अमेठी के गौरीगंज स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में शनिवार को पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने विभिन्न थानों की क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराना तथा क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना था। बैठक में यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के सख्त निर्देश दिए गए। एसपी सरवणन टी. ने निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा के दौरान जिले के दुर्घटना संभावित और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को त्वरित राहत और सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही, रात्रि के समय सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारु रखने की हिदायत दी गई है, ताकि हादसों की संभावना को कम किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात/तिलोई दिनेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी लाइन्स श्वेताभ भास्कर, प्रभारी यातायात तथा चयनित थानों की क्रिटिकल कॉरिडोर पुलिस टीमें उपस्थित रहीं। पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया है।
अमेठी के गौरीगंज स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में शनिवार को पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने विभिन्न थानों की क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराना तथा क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना था। बैठक में यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के सख्त निर्देश दिए गए। एसपी सरवणन टी. ने निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा के दौरान जिले के दुर्घटना संभावित और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को त्वरित राहत और सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही, रात्रि के समय सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारु रखने की हिदायत दी गई है, ताकि हादसों की संभावना को कम किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात/तिलोई दिनेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी लाइन्स श्वेताभ भास्कर, प्रभारी यातायात तथा चयनित थानों की क्रिटिकल कॉरिडोर पुलिस टीमें उपस्थित रहीं। पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया है।
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी संजय चौहान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने औपचारिक मुलाकात के दौरान बरसात के मौसम में उत्पन्न जल निकासी और जलभराव की समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महेश सोनी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान कराया जाएगा ताकि आमजन को राहत मिल सके। महेश सोनी ने कहा कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रशासन के समक्ष उठाता रहेगा और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन के सहयोग से जल निकासी की समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में किसानों ने यूरिया खाद की बिक्री में कथित अनियमितताओं और कालाबाजारी का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि निर्धारित कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराने के बजाय दुकानदार जबरन अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि दो बोरी यूरिया खाद के साथ ₹850 लेने के अलावा किसानों को दो पैकेट जिंक भी अनिवार्य रूप से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जिंक खरीदने से मना किया जाता है तो यूरिया खाद देने से इनकार कर दिया जाता है। इस कथित मनमानी से किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खेती के सीजन में यूरिया की आवश्यकता अधिक होने के कारण वे मजबूरी में अतिरिक्त सामान खरीदने को विवश हो रहे हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ग्रुप केन्द्र अमेठी में सोमवार 27 जुलाई 2026 को सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप केन्द्र परिसर में स्थापित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस अवसर पर श्री मदन कुमार, डी.आई.जी. ग्रुप केन्द्र अमेठी, श्री पी.के. राय, डी.आई.जी. (चिकित्सा) और श्री विनय कुमार त्रिपाठी, कमाण्डेंट आर.टी.सी. अमेठी सहित सीआरपीएफ के सभी अधिकारी व जवान उपस्थित थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद क्वार्टर गार्ड पर डी.आई.जी. मदन कुमार को विशेष गार्ड द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर डी.आई.जी. मदन कुमार ने उपस्थित अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 1939 को मध्य प्रदेश के नीमच शहर में 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' के नाम से इस बल का गठन हुआ था। आजादी के बाद 28 दिसंबर 1949 को अधिनियम के जरिए इसका नाम 'केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल' रखा गया और 'सेवा और निष्ठा' के सिद्धांत के साथ यह भारत का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल बना। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ग्रुप केन्द्र प्रांगण में सैनिक सम्मेलन, खेल प्रतियोगिताएं और बड़े खाने का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों के साथ उनके परिजनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे दिन परिसर में देशभक्ति का माहौल रहा।1
- अमेठी में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत थाना जामो पुलिस और स्वाट टीम की अंतर्जनपदीय गोकशों से मुठभेड़ हो गई। ग्राम पूरे दृगपाल के पास हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक घायल शातिर बदमाश समेत कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में घायल अभियुक्त मो0 मोसिन (पुत्र मेहबुल्ला, निवासी ग्राम इमामगंज, थाना बंधुआ कलां, जनपद सुलतानपुर) को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मौके से 1 तमंचा, 1 जिन्दा कारतूस, 1 खोखा कारतूस 315 बोर, 1 लकड़ी का ठीहा, 2 चाकू, 1 पेंचकश, 3 रस्सी, 5 चटाईनुमा प्लास्टिक के बोरे, 1 काली पन्नी तिरपालनुमा और 1 टार्च बरामद की है। पुलिस टीम जब क्षेत्र में गश्त पर थी, तब मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग गड्ढे में जानवरों को बांधकर गोकशी की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस द्वारा घेराबंदी करने पर बदमाशों में से एक ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने 3 अन्य अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया, जबकि 1 अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पूछताछ में सामने आया कि राजेश (निवासी दतनपुर मजरे कटारी, थाना जामो) गोवंशीय पशुओं को एकत्रित करके इन्हें गोकशी के लिए बुलाता था। गोकशी के बाद मांस को आसपास के जिलों में और बड़े गोवंशीय पशुओं को ले जाकर बिहार, बंगाल व झारखंड में बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार घायल अभियुक्त मो0 मोसिन एक शातिर अंतर्जनपदीय अपराधी है, जो थाना बंधुआ कलां जनपद सुलतानपुर का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ अमेठी और सुलतानपुर में गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास के तहत कुल 4 मामले दर्ज हैं। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को एसपी अमेठी द्वारा ₹20,000 नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है। मामले में थाना जामो पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।3
- अमेठी के नगर पालिका परिषद गौरीगंज स्थित वार्ड नंबर 1 में सड़क पुनर्निर्माण और जर्जर विद्युत तारों को बदलने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने सोमवार को सांसद किशोरी लाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। यह सड़क कांग्रेस कार्यालय की ओर जाती है और काफी समय से खस्ताहाल स्थिति में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दिनों में यहां आवागमन बेहद कठिन हो जाता है, वहीं जर्जर बिजली के तार दुर्घटना की आशंका को बढ़ाते हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सांसद किशोरी लाल शर्मा ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण और विद्युत तारों के नवीनीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने सर्वसम्मति से क्षेत्र का नाम "राजीव नगर" रखने का भी निर्णय लिया, जिससे मोहल्ले को नई पहचान मिल सके। कार्यक्रम में महेश शुक्ला (एडवोकेट), दिलीप सिंह कौसिक, रमेश चन्द्र मिश्र, अनिल कुमार सिंह (फौजी), रामलाल तिवारी और अखिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं मौजूद रहीं। अंत में लोगों ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई।1
- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हैं, लेकिन अमेठी में राजनीतिक हलचल अभी से तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शादी-विवाह, शोक सभाओं और तेरहवीं जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होकर जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इसी बीच, अमेठी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक महराजी प्रजापति ने जनता से संपर्क साधने का एक अलग तरीका अपनाया है। उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं को बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों का वितरण शुरू किया है, जिससे अब तक 4,000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है। इंडक्शन चूल्हा वितरण के बाद अमेठी में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति ने चुनावी कनेक्शन की बात को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि विधायक जी अपनी निजी सैलरी से यह कार्य करा रही हैं। महंगाई और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को देखते हुए गरीब महिलाओं को राहत देने के उद्देश्य से यह चूल्हे बांटे जा रहे हैं, इसलिए इसे विधानसभा चुनाव से जोड़ना गलत है।4
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के त्रिलोकपुर ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक श्रद्धा मिश्रा का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में श्रद्धा मिश्रा अभिभावकों के साथ गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। यह घटना अमेठी के गौरीगंज उप-जिले में स्थित विद्यालय की है। वीडियो में प्रधानाध्यापक का व्यवहार बेहद आक्रामक और अपमानजनक दिखाई दे रहा है। इस वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। अभिभावक और स्थानीय निवासी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक का ऐसा व्यवहार निंदनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस घटना के बाद से विद्यालय में तनाव का माहौल है। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग इस वायरल वीडियो की जांच में जुटा हुआ है। यह देखा जाना बाकी है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और प्रधानाध्यापक श्रद्धा मिश्रा के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- अमेठी थाना संग्रामपुर क्षेत्र के पूरे हरिवंश, ठेंगहा गांव में रविवार मध्य रात्रि एक खेत में बने करीब 10 फुट गहरे पुराने कुएं में एक सांड गिर गया। सोमवार सुबह सांड की आवाज सुनकर ग्रामीण मुन्ना पाण्डेय, जगदंबा मिश्र और पवन मिश्रा मौके पर पहुंचे। कुएं में सांड को छटपटाता देख उन्होंने तत्काल डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। ग्राम पंचायत सचिव मिथिलेश यादव भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य में सहयोग किया। फायर ब्रिगेड के नेतृत्व में विशुल त्रिपाठी, चालक राम प्रवेश तथा फायरमैन गुलाब सिंह, अरविन्द और रोहित ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर और मजबूत रस्सियों का सहारा लेकर सांड को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सांड को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। बाहर निकलते ही सांड तेजी से खेतों की ओर भाग गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर किए गए संयुक्त प्रयास से एक बेजुबान पशु की जान बच गई। उन्होंने राहत एवं बचाव दल तथा प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसे खुले और असुरक्षित कुओं को सुरक्षित कराने की भी मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3