साइबर टीम की बड़ी कामयाबी: 24 घंटे में ₹6,500 वापस दिलाए सोनभद्र (दुद्धी)। साइबर ठगी और गलत ट्रांजेक्शन के मामलों में पुलिस की तत्परता एक बार फिर देखने को मिली। दुद्धी थाना की साइबर टीम ने तेज़ कार्रवाई करते हुए त्रुटिवश ट्रांसफर हुई ₹6,500 की पूरी रकम आवेदक को सुरक्षित वापस करा दी।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चल रहे साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी दुद्धी के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना दुद्धी व स्थानीय साइबर टीम ने त्वरित कदम उठाया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक धीरज कुमार पुत्र आत्मा प्रसाद, निवासी ग्राम धनौरा, थाना दुद्धी की ₹6,500 की धनराशि गलती से किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गई थी। पीड़ित ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।मामले में पुलिस टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर संबंधित बैंकों से पत्राचार किया और लाभार्थी खाताधारक से समन्वय स्थापित कर विधिक प्रक्रिया पूरी कराई ।परिणामस्वरूप पूरी धनराशि आवेदक के मूल बैंक खाते में वापस करा दी गई।इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम:प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह – थाना दुद्धी कांस्टेबल मन्तोष कुमार – थाना दुद्धी महिला कांस्टेबल संध्या यादव – थाना दुद्धी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर क्राइम थाने को सूचना दें। टोल फ्री हेल्पलाइन: 1930 ऑनलाइन शिकायत:एनसीआरपी पोर्टल यह कार्रवाई साबित करती है कि यदि समय पर शिकायत की जाए, तो साइबर ठगी की रकम वापस पाना पूरी तरह संभव है।
साइबर टीम की बड़ी कामयाबी: 24 घंटे में ₹6,500 वापस दिलाए सोनभद्र (दुद्धी)। साइबर ठगी और गलत ट्रांजेक्शन के मामलों में पुलिस की तत्परता एक बार फिर देखने को मिली। दुद्धी थाना की साइबर टीम ने तेज़ कार्रवाई करते हुए त्रुटिवश ट्रांसफर हुई ₹6,500 की पूरी रकम आवेदक को सुरक्षित वापस करा दी।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चल रहे साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी दुद्धी के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना दुद्धी व स्थानीय साइबर टीम ने त्वरित कदम उठाया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक धीरज कुमार पुत्र आत्मा प्रसाद, निवासी ग्राम धनौरा, थाना दुद्धी की ₹6,500 की धनराशि गलती से किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गई थी। पीड़ित ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।मामले में पुलिस टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर संबंधित बैंकों से पत्राचार किया और लाभार्थी खाताधारक से समन्वय स्थापित कर विधिक प्रक्रिया पूरी कराई ।परिणामस्वरूप पूरी धनराशि आवेदक के मूल बैंक खाते में वापस करा दी गई।इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम:प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह – थाना दुद्धी कांस्टेबल मन्तोष कुमार – थाना दुद्धी महिला कांस्टेबल संध्या यादव – थाना दुद्धी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर क्राइम थाने को सूचना दें। टोल फ्री हेल्पलाइन: 1930 ऑनलाइन शिकायत:एनसीआरपी पोर्टल यह कार्रवाई साबित करती है कि यदि समय पर शिकायत की जाए, तो साइबर ठगी की रकम वापस पाना पूरी तरह संभव है।
- सोनभद्र, 19 फरवरी 2026: जनपद सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र से 16 फरवरी 2026 को लापता हुई नाबालिग युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। युवती की तलाश में जुटी पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजनों के अनुसार, युवती 16 फरवरी को घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो मामले की सूचना शक्तिनगर थाना पुलिस को दी गई। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लापता युवती के परिजनों ने बताया कि युवती के पास एक मोबाइल फोन था, जो कथित तौर पर क्षेत्र के एक युवक द्वारा दिया गया था। आरोप है कि वह युवक लगातार युवती से फोन पर बात करता था। परिजन इस पूरे मामले में उस युवक की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए तो अहम सुराग मिल सकता है। घटना के बाद से परिवार में मातम जैसा माहौल है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द बेटी को सकुशल बरामद करने की गुहार लगा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग सहित संभावित स्थानों पर टीम भेजी गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही युवती का पता लगा लिया जाएगा।1
- जनपद सोनभद्र के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू परीक्षा को नकल विहीन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उ०प्र० ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। एसोसिएशन ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी डाला के सीएसआर के तहत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को बुधवार दोपहर 12 बजे त्रैमासिक पोषण किट का वितरण किया गया। यह वितरण डाला सेक्टर सी क्षेत्र में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर उड़ान सेवा समिति के सहयोग से किया गया। पोषण किट में मुरमुरा,गुड़,भुना चना अन्य पोषक सामग्री शामिल थी।यह पोषण किट कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को दिया गया। इस मौके पर दर्जनों बच्चे उनकी मातायें, उड़ान सेवा समिति एनजीओ की मीनू चौबे और मुख्य सेविका नेहा भी मौजूद थीं।3
- राबर्ट्सगंज विधानसभा के ग्राम पंचायत नरोखर के ग्रामीणों ने अपना दल एस के अल्पसंख्यक मंच जिलाध्यक्ष आसिफ अहमद और युवा मंच अध्यक्ष राबर्ट्सगंज लवकुश सिंह पटेल को खराब रोड के बारे में अवगत कराया। 1, अइलकर माइनर से नरोखर नहर टेल तक संपर्क मार्ग 2, जुलरहमान के घर से विरधी संपर्क मार्ग वाया बढ़उली संपर्क मार्ग 3, अइलकर माइनर से नरोखर तालाब तक1
- जनपद सोनभद्र में आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और पहचान चोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कई व्यक्तियों के नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बिना उनकी जानकारी के ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ लोगों को अपने नाम से जारी लाइसेंस की जानकारी परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर चेक करने के दौरान मिली। चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित व्यक्तियों ने कभी लाइसेंस के लिए आवेदन ही नहीं किया था। इसके बावजूद उनके आधार व अन्य पहचान पत्रों का उपयोग कर लाइसेंस जारी कर दिए गए। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल दलालों और विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। आरोप है कि लर्निंग लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस की प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो मिलान जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई। कई मामलों में परीक्षा दिए बिना ही लाइसेंस जारी कर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है और संदिग्ध लाइसेंसों की सूची तैयार की जा रही है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति के नाम पर फर्जी लाइसेंस जारी हुआ है तो वह तत्काल विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिन्हित किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने न केवल विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम जनता की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर कब तक कार्रवाई होती है।1