विदुषी दीक्षा व्ही यांनी एका असाधारण भरतनाट्यम सादरीकरणासह इतिहास रचला एक किमीमी विदुषी दीक्षा व्ही यांनी एका असाधारण भरतनाट्यम सादरीकरणासह इतिहास रचला आहे, ज्याने सर्वांचे लक्ष वेधून घेतले आहे. उडुपी येथील बी.एड ची ही विद्यार्थिनी तब्बल ९ दिवस सलग २१६ तास भरतनाट्यम सादर करून १७० तासांचा जुना विक्रम मोडला आहे. तिची ही मॅरेथॉन कामगिरी २१ ऑगस्ट रोजी सुरू झाली आणि ३० ऑगस्ट रोजी समाप्त झाली, ज्यासाठी शास्त्रीय नृत्याप्रति असाधारण तयारी, एकाग्रता आणि समर्पणाची गरज होती. अहवालानुसार, या कामगिरीची नोंद 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स'ने घेतली आहे. हा दीक्षासाठी एक संस्मरणीय टप्पा ठरला असून यामुळे उडुपीच्या सांस्कृतिक समुदायाकडेही सर्वांचे लक्ष गेले आहे. भरतनाट्यम ही भारताच्या सर्वात जुन्या शास्त्रीय नृत्यपरंपरांपैकी एक आहे, ज्यामध्ये ताल, भावना (अभिनय), कथाकथन आणि अत्यंत शिस्तबद्ध हालचालींचा समावेश होतो. या कलेत प्रविणता मिळवण्यासाठी वर्षानुवर्षांचे कठोर प्रशिक्षण लागते, त्यामुळे अशा स्तरावर सहनशक्तीवर आधारित सादरीकरण करणे खरोखरच उल्लेखनीय आहे. विक्रमाव्यतिरिक्त, दीक्षाची ही कामगिरी तरुण पिढीमध्ये भारताच्या शास्त्रीय कलांबद्दल असलेली आवड दर्शवते. तिचा हा प्रवास हे सिद्ध करतो की पारंपारिक कलाप्रकार आपल्या सांस्कृतिक मुळांशी जोडलेले राहूनही नवीन प्रेक्षकांपर्यंत कसे पोहोचू शकतात. रेकॉर्ड्स कदाचित कालांतराने मोडले जातील, परंतु त्यासाठी लागणारी शिस्त कायमस्वरूपी छाप पाडते. 7
विदुषी दीक्षा व्ही यांनी एका असाधारण भरतनाट्यम सादरीकरणासह इतिहास रचला एक किमीमी विदुषी दीक्षा व्ही यांनी एका असाधारण भरतनाट्यम सादरीकरणासह इतिहास रचला आहे, ज्याने सर्वांचे लक्ष वेधून घेतले आहे. उडुपी येथील बी.एड ची ही विद्यार्थिनी तब्बल ९ दिवस सलग २१६ तास भरतनाट्यम सादर करून १७० तासांचा जुना विक्रम मोडला आहे. तिची ही मॅरेथॉन कामगिरी २१ ऑगस्ट रोजी सुरू झाली आणि ३० ऑगस्ट रोजी समाप्त झाली, ज्यासाठी शास्त्रीय नृत्याप्रति असाधारण तयारी, एकाग्रता आणि समर्पणाची गरज होती. अहवालानुसार, या कामगिरीची नोंद 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स'ने घेतली आहे. हा दीक्षासाठी एक संस्मरणीय टप्पा ठरला असून यामुळे उडुपीच्या सांस्कृतिक समुदायाकडेही सर्वांचे लक्ष गेले आहे. भरतनाट्यम ही भारताच्या सर्वात जुन्या शास्त्रीय नृत्यपरंपरांपैकी एक आहे, ज्यामध्ये ताल, भावना (अभिनय), कथाकथन आणि अत्यंत शिस्तबद्ध हालचालींचा समावेश होतो. या कलेत प्रविणता मिळवण्यासाठी वर्षानुवर्षांचे कठोर प्रशिक्षण लागते, त्यामुळे अशा स्तरावर सहनशक्तीवर आधारित सादरीकरण करणे खरोखरच उल्लेखनीय आहे. विक्रमाव्यतिरिक्त, दीक्षाची ही कामगिरी तरुण पिढीमध्ये भारताच्या शास्त्रीय कलांबद्दल असलेली आवड दर्शवते. तिचा हा प्रवास हे सिद्ध करतो की पारंपारिक कलाप्रकार आपल्या सांस्कृतिक मुळांशी जोडलेले राहूनही नवीन प्रेक्षकांपर्यंत कसे पोहोचू शकतात. रेकॉर्ड्स कदाचित कालांतराने मोडले जातील, परंतु त्यासाठी लागणारी शिस्त कायमस्वरूपी छाप पाडते. 7
- रस्ते स्वच्छ करा, कचरा हटवा—नगरपालिका, जागी व्हा! गल्ली-गल्ली स्वच्छ ठेवू, कचरा कुठेही टाकू नको! जनतेनेही साथ द्यावी, स्वच्छतेची शपथ घ्यावी! नगरपालिका आणि जनता—दोघांनी आपली जबाबदारी निभवावी! स्वच्छ शहर, आमचा हक्क—एकजुटीने करूया पक्का संकल्प! रस्ते स्वच्छ करा, कचरा हटवा—नगरपालिका, जागी व्हा! गल्ली-गल्ली स्वच्छ ठेवू, कचरा कुठेही टाकू नको! जनतेनेही साथ द्यावी, स्वच्छतेची शपथ घ्यावी! नगरपालिका आणि जनता—दोघांनी आपली जबाबदारी निभवावी! स्वच्छ शहर, आमचा हक्क—एकजुटीने करूया पक्का संकल्प!1
- “हिंदू रक्षक” पर गंभीर आरोप! फ्री खाना और हफ्ता वसूली का दावा? | Public Mudda “हिंदू रक्षक” पर गंभीर आरोप! फ्री खाना और हफ्ता वसूली का दावा? | Public Mudda1
- 14वीं मंजिल से गिरी, सिर सलामत रहा? 6 साल बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा - ये कैसी जांच थी? मुंबई, 16 सितंबर सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान मामले में 6 साल बाद फिर भूचाल आ गया है। सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट में क्या हुआ? - वीडियो में किए गए दावे 1. मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल: कोर्ट ने पूछा कि 14वीं मंजिल यानी करीब 150 फीट की ऊंचाई से गिरने पर किसी का सिर्फ सामने का दांत कैसे टूट सकता है? इतनी ऊंचाई से गिरने पर खोपड़ी में फ्रैक्चर क्यों नहीं हुआ? 2. खून वाला बहाना फेल: सरकारी वकील ने कहा कि बारिश में खून बह गया। कोर्ट ने मौसम विभाग का रिकॉर्ड दिखाया कि घटना आधी रात को हुई थी और बारिश सुबह 9:40 बजे शुरू हुई थी। बीच में 8 घंटे का गैप था तो खून कैसे बह गया? 3. फॉरेंसिक में भारी लापरवाही का आरोप: वीडियो में आरोप लगाया गया है कि - • दिशा के नाखूनों के सैंपल सुरक्षित नहीं रखे गए • पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की गई • पोस्टमार्टम 2-3 डॉक्टरों के पैनल ने नहीं, अकेले डॉक्टर ने किया • मौत 8 जून को हुई और पोस्टमार्टम 3 दिन बाद 11 जून को किया गया सुशांत केस से क्या कनेक्शन बताया गया? वीडियो में कहा गया है कि 8 जून को दिशा की खबर आने के बाद 9 से 14 जून तक सुशांत बहुत घबराए हुए थे। 14 जून को जब उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो चाबी वाले को बुलाया गया, लेकिन ताला खुलते ही उसे अंदर देखे बिना ही बाहर भेज दिया गया। फ्लैट को तुरंत सील नहीं किया गया, जिससे कई सबूत कमजोर हो गए। दूसरा पहलू भी जान लीजिए इस याचिका में दिशा के पिता ने इंसाफ की मांग की है। याचिका में कुछ बड़े राजनीतिक और फिल्मी लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। वहीं जिन पर आरोप लगे हैं उनका हमेशा से कहना रहा है कि ये सब राजनीति से प्रेरित है और उनकी छवि खराब करने की साजिश है। कानून के हिसाब से याचिका में नाम आने से ही कोई दोषी नहीं हो जाता। दोष तब तक साबित नहीं होता जब तक पक्के वैज्ञानिक और डिजिटल सबूत कोर्ट में साबित न हो जाएं। इससे पहले एम्स की मेडिकल टीम ने सुशांत मामले को आत्महत्या ही बताया था। अब सबकी नजर इस बात पर है कि 6 साल बाद क्या सच सामने आ पाएगा।1
- ठाणे गणेशोत्सव: पर्यावरण संरक्षण के लिए 'इको विसर्जन' ऐप पर मूर्तियों का पंजीकरण अनिवार्य ठाणे गणेशोत्सव: पर्यावरण संरक्षण के लिए 'इको विसर्जन' ऐप पर मूर्तियों का पंजीकरण अनिवार्य ठाणे: इस वर्ष गणेशोत्सव को लेकर ठाणे महानगरपालिका की ओर से नागरिकों से विशेष अपील की गई है। महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने ठाणेकरों से आग्रह किया है कि त्योहार को उत्साह और भक्ति के साथ मनाने के साथ-साथ शहर के पर्यावरण और स्वच्छता को भी संरक्षित किया जाए। नागरिकों की सुविधा और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ठाणे महानगरपालिका ने 'इको विसर्जन' ऐप की शुरुआत की है। इस नए नियम के तहत, इस वर्ष से हर घर में स्थापित होने वाली गणेश मूर्ति को 'इको विसर्जन' ऐप पर रजिस्टर करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐप की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं इस ऐप के माध्यम से नागरिकों को निम्नलिखित जानकारियां आसानी से उपलब्ध होंगी: कृत्रिम तालाबों की लोकेशन विसर्जन कुंड की जानकारी घूमता हुआ विसर्जन वाहन निर्माल्य संग्रह वाहनों की लाइव जानकारी मूर्ति विक्रेताओं के लिए निर्देश महानगरपालिका ने सभी गणेश मूर्ति विक्रेताओं से भी अनुरोध किया है कि वे भक्तों को मूर्तियां सौंपने या उनके रिलीज होने से पहले खुद को 'इको विसर्जन' ऐप पर पंजीकृत कर लें। विशेष संदेश: "आइए बप्पा की भक्ति के साथ प्रकृति की सेवा भी करें और गणेशोत्सव को इको-फ्रेंडली, स्वच्छ और अनुशासनित बनाने के लिए 'इको विसर्जन' ऐप का अधिक से अधिक प्रयोग करें।"1
- मुम्ब्रा में फेरीवालों को कब मिलेगी जगह? यूसुफ फारूक खान ने उठाया बड़ा सवाल मुम्ब्रा में फेरीवालों को कब मिलेगी जगह? यूसुफ फारूक खान ने उठाया बड़ा सवाल1
- Nashe Per kab Lagegi Lagam ! Yuvak Per hamla ! Baiganwadi Road No 8 Govandi l1
- ब्रेकिंग न्यूज़ — नवी मुंबई में गैस सिलेंडर धमाका..........1
- मुंबई E वार्ड में मनपा का बड़ा एक्शन! मदनपुरा-नाकपाड़ा में अतिक्रमण पर कार्रवाई मुंबई E वार्ड में मनपा का बड़ा एक्शन! मदनपुरा-नाकपाड़ा में अतिक्रमण पर कार्रवाई1