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केंद्रीय बजट 2026-27 : कौशल, तकनीक और रोजगार से विकसित भारत की मजबूत नींव : बस्तर सांसद महेश कश्यप केंद्रीय बजट 2026-27 : कौशल, तकनीक और रोजगार से विकसित भारत की मजबूत नींव : बस्तर सांसद महेश कश्यप

1 hr ago
user_SAMYAK NAHATA
SAMYAK NAHATA
Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago
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केंद्रीय बजट 2026-27 : कौशल, तकनीक और रोजगार से विकसित भारत की मजबूत नींव : बस्तर सांसद महेश कश्यप केंद्रीय बजट 2026-27 : कौशल, तकनीक और रोजगार से विकसित भारत की मजबूत नींव : बस्तर सांसद महेश कश्यप

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  • दुर्गूकोदल, कांकेर, छत्तीसगढ़। भानुप्रतापपुर मंडल अंतर्गत वनमंडलाधिकारी भानुप्रतापपुर के निर्देशन में वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल में इन दिनों वन संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए वन विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए विभाग का पूरा अमला सक्रिय होकर कार्य कर रहा है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल के अंतर्गत कुल 34 बीट तथा 9 परिक्षेत्र आते हैं। इन सभी क्षेत्रों में वन संपदा की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उनके नेतृत्व में वन विभाग का समस्त स्टाफ दिन और रात लगातार गश्त कर रहा है तथा किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरत रहा है। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र में यदि कहीं भी आग लगने की सूचना मिलती है तो वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करती है। त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जंगलों में फैलने वाली आग को समय रहते नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल के अंतर्गत कुल 34 फायर वाचर एवं अग्नि पहरी तैनात किए गए हैं, जो दिन-रात जंगलों में निगरानी कर रहे हैं। इनका मुख्य कार्य जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकना तथा किसी भी प्रकार की आग की स्थिति में तुरंत सूचना देकर आग बुझाने में सहयोग करना है। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग जंगलों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। वनपरिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी जंगल में आग लगती दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जंगल केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। “मां वन” की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से जंगलों में आग लगाने या लापरवाही बरतने से बचने की भी अपील की और कहा कि सभी के सहयोग से ही वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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    दुर्गूकोदल, कांकेर, छत्तीसगढ़।
भानुप्रतापपुर मंडल अंतर्गत वनमंडलाधिकारी भानुप्रतापपुर के निर्देशन में वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल में इन दिनों वन संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए वन विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए विभाग का पूरा अमला सक्रिय होकर कार्य कर रहा है।
वनपरिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल के अंतर्गत कुल 34 बीट तथा 9 परिक्षेत्र आते हैं। इन सभी क्षेत्रों में वन संपदा की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उनके नेतृत्व में वन विभाग का समस्त स्टाफ दिन और रात लगातार गश्त कर रहा है तथा किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरत रहा है।
उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र में यदि कहीं भी आग लगने की सूचना मिलती है तो वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करती है। त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जंगलों में फैलने वाली आग को समय रहते नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल के अंतर्गत कुल 34 फायर वाचर एवं अग्नि पहरी तैनात किए गए हैं, जो दिन-रात जंगलों में निगरानी कर रहे हैं। इनका मुख्य कार्य जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकना तथा किसी भी प्रकार की आग की स्थिति में तुरंत सूचना देकर आग बुझाने में सहयोग करना है। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग जंगलों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
वनपरिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी जंगल में आग लगती दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जंगल केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। “मां वन” की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से जंगलों में आग लगाने या लापरवाही बरतने से बचने की भी अपील की और कहा कि सभी के सहयोग से ही वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है।
    user_डिकेश शर्मा
    डिकेश शर्मा
    संवाददाता दुर्गकोंदल, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • छतरपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती पकड़ी और उसे नष्ट कर
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    छतरपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती पकड़ी और उसे नष्ट कर
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    अर्जुंदा, बालोद, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • पश्चिम के युद्ध के बीच में सदन में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह में ऐसा क्या कुछ कहा कि हो गया बवाल
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    पश्चिम के युद्ध के बीच में सदन में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह में ऐसा क्या कुछ कहा कि हो गया बवाल
    user_Aman Prakash
    Aman Prakash
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में एक साल में 400 बच्चे अब भी लापता! देश में 6वें नंबर पर राज्य, लड़कियों की संख्या अधिक राज्य से इस अवधि के दौरान 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 400 बच्चे अब भी लापता हैं। देश में बच्चों के लापता होने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से अधिकांश बच्चों को पुलिस और प्रशासन की मदद से ढूंढ लिया गया, लेकिन 7,777 बच्चे अब भी लापता हैं
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    छत्तीसगढ़ में एक साल में 400 बच्चे अब भी लापता! देश में 6वें नंबर पर राज्य, लड़कियों की संख्या अधिक
राज्य से इस अवधि के दौरान 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 400 बच्चे अब भी लापता हैं।
देश में बच्चों के लापता होने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से अधिकांश बच्चों को पुलिस और प्रशासन की मदद से ढूंढ लिया गया, लेकिन 7,777 बच्चे अब भी लापता हैं
    user_Sooraj singh
    Sooraj singh
    Student Raipur, Chhattisgarh•
    11 hrs ago
  • 24 अगस्त 2021 का क्लिप।
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    24 अगस्त 2021 का क्लिप।
    user_जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810.
    Social club दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • जागो देशवासियों
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    जागो देशवासियों
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Farmer बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • Post by SAHIL Bhagat
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    Post by SAHIL Bhagat
    user_SAHIL Bhagat
    SAHIL Bhagat
    राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • बाजना वन विभाग ने मनाया गया रंग पंचमी का पर्व सभी ने एक दूसरे को दी शुभकामनाएं
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    बाजना वन विभाग ने मनाया गया रंग पंचमी का पर्व सभी ने एक दूसरे को दी शुभकामनाएं
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    अर्जुंदा, बालोद, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • युद्ध की स्थिति में ऊर्जा संकट भारत में दिखने लगा
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    युद्ध की स्थिति में ऊर्जा संकट भारत में दिखने लगा
    user_Aman Prakash
    Aman Prakash
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
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