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बिहार के दरभंगा में दिनदहाड़े यामाहा शोरूम के मैनेजर की हत्या की घटना ने राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस वारदात से यह साफ हो गया है कि अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि लोग अपने कार्यस्थल पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। यह स्थिति सरकार के बड़े-बड़े दावों के विपरीत है, जहाँ अपराधी खुलेआम खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि बिहार में इन अपराधियों को आखिर संरक्षण कौन दे रहा है। पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की गई है।
JURM KA PARDAAPHAASH
बिहार के दरभंगा में दिनदहाड़े यामाहा शोरूम के मैनेजर की हत्या की घटना ने राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस वारदात से यह साफ हो गया है कि अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि लोग अपने कार्यस्थल पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। यह स्थिति सरकार के बड़े-बड़े दावों के विपरीत है, जहाँ अपराधी खुलेआम खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि बिहार में इन अपराधियों को आखिर संरक्षण कौन दे रहा है। पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की गई है।
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- एटा में आज एसएसपी कार्यालय के पास श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए पूड़ी-सब्जी के भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने इस दौरान व्यवस्था संभाली ताकि सभी लोगों को आसानी से भोजन मिल सके। इस भंडारे का मुख्य उद्देश्य सेवा भाव और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं ने आयोजकों की सराहना की, जिससे पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक और उत्साहपूर्ण वातावरण बना हुआ है।1
- एत्मादपुर ब्लॉक से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि बकाया वेतन मांगने ब्लॉक कार्यालय पहुँचने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और उसका वीडियो पेन भी छीन लिया गया। इस घटना के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालाँकि, मामले की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं, और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं है।1
- फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार शाम विश्व वृद्ध जन जागरूकता दिवस के अवसर पर टूंडला स्थित आवासीय वृद्धाश्रम बन्ना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे 47 महिला और पुरुष वृद्धजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को वृद्धाश्रम की व्यवस्थाएँ बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि समानुभूति और ममता की आवश्यकता होती है। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने की सलाह देते हुए इस बात पर जोर दिया कि बुढ़ापा बचपन के पुनरागमन जैसा होता है, और इसलिए बुजुर्गों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा एक माँ अपने बच्चे के साथ करती है। निरीक्षण के दौरान कई बुजुर्गों ने अपनी जीवन की कठिनाइयाँ साझा कीं, और इस मौके पर टूंडला उपजिलाधिकारी अनुराधा सिंह भी मौजूद रहीं।1
- आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के नगला अर्जुन गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग और प्रभावशाली लोगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित कर रही है। शिकायतकर्ता सोबरन सिंह ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए दिए गए पैसों को लेकर गांव में विवाद खड़ा कर दिया गया था। आरोप है कि पहले एक पंचायत में उन्हें धमकाया गया और बाद में कई लोगों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सोबरन सिंह की पत्नी, भाई की पत्नी और नाबालिग बेटियों के साथ मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि बच्चियों को खींचकर बाड़े में ले जाया गया और उनके साथ अभद्रता की गई। यदि गांव के लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना की सूचना देने और मेडिकल कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। घायल महिलाओं और बच्चियों का समुचित चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद है, फिर भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। यह आरोप सही होने पर यह एक बेहद गंभीर मामला है। पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से सवाल उठता है कि आखिर पुलिस का डंडा केवल कमजोरों पर ही क्यों चलता है और क्या कानून गरीब व दबे-कुचले लोगों के लिए अलग है, जबकि रसूखदारों के लिए अलग?1
- हाथरस में 15 जून 2026, सोमवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक की, जहाँ उन्होंने लम्बित मामलों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अविवादित लम्बित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए ताकि आमजन को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में अनावश्यक रूप से लम्बित मामलों को गंभीरता से लेने और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। समीक्षा बैठक के दौरान, डीएम ने तहसीलवार उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवादित मामलों को छोड़कर अन्य सभी लम्बित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट तत्काल संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जोर दिया कि राजस्व कार्यों में शासन की मंशा के अनुरूप तेजी लाई जाए ताकि जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। उनका मानना है कि समयबद्ध निस्तारण से प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- आगरा के ईदगाह बस स्टैंड पर गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस में भीषण आग लग गई। बस के बोनट से धुआं निकलते ही देखते ही देखते आग भड़क उठी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई यात्रियों ने चलती बस से कूदना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की चपेट में आ गई और जलकर खाक हो गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि बस पूरी तरह जल गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।1