपराधी के आपराधिक इतिहास में दर्ज एफआईआर नंबर और धाराओं का सही मिलान कर त्रुटियों को दूर करने तथा अपराधी के विरुद्ध हाल में पंजीकृत अभियोगों का विवरण भी यक्ष ऐप में अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक थाना प्रभारी को हिस्ट्रीशीटरों के डेटा की नियमित समीक्षा और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि क्षेत्राधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्तर से हिस्ट्रीशीटरों की रैंडम चेकिंग कर डेटा की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। डीआईजी ने यह भी निर्देशित किया है कि गिरफ्तारी, सत्यापन एवं बीट सूचना के दौरान प्राप्त जानकारी को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि वास्तविक फील्ड इंटेलिजेंस के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' से आगे बढ़कर 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' को मजबूत किया जा सके।
मेरठ रेंज में बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों यानी 'रिपीट ऑफेंडर' का खाका तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए यक्ष ऐप का उपयोग किया जा रहा है। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने परिक्षेत्रीय पुलिस द्वारा यक्ष ऐप पर की जा रही फीडिंग और 'रिपीट ऑफेंडर' की समीक्षा के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि खराब निगरानी के कारण कोई अपराध दोबारा होता है, तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यक्ष ऐप को वर्तमान समय में अपराधियों के डिजिटल प्रोफाइल, सत्यापन, निगरानी, सूचना संकलन और विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया गया है। डीआईजी ने बताया कि यक्ष ऐप की 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर अपराधियों की धरपकड़ में प्रभावी साबित हुई है। इस ऐप के माध्यम से कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा किया गया है। उदाहरण के तौर पर, जनपद मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्रान्तर्गत कुटी चौराहा स्थित डिलीसियस बेकर्स पर हुए गोलीकांड में संदिग्ध वाहन की सूचना यक्ष ऐप के 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर के जरिए प्रसारित की गई थी। इस अलर्ट के आधार पर थाना परीक्षितगढ़ ने किठौर बस स्टैंड पर वाहन को रोककर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस तथा ब्रेजा कार बरामद की। इसी प्रकार, चोरी और लूट जैसी कई घटनाओं का भी यक्ष ऐप के माध्यम से सफल अनावरण किया गया है। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, पुलिस मुख्यालय ने यक्ष ऐप के माध्यम से कार्यप्रणाली को पारंपरिक 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' से आगे बढ़ाकर 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' की दिशा में मजबूत करने का निर्देश दिया है। मुख्यालय द्वारा रेंज के समस्त जनपदों में एक विशेष अभियान संचालित कर हिस्ट्रीशीटरों के डेटा की शत-प्रतिशत शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। अभियान के तहत प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का भौतिक सत्यापन कर उन्हें यक्ष ऐप में अपडेट किया जा रहा है। इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों को यक्ष ऐप के 'एसओएस एवं ब्रॉडकास्ट' फीचर का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि महत्वपूर्ण सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके, संदिग्ध गतिविधियों पर शीघ्र प्रतिक्रिया दी जा सके और अपराधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। यक्ष ऐप को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए डीआईजी ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर का माता का नाम, उपनाम, पहचान चिन्ह, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित करना शामिल है। अपराधी का नवीनतम एवं स्पष्ट फोटोग्राफ, पहचान पत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों को यक्ष ऐप पर अपलोड करने को कहा गया है। बेलर डिटेल, रिलेटिव/फ्रेंड डिटेल और एफआईआर डिटेल्स को शत-प्रतिशत सही और अपडेट करने पर जोर दिया गया है। अपराधी के आपराधिक इतिहास में दर्ज एफआईआर नंबर और धाराओं का सही मिलान कर त्रुटियों को दूर करने तथा अपराधी के विरुद्ध हाल में पंजीकृत अभियोगों का विवरण भी यक्ष ऐप में अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक थाना प्रभारी को हिस्ट्रीशीटरों के डेटा की नियमित समीक्षा और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि क्षेत्राधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्तर से हिस्ट्रीशीटरों की रैंडम चेकिंग कर डेटा की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। डीआईजी ने यह भी निर्देशित किया है कि गिरफ्तारी, सत्यापन एवं बीट सूचना के दौरान प्राप्त जानकारी को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि वास्तविक फील्ड इंटेलिजेंस के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' से आगे बढ़कर 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' को मजबूत किया जा सके।
- बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सिमरौली निवासी संगीता पत्नी योगराज ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने एलएमसी (LMC) के रास्ते को दोबारा अवरुद्ध करने के प्रयास और जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। संगीता के अनुसार, गांव में स्थित यह एलएमसी रास्ता पूर्व में एसडीएम के आदेश पर मुक्त कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिमरौली निवासी अरविन्द्र पुत्र तेजपाल और धर्मेन्द्र पुत्र तेजपाल, साथ ही ततारपुर निवासी सोनू पुत्र कंवरपाल ने एक बार फिर इस रास्ते को रोकने की कोशिश की। जब संगीता ने इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि ये आरोपी आए दिन झगड़ा करने और लड़ाई-झगड़े का प्रयास करते हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर लगातार भय बना रहता है। संगीता ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by गौरव प्रताप कोरी1
- हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर में, भारतीय किसान यूनियन (लोकहित) के राष्ट्रीय प्रवक्ता, लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता और 'किसान संसद' के राष्ट्रीय संयोजक हरीश हूण ने किसानों के अधिकारों, कानून व्यवस्था, क्षेत्रीय सम्मान तथा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का नेतृत्व स्थानीय बेटा-बेटी के हाथों में ही होना चाहिए। हरीश हूण ने दोहराया कि उनका जीवन किसानों की लड़ाई को समर्पित है। वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिलाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।1
- बोल्डईगल ने दिल्ली के गांधी नगर स्थित धरमपुरा में, दुकान नंबर 8 पर उपलब्ध लिनन और लिनन पैंट को उजागर किया है। यह सामग्री भारत के लिए बनाई गई है और संभवतः एक ब्लॉगर द्वारा रील्स के रूप में साझा की गई है।1
- स्मार्टफोन की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने एक बड़ा बदलाव ला दिया है, जिससे अब बाजार में ऐसे मोबाइल फोन उपलब्ध हैं जो यूजर की जरूरतों को समझकर कई काम खुद करने में सक्षम हैं। यह नई तकनीक मोबाइल्स को अधिक स्मार्ट और उपयोगी बना रही है। नई पीढ़ी के स्मार्टफोन्स में एडवांस कैमरा, AI फोटो एडिटिंग, लाइव ट्रांसलेशन, स्मार्ट वॉइस असिस्टेंट और सुपरफास्ट प्रोसेसर जैसे कई फीचर्स दिए जा रहे हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन केवल एक डिवाइस नहीं रहेंगे, बल्कि एक व्यक्तिगत डिजिटल सहायक की भूमिका निभाएंगे। वे बताते हैं कि पढ़ाई, बिजनेस, कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन मीटिंग और मनोरंजन जैसे काम अब इन डिवाइसों पर और भी आसान हो जाएंगे। बाजार में इन नई तकनीक से लैस स्मार्टफोन्स को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि ये डिवाइस डिजिटल जीवनशैली को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं और भविष्य की तकनीक का नया चेहरा बन सकते हैं।1
- जनपद हापुड़ की सड़कों पर ‘शिवा डांसर’ नामक एक युवक की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस युवक पर महिलाओं और लड़कियों को देखकर बीच बाजार में डांस कर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा है। ‘रील के शौकीन’ इस युवक द्वारा बीच सड़क पर डांस करने का यह वायरल वीडियो जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ अंतर्गत कुचेसर चौपले का बताया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बाबूगढ़ थाना पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही की। थाने में पेश होने के बाद, डांसर को लंगड़ाते हुए देखा गया, जहाँ उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि “मुझे माफ कर दो, अब गलती नहीं होगी।”1
- हापुड़ कलेक्ट्रेट पर भाकियू के किसानों ने गन्ना भुगतान और नकली खाद-बीज पर कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। डीएम कार्यालय के बाहर काफी संख्या में किसान एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर हल्ला बोला। किसानों ने घोषणा की है कि वे इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।1