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- लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित क्रिएटिव एकेडमी में शनिवार को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस प्रतियोगिता में नन्हे बच्चों ने विभिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण कर अपनी प्रतिभा का बेहद आकर्षक प्रदर्शन किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर और शक्तिमान सहित कई प्रेरणादायक पात्रों का रूप धारण कर मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। इन नन्हे बच्चों ने न केवल अपनी सुंदर वेशभूषा का प्रदर्शन किया, बल्कि जिन पात्रों का रूप उन्होंने धारण किया था, उनके समाज के प्रति कर्तव्यों और भूमिकाओं के बारे में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ जानकारी साझा की। इसके साथ ही, जूनियर वर्ग के बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में रैंप वॉक कर वहां मौजूद सभी अभिभावकों और शिक्षकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. मनु कुमार गुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और मंच संचालन की क्षमता विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रमों को भी समान महत्व देता है। इस सफल आयोजन में खुशी कुमारी, अमृत कौर, निखिल वर्मा, राखी दास, प्रीति पाठक, ऋतु कुमारी, वर्षा कुमारी, मुस्कान परवीन, दीपक, सनिका, उमेश उरांव सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।2
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का आज सफल समापन हो गया। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह कोर्स 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया गया था। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डुरूवा, धनकारा सहित आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागी शामिल हुए।1
- लातेहार में देश की रक्षा करने वाले हमारे एक जवान की सड़क हादसे में हुई दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। इस घटना के बाद प्रशासन से आग्रह किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत जवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया जा रहा था। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें डुरूवा, धनकारा और उसके आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कोर्स के दौरान युवाओं को यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, फाइल प्रबंधन, मल्टीटास्किंग, डिवाइस कंट्रोल और इंटरनेट की बुनियादी जानकारियों के साथ-साथ एम.एस. वर्ड, पावर पॉइंट व एक्सेल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कंप्यूटर ज्ञान को डिजिटल युग में आत्मनिर्भर भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा शिविर जैसे अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 32वीं वाहिनी ने भविष्य में भी ऐसे जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप ग्राम पंचायत में बसे अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति बहुल नीचे दोना ग्राम के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव में नल-जल योजना की जलमीनार खड़ी है और बिजली के पोल, तार व ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं, लेकिन यह सारा ढांचा पूरी तरह से बेकार पड़ा हुआ है। आधुनिक युग के इस दौर में भी यहाँ के लोग पानी और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए तरसने को मजबूर हैं। गांव में सिंचाई की कोई सुविधा उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण पूरी तरह से वर्षा आधारित खेती के भरोसे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का कोई साधन न होने की वजह से ग्रामीणों को लगातार पलायन करना पड़ रहा है।1
- लोहरदगा के जंगल में पुटू की तलाश के दौरान अचानक एक गोजर सामने आ गया। जंगल के बीच पुटू खोजने की इस कोशिश के दौरान अचानक गोजर के सामने आ जाने से लोग बेहद हैरान और अचंभित नजर आए।1
- झारखंड के लोहरदगा में पुल नहीं होने का खामियाजा सामने आया है, जहां एक वाहन नदी में ही फंस गया। इलाके में पुल की कमी के कारण वाहन को इस तरह नदी के पानी में फंसना पड़ा है।1