झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनाक अपने परिवार के साथ पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा-राँची नेशनल हाईवे के किनारे बंदगांव प्रखंड क्षेत्र की टेबो घाटी में स्थित प्रसिद्ध हिरणी जलप्रपात पहुंचे। भ्रमण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने इस जलप्रपात की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हिरणी जलप्रपात परिसर में पौधारोपण भी किया। मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर उनका पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और मौके पर जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, बीडीओ भीषम कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनाक झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पूर्व वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनाक अपने परिवार के साथ पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा-राँची नेशनल हाईवे के किनारे बंदगांव प्रखंड क्षेत्र की टेबो घाटी में स्थित प्रसिद्ध हिरणी जलप्रपात पहुंचे। भ्रमण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने इस जलप्रपात की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हिरणी जलप्रपात परिसर में पौधारोपण भी किया। मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर उनका पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और मौके पर जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, बीडीओ भीषम कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनाक झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पूर्व वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
- झारखंड के खूंटपानी प्रखंड के एक जनप्रतिनिधि ने लोगों से अपने शरीर में होने वाली छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील की है। रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, जनप्रतिनिधि ने स्पष्ट किया है कि समय पर जांच और सही उपचार मिलने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी प्रभावी इलाज पूरी तरह संभव है। उन्होंने यह बात तब साझा की जब खूंटपानी प्रखंड के ही एक कैंसर पीड़ित मरीज ने मदद के लिए उनसे संपर्क किया। इस दौरान जनप्रतिनिधि ने मरीज को सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र मरीजों को कैंसर के इलाज के लिए ₹15 लाख तक की सरकारी सहायता मिल सकती है। इस योजना की जानकारी बहुत कम लोगों तक पहुंच पाई है, इसलिए उन्होंने जरूरतमंद लोगों से सहायता प्राप्त करने के लिए सीधे संपर्क करने का आग्रह किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि गंभीर बीमारी के लक्षण दिखते ही बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच कराएं, क्योंकि समय पर बीमारी की पहचान कर जीवन बचाया जा सकता है।3
- मुसाबनी प्रखंड की तेरेंगा पंचायत के कुम्हीरमुडी सागेन रास्का क्लब मैदान में एक महत्वपूर्ण ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें 14 मौजा के ग्राम प्रधान (माझी बाबा) उपस्थित हुए। इस बैठक का मुख्य मुद्दा कुम्हीरमुडी में एक नए माझी बाबा के चयन का विरोध करना था। दरअसल, गांव के कुछ परिवारों द्वारा वर्तमान ग्राम प्रधान घासीया किस्कु (माझी बाबा) के समानांतर करिया हाँसदा को नया ग्राम प्रधान नियुक्त करने की कोशिश की जा रही थी और इसके लिए प्रशासनिक विभाग में पत्राचार कर मान्यता लेने का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस विषय पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से पुराने माझी बाबा के पक्ष में निर्णय लिया और स्पष्ट किया कि एक गांव में दो ग्राम प्रधान नहीं हो सकते। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जगदीश वास्के (देश पिंडा पहता सॉन), रूबी हांसदा (तरफ पारगना), हिमांशु सोरेन, मेघराय सोरेन, प्रफुल्ल सोरेन, हरे कृष्ण मुर्मू, गोपाल सोरेन, सूर्य माझी, सुभाष गुडू, मंगल सिंह सोरेन, धीराम हेंब्रम और सुनील किस्कु सहित सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे।1
- सरायकेला-खरसवाँ जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत आदारडीह में प्रस्तावित एसएम स्टील प्लांट को लेकर विवाद गहरा गया है और इलाके में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस परियोजना में अपने हितों की उपेक्षा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।1
- पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश और झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के आलोक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल संचालन को लेकर सोमवार को एक बैठक आयोजित की गई। जिला उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त प्रकोष्ठ में हुई इस बैठक में जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में उपायुक्त ने जानकारी दी कि 22 जुलाई 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की तृतीय बैठक के साथ चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मतदाता सूची के प्रारूप एवं ASDD सूची का सत्यापन, दावे एवं आपत्तियों की समीक्षा, नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों के निष्पादन सहित निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न बिंदुओं पर कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की उपस्थिति सुनिश्चित करने और बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट को ECINet पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकें।1
- पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एक युवक को बिजली का जोरदार करंट लग गया है। इस दुर्घटना में युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया है।1