दंतेवाड़ा के एनएमडीसी किरंदुल-बचेली क्षेत्र में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि लगभग 20 से 40 करोड़ रुपये के इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ सीमित ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि टेंडर वेबसाइट पर निविदा राशि प्रदर्शित नहीं की गई, जबकि ये कार्य खुले टेंडर के माध्यम से किए जाने थे। इसके अलावा, स्थानीय पंजीकृत ठेकेदारों को अवसर न देकर कुछ चुनिंदा बाहरी ठेकेदारों को आमंत्रित करने का आरोप है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि दो लाख रुपये से अधिक के कार्यों को ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के तहत किए जाने के नियम का पालन नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर महिला कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव एवं जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने निविदा प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित निविदाओं को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किरंदुल कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी एनएमडीसी प्रबंधन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है।
दंतेवाड़ा के एनएमडीसी किरंदुल-बचेली क्षेत्र में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि लगभग 20 से 40 करोड़ रुपये के इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया में नियमों
की अनदेखी करते हुए कुछ सीमित ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि टेंडर वेबसाइट पर निविदा राशि प्रदर्शित नहीं की गई, जबकि ये कार्य खुले टेंडर के माध्यम से किए जाने थे। इसके अलावा, स्थानीय पंजीकृत ठेकेदारों को अवसर न देकर कुछ चुनिंदा बाहरी
ठेकेदारों को आमंत्रित करने का आरोप है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि दो लाख रुपये से अधिक के कार्यों को ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के तहत किए जाने के नियम का पालन नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर महिला कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव एवं जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा ने
अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने निविदा प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित निविदाओं को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किरंदुल कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी एनएमडीसी प्रबंधन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है।
- दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों की लगातार अनदेखी को लेकर जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मृणाल राय ने समानता कंपनी सहित क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैलाडीला क्षेत्र की खदानें, प्राकृतिक संसाधन और विकास की नींव स्थानीय लोगों के सहयोग से ही खड़ी हुई है, लेकिन दुर्भाग्यवश रोजगार, ठेकेदारी और अन्य अवसरों में स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है। मृणाल राय ने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्र में आने वाली किसी भी बाहरी कंपनी को स्थानीय युवाओं, बेरोजगारों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देनी होगी। यदि कंपनियां स्थानीय हितों की अनदेखी करती हैं और बाहरी लोगों को अधिक अवसर देती हैं, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को केवल रोजगार का नहीं बल्कि क्षेत्र के अधिकार, सम्मान और भविष्य का प्रश्न बताया, और कहा कि स्थानीय संसाधनों पर पहला हक स्थानीय लोगों का है, जिसे किसी भी कीमत पर छीना नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनियों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और स्थानीय लोगों को उचित भागीदारी नहीं दी, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस संघर्ष में क्षेत्र के युवा, ठेकेदार, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन एकजुट होकर भाग लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन, आंदोलन तथा लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। मृणाल राय ने अपनी बात को बल देते हुए कहा, "खदान हमारी, संसाधन हमारे, लेकिन रोजगार और ठेकेदारी में हमें ही दरकिनार किया जा रहा है, अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को उनका हक मिलना ही चाहिए।"1
- सुकमा जिले के कोंटा नगर पंचायत ब्लॉक मुख्यालय स्थित अटल चौक पर झुंड में खड़ी गौ-माताएं राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बन रही हैं। नगर पंचायत के इस प्रमुख स्थान पर बड़ी संख्या में मवेशियों के सड़क पर बैठे होने से न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारी भी इस गंभीर समस्या से बेखबर बने हुए हैं। आवारा पशुओं के सुरक्षित संरक्षण के लिए लाखों रुपए की लागत से गौठानों का निर्माण कराया गया है, लेकिन धरातल पर आवारा पशु संरक्षण की ये परियोजनाएं पूरी तरह विफल होती नजर आ रही हैं। सड़कों पर घूम रहे इन मवेशियों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और कई बार इनकी वजह से हादसे हो भी चुके हैं। स्थिति की विडंबना यह है कि सड़क पर घूम रहे इन मवेशियों की सुरक्षा के लिए उनके गले में रेडियम पट्टा लगाने की व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या नगरीय प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?1
- छत्तीसगढ़ के भरण्डा गांव में धर्मांतरण से जुड़े एक मामले को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। स्थिति को शांत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।1
- कोंडागांव जिले में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने मंगलवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में 19 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 1.66 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसका उद्देश्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और ग्रामीण विकास को गति देना है। विधायक उसेंडी ने कुल 166.72 लाख रुपये के 19 विकास कार्यों की सौगात ग्राम चिखलपुटी, ग्राम कुकाड़गारपाल, ग्राम बड़ेकनेरा, ग्राम बड़ेबेंदरी और ग्राम छोटे भिरावण्ड के ग्रामवासियों को दी। ग्राम पंचायत चिखलपुटी में 40.73 लाख रुपये की लागत से चार विकास कार्य, जिसमें पुलिस लाइन के पास सामुदायिक भवन, उत्तम जैन के घर से गायत्री परिवार मंदिर तक द्वितीय श्रेणी सड़क, दंतेश्वरी अस्पताल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग से पवन तिवारी के घर तक 250 मीटर सीसी सड़क और प्राथमिक शाला भवन का निर्माण शामिल है, भूमिपूजन किया गया। ग्राम पंचायत कुकाड़गारपाल में 28.23 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से नयापारा मार्ग तक 300 मीटर सीसी सड़क और स्कूलपारा स्थित माध्यमिक शाला के नवीन भवन का भूमिपूजन हुआ। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में 46.79 लाख रुपये के आठ विकास कार्य, जिनमें बाजार स्थल के पास बाउंड्रीवाल, बाजारपारा चौक गुड़ी के पास सामुदायिक भवन, प्लाटपारा में शेड, कदमपारा में रोहित भोयर के घर के पास शेड, डोंगरीगुड़ा प्राथमिक शाला का नवीन भवन, शिवनाभाटा डेम में स्नानघाट, गौशाला मार्ग में सीसी सड़क और राजापारा में सामुदायिक भवन के पास रंगमंच निर्माण शामिल हैं, भूमिपूजित किए गए। ग्राम पंचायत बड़ेबेंदरी में 21.14 लाख रुपये की लागत से अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और प्राथमिक शाला काड़कीपारा में अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन हुआ, जबकि ग्राम पंचायत छोटेभिरावंड में 29.83 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन के सामने शेड, नवीन उच्च प्राथमिक शाला भवन और मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय शेड निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, जिनसे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 सफल वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार तीन कार्यकाल तक देश का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं, तथा उनके नेतृत्व में आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी कार्य हुए हैं। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।4
- नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में हाल ही में धर्मांतरण को लेकर हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने एक ग्रामसभा आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गांव में बढ़ते तनाव और सामाजिक मतभेदों को देखते हुए, ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि समुदाय विशेष से जुड़े बाहरी व्यक्तियों के गांव में बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोगों की गतिविधियों के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा था, जिससे स्थानीय लोगों के बीच असंतोष और तनाव पैदा हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए, ग्रामसभा में गांव की शांति, सामाजिक एकता और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही प्रशासन से अवांछित गतिविधियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इधर, प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कानून के दायरे में रहकर सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद गहरा गया है, जिसके समाधान हेतु आदिवासी समुदाय ने एक महत्वपूर्ण ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस ग्राम सभा में मतांतरित परिवारों को एक महीने का समय दिया गया है। आदिवासियों ने स्पष्ट प्रस्ताव रखा है कि इन परिवारों को या तो ईसाई धर्म को मानना छोड़कर आदिवासी रीति-नीति को अपनाना होगा, नहीं तो उन्हें गाँव छोड़ना पड़ेगा।1
- सुकमा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कांग्रेस कार्यालय (राजीव भवन) में हुई लाखों की चोरी का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी हुआ शत-प्रतिशत सामान भी बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सुकमा पुलिस ने यह सफलता पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS) के कुशल निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा अभिषेक वर्मा व अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुकमा परमेश्वर तिलकवार के मार्गदर्शन में हासिल की है। थाना सिटी कोतवाली सुकमा द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के चलते, लाखों की इस चोरी के मामले का पर्दाफाश महज कुछ ही दिनों के भीतर कर दिया गया।1
- पाखनजूर के चौक में लगभग 6:30 बजे एक हाईवे वाहन और एक ट्रक के बीच जोरदार आमने-सामने की भिड़ंत हुई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि घटना की सूचना आसपास के लोगों में फैल गई।1